फ्रांस में जारी हिंसक प्रदर्शनों और अशांति के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इमिग्रेशन को जिम्मेदार ठहराया है। पढ़ें पूरी खबर।
फ्रांसीसी राजधानी में हिंसक प्रदर्शनों और संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में छिड़ी नई बहस
फ्रांस में जारी अशांति और हिंसक प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप ने पेरिस के भविष्य को लेकर चेतावनी देते हुए दावा किया कि शहर बहुत जल्द एक मुस्लिम शहर बनने जा रहा है। उन्होंने फ्रांस में जारी संकट के लिए प्रवासन यानी इमिग्रेशन को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया और फ्रांसीसी सरकार से अपनी सीमाएं तत्काल बंद करने तथा प्रवासियों को देश से बाहर निकालने की कड़ी अपील की है।
ट्रंप ने फ्रांस की मौजूदा स्थिति को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि वहां की समस्याओं का सीधा संबंध अनियंत्रित प्रवासन से है, न कि स्कूलों या अन्य प्रशासनिक मुद्दों से। उन्होंने आरोप लगाया कि फ्रांस ने ऐसे लोगों को देश में बेरोक-टोक आने दिया, जिनका वहां की स्थानीय संस्कृति, ऐतिहासिक इमारतों और कला के प्रति कोई लगाव नहीं है।
मैक्रों के तर्कों को ट्रंप ने किया सिरे से खारिज
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की नीतियों और मौजूदा संकट की व्याख्या पर भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने असहमति जताई। राष्ट्रपति मैक्रों ने जहां अमेरिकी नीतियों, वैश्विक ऊर्जा संकट और भू-राजनीतिक परिस्थितियों को फ्रांस की इन चुनौतियों से जोड़ने की बात कही थी, वहीं ट्रंप ने इन तमाम तर्कों को खारिज करते हुए केवल प्रवासन और जनसांख्यिकीय बदलावों पर ही पूरा जोर दिया।
डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के अलावा इटली और अन्य यूरोपीय देशों में फैली अशांति का भी उल्लेख किया। उन्होंने अपनी पुरानी दलील दोहराई कि अनियंत्रित प्रवासन ही आगे चलकर सामाजिक अस्थिरता और हिंसा की बड़ी वजह बनता है। हालांकि, कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी देश में हिंसा के कारणों को केवल एक कारक यानी प्रवासन से जोड़कर देखने के लिए विस्तृत और स्वतंत्र प्रमाणों की आवश्यकता होती है।
बोर्डो शहर में कर्फ्यू और दो हजार से अधिक गिरफ्तारियां
इस बीच, फ्रांस के बोर्डो शहर में भारी अशांति और बड़े पैमाने पर हुई लूटपाट की घटनाओं के बाद प्रशासन ने एक सप्ताह के लिए रात का कर्फ्यू लगाए जाने के आदेश दिए हैं। वहीं, पूरे देश में हुई हिंसक झड़पों के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कार्रवाई के तहत दो हजार से अधिक लोगों की गिरफ्तारी का दावा भी सामने आया है। इन गंभीर परिस्थितियों के बीच कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा बहाल करना फ्रांसीसी प्रशासन के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
यूरोप में इमिग्रेशन पर फिर तेज हुई सियासी बहस
डोनाल्ड ट्रंप के इस विवादास्पद बयान ने पूरे यूरोप में प्रवासन, राष्ट्रीय पहचान, धार्मिक विविधता और सामाजिक एकीकरण को लेकर चल रही पुरानी बहस को फिर से गरमा दिया है। एक तरफ सख्त सीमा नियंत्रण के पैरोकार प्रवासन को राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता से जोड़ते हैं, वहीं दूसरी तरफ मानवाधिकार समर्थकों और आलोचकों का मानना है कि किसी एक समुदाय को सामूहिक रूप से हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।