वाराणसी जंक्शन पर सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता
भारतीय रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और उनके सामान की हिफाजत के लिए रेलवे पुलिस लगातार सतर्कता बरत रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के प्रमुख और व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में शुमार वाराणसी जंक्शन (कैंट स्टेशन) पर जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) और आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। चेकिंग के दौरान सुरक्षाबलों ने एक शातिर चोर को धर दबोचा, जिसके पास से चोरी का एक महंगा 5जी स्मार्टफोन बरामद किया गया है। बरामद किए गए मोबाइल की बाजार में कीमत करीब 25 हजार रुपये आंकी जा रही है।
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब रेलवे प्रशासन द्वारा त्योहारी सीजन और आगामी यात्रा सीजन को देखते हुए अपराधियों पर लगाम कसने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का साफ निर्देश है कि स्टेशन परिसर में संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा या वित्तीय नुकसान का सामना न करना पड़े।
कैसे हुई आरोपी की गिरफ्तारी? पूरी घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देशों के तहत जीआरपी और आरपीएफ की एक संयुक्त टीम वाराणसी जंक्शन के विभिन्न प्लेटफार्मों, प्रतीक्षालयों और सर्कुलेटिंग एरिया में गश्त कर रही थी। अभियान का मुख्य उद्देश्य आपराधिक तत्वों की धरपकड़ और चोरी जैसी वारदातों पर अंकुश लगाना था।
गश्त के दौरान जब पुलिस टीम प्लेटफॉर्म नंबर एक से यात्री हॉल की तरफ होते हुए सिग्नल ऑफिस की ओर बढ़ रही थी, तो दक्षिण दिशा में स्थित एक नीम के पेड़ के पास एक युवक की गतिविधियां अत्यंत संदिग्ध लगीं। पुलिस को देखते ही वह युवक वहां से खिसकने की कोशिश करने लगा। उसकी संदिग्ध चाल-ढाल को भांपते हुए सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाई और उसे तुरंत घेरकर हिरासत में ले लिया।
कड़ाई से पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
हिरासत में लिए गए युवक से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की और उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से वीवो (Vivo) कंपनी का एक काले रंग का आधुनिक 5जी स्मार्टफोन बरामद हुआ। हैरानी की बात यह थी कि उस मोबाइल फोन के अंदर कोई भी सिम कार्ड नहीं डाला गया था, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि आरोपी पुलिस या अन्य लोगों की नजरों से बचने के लिए शातिर तरीके से तकनीक का इस्तेमाल कर रहा था या सिम निकालकर फोन को छिपाने की फिराक में था।
तलाशी के बाद पुलिस ने तुरंत मोबाइल के आईएमईआई (IMEI) नंबर की तकनीकी जांच शुरू की। दस्तावेजों और डेटाबेस से मिलान करने पर चौंकाने वाला सच सामने आया। यह वही मोबाइल फोन था जिसके संबंध में थाना जीआरपी कैंट में पहले से ही एक मुकदमा दर्ज था।
मुकदमे में बढ़ाई गईं गंभीर धाराएं
पुलिस रिकॉर्ड की छानबीन में यह बात स्पष्ट हुई कि बरामद किया गया वीवो 5जी मोबाइल थाना जीआरपी कैंट में दर्ज मुकदमा संख्या 23/2026, धारा 305(C) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) से संबंधित है। यह मामला पहले से ही चोरी के आरोप में दर्ज चल रहा था। जब इस फोन की बरामदगी पुख्ता हो गई, तो विवेचना के दौरान इस मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी कर दी गई है, जो चोरी की संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करने या छिपाने से जुड़ी है।
पुलिस ने मोबाइल को अपने कब्जे में लेकर नियमानुसार विधिवत रूप से सील कर दिया है और इसे साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित रख लिया गया है।
आरोपी की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि
पकड़े गए शातिर युवक ने पूछताछ में अपनी पहचान उजागर की। उसने अपना नाम अजय कुमार बताया, जिसकी उम्र महज 21 वर्ष है। आरोपी के पिता का नाम लक्ष्मण राम है। वह मूल रूप से बिहार राज्य के कैमूर (भभुआ) जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत सिया पोखर गांव का रहने वाला है। कम उम्र में ही इस तरह के आपराधिक मामलों में संलिप्त पाया जाना यह दर्शाता है कि कैसे बाहरी राज्यों से आकर अपराधी रेलवे स्टेशनों को अपना सॉफ्ट टारगेट बनाते हैं।
कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी की विधिवत सूचना उसके परिजनों (विशेषकर उसके भाई) को दे दी है। इसके बाद आरोपी को स्थानीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे नियमानुसार आगे की न्यायिक प्रक्रिया के तहत भेज दिया गया है।
शीर्ष अधिकारियों के मार्गदर्शन में चल रहा है अभियान
इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने के पीछे रेलवे पुलिस के उच्चाधिकारियों की सख्त रणनीति और मॉनिटरिंग शामिल है। पुलिस महानदेशक रेलवे प्रकाश डी, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे प्रयागराज एन. कोलंची, और पुलिस अधीक्षक रेलवे प्रशांत वर्मा के स्पष्ट निर्देश हैं कि रेलवे परिसरों में अपराध मुक्त माहौल सुनिश्चित किया जाए।
इसी कड़ी में पुलिस उपाधीक्षक रेलवे वाराणसी कुँवर प्रभात सिंह के कुशल पर्यवेक्षण और जीआरपी कैंट प्रभारी निरीक्षक रजोल नागर के नेतृत्व में यह पूरी ऑपरेशनल कार्रवाई की गई।
ऑपरेशन में शामिल प्रमुख पुलिसकर्मी
इस शातिर अपराधी को दबोचने और मामले का सफल अनावरण करने वाली संयुक्त टीम में निम्नलिखित पुलिसकर्मी शामिल रहे:
- प्रभारी निरीक्षक: रजोल नागर (थाना जीआरपी कैंट)
- उपनिरीक्षक: राम नारायण शुक्ला
- हेड कांस्टेबल: अनुरोध कुमार
- कांस्टेबल: उमाकांत यादव, इंद्रजीत, विष्णुशरण तिवारी
- सीआईबी / आरपीएफ टीम: सतीश यादव और वीरेंद्र
यात्रियों के लिए जरूरी सुरक्षा संदेश
इस घटना के बाद रेलवे पुलिस ने एक बार फिर आम यात्रियों से अपील की है कि वे सफर के दौरान अपने कीमती सामान, विशेषकर मोबाइल फोन और लैपटॉप की खुद भी सुरक्षा करें। भीड़भाड़ वाले इलाकों में फोन का इस्तेमाल करते समय अत्यधिक सतर्क रहें। यदि किसी भी यात्री का सामान चोरी होता है या कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आता है, तो तुरंत नजदीकी जीआरपी या आरपीएफ चौकी से संपर्क करें या रेलवे हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। पुलिस की यह सतर्कता दर्शाती है कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।