धार्मिक नगरी वाराणसी में इन दिनों मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट ले रहा है। एक तरफ जहां झमाझम बारिश का दौर थम चुका है, वहीं दूसरी तरफ तीखी धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सितंबर के आखिरी हफ्ते में प्रवेश करते ही काशीवासियों के मन में एक ही सवाल है कि आखिरकार इस उमस भरी गर्मी से राहत कब मिलेगी और मानसून आधिकारिक रूप से कब विदा होगा। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों और पूर्वानुमान के मुताबिक, अब मानसून की वापसी की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
वाराणसी में मानसून की विदाई का काउंटडाउन शुरू
मौसम विज्ञान केंद्र से मिल रही जानकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों से मानसून अब वापसी की राह पकड़ चुका है। वाराणसी और इसके आसपास के इलाकों से भी इस सप्ताह के अंत तक मानसून के पूरी तरह विदा होने की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही हैं। अमूमन सितंबर के अंतिम सप्ताह तक उत्तर प्रदेश के पूर्वी अंचल से मानसून की विदाई हो जाती है, और इस बार भी स्थितियां उसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं। हालांकि, जाते-जाते मानसून एक बार फिर हल्का सा असर दिखा सकता है, जिसके चलते तापमान और बादलों की आवाजाही में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
सोमवार को तापमान और उमस ने किया बेहाल
सोमवार को वाराणसी का मौसम पूरी तरह से शुष्क और गर्म रहा। सुबह की शुरुआत के साथ ही तेज धूप खिल गई थी, जिसने दोपहर तक अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया। कल वाराणसी में अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान भले ही बहुत ज्यादा चरम पर न हो, लेकिन वातावरण में नमी (Humidity) का स्तर बहुत अधिक होने के कारण लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को हवा में नमी का स्तर लगभग 92 प्रतिशत तक दर्ज किया गया। इसके अलावा, करीब 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने भी गर्मी से कोई खास राहत नहीं दी। बारिश न होने और धूप निकलने के इस खतरनाक मेल ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं।
मंगलवार सुबह से ही खिली धूप
आज यानी 22 सितंबर 2026 की सुबह से ही वाराणसी के आसमान में तेज धूप खिली हुई है। सुबह के वक्त हल्की ठंडी हवा के झोंके जरूर महसूस हुए, लेकिन सूरज चढ़ने के साथ ही उमस का अहसास फिर से बढ़ने लगा है। लोग घरों और दफ्तरों में कूलर और एसी के सहारे दिन काटने को मजबूर हैं। गंगा घाटों पर भी धूप की तेजी के कारण दोपहर के समय पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही थोड़ी कम नजर आ रही है।
24 और 25 सितंबर को हल्की बारिश के आसार
काशीवासियों के लिए एक राहत भरी खबर यह है कि मानसून पूरी तरह से रुखसत होने से पहले एक आखिरी बार हल्की फुहारें दे सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आगामी 24 और 25 सितंबर को वाराणसी और आसपास के जिलों में छिटपुट जगहों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।
- 24 सितंबर: आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कुछेक इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
- 25 सितंबर: हवा की गति में बदलाव के साथ हल्की बौछारें पड़ने के आसार हैं, जिससे उमस भरी गर्मी से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस हल्की बारिश के बाद वातावरण में ठंडक घुलनी शुरू हो जाएगी और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जो कि ठंड के आगमन का संकेत होगी.
मौसम में बदलाव के बीच सेहत का रखें ख्याल
मौसम के इस संक्रमण काल (Transition Phase) में स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। कभी तेज धूप और उमस, तो कभी हल्की बारिश के चलते सर्दी-जुखाम, वायरल फीवर और पेट से जुड़ी बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि इस दौरान खानपान का विशेष ध्यान रखें, ताजा और हल्का भोजन करें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर में डिहाइड्रेशन न हो।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा तापमान?
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 25 सितंबर के बाद जैसे ही मानसून पूरी तरह से विदा होगा, उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलना शुरू हो जाएंगी। इन हवाओं के आने से काशी के मौसम में शुष्क ठंडक का अहसास शुरू हो जाएगा। अक्टूबर के पहले हफ्ते से रातें ठंडी होने लगेंगी और गुलाबी ठंड की शुरुआत हो जाएगी। फिलहाल, अगले दो दिनों तक लोगों को उमस का सामना करना पड़ेगा, लेकिन 24-25 सितंबर को संभावित बारिश से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।