महिला सशक्तीकरण और बाल विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में आज शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 से एक अनूठी पहल की शुरुआत हो रही है। सेवा संकल्प अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आगामी 6 अक्टूबर तक 'आंगन मिलन सेवा' कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस महाअभियान का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य को सुधारना और सरकारी योजनाओं की पहुंच को और अधिक सुगम बनाना है।
क्या है 'आंगन मिलन सेवा' कार्यक्रम?
आधुनिक दौर में भी कई ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में महिलाएं और परिवार पोषण तथा स्वास्थ्य से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं से अनभिज्ञ रह जाते हैं। इस अंतराल को पाटने के लिए ही 'आंगन मिलन सेवा' की परिकल्पना की गई है। यह कार्यक्रम सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि समुदाय और शासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम है। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को एक जीवंत केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा जहां लोग आकर न केवल स्वास्थ्य परामर्श प्राप्त कर सकें, बल्कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया भी सीख सकें।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग का बड़ा सहयोग
इस वृहद कार्यक्रम की सफलता के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ मिलकर एक मजबूत समन्वय स्थापित किया है। संयुक्त प्रयासों के जरिए शिविरों और बैठकों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें चिकित्सीय विशेषज्ञों की टीम भी अपनी सेवाएं देगी।
- इस साझा पहल के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- गर्भवती और धात्री माताओं के लिए विशेष स्वास्थ्य परामर्श सत्र।
- बच्चों के टीकाकरण और शारीरिक विकास की नियमित मॉनिटरिंग।
- खून की कमी (एनीमिया) से निपटने के लिए जागरूकता और आयरन की गोलियों का वितरण।
- स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक आहार के विकल्पों की जानकारी देना।
सामुदायिक सहभागिता पर विशेष जोर
किसी भी योजना की सफलता में जन-भागीदारी की भूमिका सबसे अहम होती है। 'आंगन मिलन सेवा' कार्यक्रम के दौरान स्थानीय महिलाओं, युवाओं और सामुदायिक नेतृत्वकर्ताओं को भी जोड़ा जाएगा। बैठकों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकार की कल्याणकारी नीतियों की जानकारी पहुंचे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभियानों से न केवल कुपोषण की दर में कमी आएगी, बल्कि बाल मृत्यु दर को नियंत्रित करने में भी बड़ी मदद मिलेगी। माताओं को उनके बच्चों के शुरुआती एक हजार दिनों के पोषण के महत्व के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा, जो बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए सबसे अहम समय माना जाता है।
6 अक्टूबर तक चलेगा यह विशेष अभियान
यह कार्यक्रम आज यानी 25 सितंबर से शुरू होकर आगामी 6 अक्टूबर 2026 तक निरंतर जारी रहेगा। इस दौरान प्रदेश के हर जिले के ग्रामीण और शहरी वार्डों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को निर्देश दिए हैं कि वे अधिक से अधिक माताओं और बच्चों को इस अभियान से जोड़ें ताकि इसका लाभ धरातल पर दिख सके।
यदि आप या आपके परिवार में कोई महिला या छोटा बच्चा है, तो अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में आज ही संपर्क करें और इस विशेष 'आंगन मिलन सेवा' कार्यक्रम का हिस्सा बनकर स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी अमूल्य जानकारी प्राप्त करें।