मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नाम एक नया इतिहास जुड़ने जा रहा है। राज्य के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब देश की प्रतिष्ठित नेशनल आर्मी परेड का आयोजन भोपाल की धरती पर किया जाएगा। तारीख मुकर्रर हो चुकी है और अब शहर इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियों में जुट गया है। इस भव्य आयोजन को लेकर प्रशासनिक अमले से लेकर सुरक्षा एजेंसियों तक ने कमर कस ली है, क्योंकि इस बार राजधानी में देश की सैन्य ताकत का ऐसा प्रदर्शन देखने को मिलेगा, जो पहले कभी नहीं देखा गया।
आगामी 15 जनवरी 2027 को होने वाली इस नेशनल आर्मी परेड में देश की सैन्य शक्ति का अदम्य साहस और पराक्रम नजर आएगा। इस भव्य आयोजन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। आयोजन के दौरान भोपाल की सड़कों पर केवल जवानों के कदम ही नहीं गूंजेंगे, बल्कि भारतीय सेना के अत्याधुनिक टैंक और मिसाइलें भी अपनी ताकत का अहसास कराएंगे।
भेल के कालीबाड़ी मार्ग पर सजेगा शौर्य का मंच
इस मेगा इवेंट के मुख्य केंद्र के रूप में भेल क्षेत्र के कालीबाड़ी मार्ग को चुना गया है। इस मार्ग पर होने वाली मुख्य परेड के लिए बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। लगभग 4 किलोमीटर लंबे इस हिस्से को 15 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा ताकि भारी-भरकम सैन्य उपकरणों और वाहनों के आवागमन में कोई बाधा न आए। इसके साथ ही सड़क के बीच बने सेंट्रल डिवाइडर को पूरी तरह से हटाया जाएगा, ताकि दर्शक दीर्घा के लिए पर्याप्त और खुला स्थान मिल सके।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, इस सड़क को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि यह 60 टन वजनी आर्म्ड व्हीकल्स (सशस्त्र वाहन) और शक्तिशाली टैंकों के वजन को आसानी से सहन कर सके। सड़क की रीसर्फेसिंग के साथ-साथ इस पर मजबूत लेन और परेड लाइन की मार्किंग भी की जाएगी। तय डेडलाइन के अनुसार, बुनियादी ढांचे से जुड़े सभी निर्माण कार्यों को 30 अक्टूबर तक हर हाल में पूरा करने का सख्त टास्क दिया गया है ताकि समय रहते रिहर्सल शुरू की जा सके।
कड़ा पहरा और खास मेहमानों के लिए सीटिंग अरेंजमेंट
इस विशाल आयोजन में उमड़ने वाली भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सिटिंग अरेंजमेंट का खास खाका तैयार किया गया है। आर्मी डे परेड के दौरान:
- वीवीआईपी (VVIP): 500 विशेष अतिथियों के बैठने की व्यवस्था होगी।
- वीआईपी (VIP): 2,500 प्रतिष्ठित लोगों के लिए स्थान आरक्षित किया जाएगा।
- आम जनता (Public): लगभग 38,000 आम नागरिकों के बैठने के लिए दीर्घाएं बनाई जाएंगी।
इसके अलावा, अपर लेक में आयोजित होने वाले 'इंटीग्रेटेड कॉम्बेट डेमो' के लिए भी अलग से सीटिंग प्लान तैयार किया गया है, जिसमें 300 वीवीआईपी और करीब 1,000 वीआईपी शामिल होंगे। स्टैटिक और डायनामिक डिस्प्ले के लिए भी हजारों दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि हर कोई इस अद्भुत नजारे को अपनी आंखों से देख सके।
परेड और रिहर्सल का पूरा शेड्यूल
इतने बड़े पैमाने पर होने वाले इस आयोजन के लिए महीनों पहले से अभ्यास शुरू हो जाएगा। फाइनल परफॉर्मेंस से पहले सेना के जवान कड़ा अभ्यास करेंगे। इसका विस्तृत शेड्यूल इस प्रकार है:
- 15 दिसंबर से शुरुआत: परेड की प्राइमरी प्रैक्टिस और तैयारियां शुरू हो जाएंगी।
- 7 जनवरी तक डेडलाइन: सभी प्रकार के स्थल और आयोजन स्थलों को पूरी तरह से अंतिम रूप देना होगा।
- मुख्य रिहर्सल: 10, 12 और 13 जनवरी को फाइनल परेड की मुख्य रिहर्सल होगी।
- शौर्य संध्या: इसके अभ्यास के लिए 10 और 13 जनवरी का दिन तय किया गया है।
- इंटीग्रेटेड कॉम्बेट डेमो: अपर लेक में होने वाले इस डेमो की तैयारी 5 जनवरी तक पूरी करनी होगी।
- स्टैटिक और डायनामिक डिस्प्ले: इसकी तैयारियां 2 जनवरी तक पूरी हो जानी चाहिए, जबकि 6 और 8 जनवरी को इसका अभ्यास किया जाएगा।
- महा-आयोजन: तमाम रिहर्सल और तैयारियों को पार करते हुए 15 जनवरी 2027 को मुख्य नेशनल आर्मी परेड का भव्य आयोजन होगा।
साढ़े चार हजार सैनिकों के ठहरने के लिए बनेंगे विशेष टेंट सिटी
देश के कोने-कोने से इस परेड में हिस्सा लेने आ रहे करीब 4,500 सैनिकों के ठहरने और विश्राम के लिए भव्य व्यवस्था की जा रही है। जम्बूरी मैदान में 700 और हेमा स्कूल रोड पर 300 टेंट लगाए जाएंगे, यानी कुल 1,000 टेंटों की एक अस्थायी नगरी बसाई जाएगी। इन तमाम कैंपों में सैनिकों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
शिविरों के भीतर साफ-सुथरा पानी, स्वच्छता प्रबंधन, उच्च स्तरीय फर्नीचर, मोबाइल टॉयलेट, सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे, मजबूत बैरिकेडिंग, डीवीआर सिस्टम और कम से कम 10 वीवीआईपी गेस्ट रूम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही जम्बूरी मैदान में 360 मीटर लंबा और 250 मीटर चौड़ा क्षेत्र डायनामिक और स्टैटिक डिस्प्ले के लिए आरक्षित किया गया है।
शहर के सौंदर्यीकरण और ट्रैफिक सुधार पर जोर
आर्मी परेड को लेकर केवल मुख्य मार्ग ही नहीं, बल्कि भोपाल के कई प्रमुख चौराहों और सड़कों का रूप-रंग भी सुधारा जाएगा। परेड रूट से पहले आने वाले 3 से 4 चौराहों के बीच बने मीडियन और डिवाइडर्स को हटाया जाएगा ताकि ट्रैफिक का फ्लो सुगम बना रहे। इसके अलावा सड़कों के किनारे अवैध अतिक्रमण को हटाना, बिजली के खंभों को शिफ्ट करना, ड्रेनेज सिस्टम को कवर करना और स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब देश-विदेश के मेहमान और खुद रक्षा मंत्री इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनें, तो भोपाल की छवि एक व्यवस्थित, सुंदर और आधुनिक महानगर के रूप में उभरे। स्थानीय नागरिकों में भी इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और वे ऐतिहासिक 15 जनवरी 2027 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।