उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र कहे जाने वाले वाराणसी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक निजी गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली 12वीं की एक छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में छत से नीचे आ गिरी। इस दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई छात्रा ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृत छात्रा ओडिशा की रहने वाली थी और वाराणसी में रहकर अपनी स्कूली शिक्षा पूरी कर रही थी। इस घटना के बाद से हॉस्टल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस महकमे में भी सनसनी फैल गई है। सुरक्षा व्यवस्था और हॉस्टल की कार्यप्रणाली पर भी अब सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं।
ओडिशा से वाराणसी पढ़ने आई थी अनामिका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना वाराणसी के लोहता थाना क्षेत्र के धन्नीपुर गांव स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल की है। मृतका की पहचान 18 वर्षीय अनामिका एक्का के रूप में हुई है, जो मूल रूप से ओडिशा के राउरकेला स्थित बिसरा थाना क्षेत्र के संतोषपुर गांव की रहने वाली थी। अनामिका के पिता का नाम बेनीड एक्का है। वह वाराणसी के चांदपुर स्थित एक प्रतिष्ठित कॉलेज में कक्षा 12वीं की छात्रा थी और अपनी पढ़ाई के सिलसिले में ही धन्नीपुर के इस गर्ल्स हॉस्टल में रहकर हॉस्टल का जीवन जी रही थी। एक होनहार बेटी का इस तरह परदेस में अचानक दुनिया से चले जाना उसके परिवार के लिए एक ऐसा वज्रपात है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती।
रात के सन्नाटे में हुई संदिग्ध घटना
घटना की जो विवरण सामने आए हैं, उनके मुताबिक रविवार की रात लगभग 12 बजे का वक्त था। चारों तरफ खामोशी छाई हुई थी कि तभी हॉस्टल के पीछे की छत से एक तेज आवाज आई। जब वहां के लोगों ने जाकर देखा तो अनामिका संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे लहूलुहान हालत में पड़ी हुई थी। इस भयानक दृश्य को देखकर हॉस्टल में मौजूद अन्य छात्राओं और स्टाफ के होश उड़ गए। आनन-फानन में इसकी सूचना हॉस्टल की वॉर्डन को दी गई। बिना एक भी पल गंवाए वॉर्डन ने अपनी सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत घायल छात्रा को कोरौता-गोपालपुर स्थित सेंट मैरिज अस्पताल पहुंचाया।
सेंट मैरिज अस्पताल में डॉक्टरों ने जब अनामिका की गंभीर स्थिति को देखा, तो उन्होंने प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत वाराणसी के मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के लिए रेफर कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, छात्रा के सिर और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर अंदरूनी गंभीर चोटें आईं थीं। मंडलीय अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उसकी जान बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया, लेकिन सोमवार की दोपहर आते-आते जिंदगी और मौत के बीच चल रही इस जंग में अनामिका हार गई और उसने हमेशा के लिए अपनी आंखें मूंद लीं।
पिता का बयान और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। अस्पताल से मिली सूचना के आधार पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए शिवपुर भेज दिया गया। घटना की खबर पाकर ओडिशा से मृतका के पिता भी बदहवास हालत में लोहता थाने पहुंचे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में मृतका के पिता ने पुलिस से फिलहाल किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई न करने की बात कही है। पिता ने यह भी साझा किया कि अनामिका की बड़ी बहन भी इसी हॉस्टल में रहकर पहले अपनी पढ़ाई पूरी कर चुकी है, जिसके चलते परिवार का इस संस्थान पर पुराना भरोसा था।
फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने खंगाले साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के आला अधिकारी तुरंत मौके पर एक्टिव हो गए। सूचना मिलते ही एडीसीपी वरुणा जोन, एसीपी रोहनिया और लोहता थानाध्यक्ष भारी पुलिस बल के साथ धन्नीपुर स्थित गर्ल्स हॉस्टल पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले अनामिका के कमरे की बारीकी से छानबीन की। उसके कमरे से एक छोटा बैग और कुछ पढ़ाई से जुड़ी किताबें और कॉपियां कब्जे में ली गईं।
घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच के लिए फोरेंसिक टीम (FSL) और डॉग स्क्वायड को भी तुरंत मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों की टीम ने छत से लेकर नीचे गिरने वाले स्थान तक के चप्पे-चप्पे की जांच की और फिंगरप्रिंट्स तथा अन्य भौतिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर रात के बारह बजे छात्रा हॉस्टल की छत पर क्या कर रही थी और क्या यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य अनहोनी छिपी है।
सीसीटीवी फुटेज और वार्डन से हो रही पूछताछ
इस पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए लोहता थाने के थानाध्यक्ष अभिजीत सिंह ने बताया कि हॉस्टल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। कैमरों के डीवीआर (DVR) को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है ताकि रविवार रात की हर एक गतिविधि को तकनीकी रूप से परखा जा सके। हॉस्टल की वार्डन और वहां मौजूद अन्य स्टाफ व छात्राओं से भी लगातार पूछताछ का दौर जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के असली कारणों (जैसे कि चोट का प्रकार और गिरने का एंगल) का वैज्ञानिक प्रमाण मिल जाएगा। इसके अलावा, पुलिस आत्महत्या, पैर फिसलने या किसी अन्य संदिग्ध पहलू को ध्यान में रखकर अपनी तफ्तीश को आगे बढ़ा रही है। प्रशासन का दावा है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के असली सच से पर्दा उठ पाएगा और उसी आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।