सिनेमा की दुनिया में कई ऐसी कहानियां हैं जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से भी ज्यादा रोमांचक लगती हैं। बॉलीवुड के गलियारों में कुछ ऐसी अनकही और दिलचस्प दास्तां छिपी हैं, जिन पर यकीन करना पहली बार में थोड़ा मुश्किल लगता है। ऐसा ही एक अनोखा और प्रेरणादायक सफर है अभिनेता अक्षय कुमार का। आज के दौर में जब बॉक्स ऑफिस पर अक्षय कुमार का नाम ही सफलता की गारंटी माना जाता है, तो यह कल्पना करना भी कठिन हो जाता है कि कभी यही सुपरस्टार अपने करियर की शुरुआत में काम की तलाश दर-दर भटक रहा था।
वक्त का पहिया कब और किधर घूम जाए, इसका अंदाजा शायद ही किसी को होता है। अक्षय कुमार के जीवन में भी एक ऐसा ही दिलचस्प मोड़ आया था, जब वे हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार कहे जाने वाले राजेश खन्ना के ऑफिस के चक्कर काटा करते थे। आइए जानते हैं कि कैसे एक साधारण स्ट्रगल करने वाला लड़का उसी लीजेंड्री एक्टर का दामाद बन गया, जिनकी एक झलक पाने के लिए वह कभी घंटों इंतजार किया करता था।
जब तस्वीरों का बंडल लेकर राजेश खन्ना के ऑफिस पहुंचते थे अक्षय
यह उस दौर की बात है जब अक्षय कुमार इंडस्ट्री में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रहे थे। उनके पास न तो कोई बड़ा गॉडफादर था और न ही फिल्मी पृष्ठभूमि। बस आंखों में बड़े सपने और हाथ में अपनी पोर्टफोलियो फोटोज का बंडल हुआ करता था। एक इंटरव्यू में खुद अक्षय कुमार ने अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को याद करते हुए इस बात का खुलासा किया था कि वे काम की तलाश में किस हद तक मेहनत किया करते थे।
अक्षय ने बताया था कि वे अक्सर राजेश खन्ना के ऑफिस जाया करते थे। उन्हें उम्मीद रहती थी कि शायद देश के पहले सुपरस्टार उन्हें अपनी किसी फिल्म में कोई छोटा-मोटा रोल ही सही, लेकिन मौका दे देंगे। बकौल अक्षय, 'मैं राजेश खन्ना जी से काम मांगता था, लेकिन उस समय मुझे कोई रोल नहीं मिलता था। वह मुझे बाद में आने के लिए कहते थे।' उस वक्त शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यह मुलाकातें एक दिन इतिहास रच देंगी और दोनों का रिश्ता एक पारिवारिक बंधन में बदल जाएगा।
बंगले के बाहर खड़े होकर सुपरस्टार की एक झलक पाने की दीवानगी
अक्षय कुमार का राजेश खन्ना के साथ जुड़ाव सिर्फ उनके पेशेवर संघर्ष तक सीमित नहीं था, बल्कि यह बचपन की उन यादों से जुड़ा था जो हर आम इंसान के दिल में अपने पसंदीदा हीरो के लिए होती हैं। अक्षय ने कई बार इस बात का जिक्र किया है कि वे फिल्मों में आने से बहुत पहले से ही राजेश खन्ना के बहुत बड़े प्रशंसक थे।
उस दौर की यादें ताजा करते हुए अक्षय ने बताया था कि जैसे बाकी आम लोग 'काका' (राजेश खन्ना) की एक झलक पाने के लिए उनके मशहूर बंगले 'आशीर्वाद' के बाहर भीड़ लगाकर खड़े रहते थे, ठीक वैसे ही वे भी किया करते थे। कई बार वे अपने मम्मी-पापा के साथ राजेश खन्ना के घर के पास से गुजरते थे और उन्हें बस एक बार देखने के लिए उत्सुक रहते थे। कुदरत का खेल देखिए, जिस शख्स को देखने के लिए लोग सड़कों पर कतारें लगाते थे, आगे चलकर वही शख्स अक्षय के परिवार का हिस्सा बन गया।
किस्मत का ऐसा खेल: ट्विंकल खन्ना से हुई शादी
जिंदगी अक्सर ऐसे रास्ते चुनती है जो इंसान ने कभी सोचे भी नहीं होते। समय बीता, अक्षय कुमार ने अपनी कड़ी मेहनत, मार्शल आर्ट्स स्किल्स और एक्शन अवतार के दम पर बॉलीवुड में अपनी एक अलग और मजबूत जगह बना ली। उन्हें 'खिलाड़ी' का खिताब मिला और वे धीरे-धीरे इंडस्ट्री के टॉप एक्टर्स की सूची में शामिल होने लगे।
इसी सफर के दौरान उनकी मुलाकात राजेश खन्ना की बेटी और अभिनेत्री ट्विंकल खन्ना से हुई। दोनों की नजदीकियां बढ़ीं और साल 2001 में दोनों ने शादी के बंधन में बंधने का फैसला किया। इस तरह, जिस महानायक के ऑफिस में अक्षय कभी काम की भीख मांगने की हद तक उम्मीद लेकर जाते थे, कुछ ही सालों बाद वही लीजेंड्री एक्टर उनके ससुर बन गए। अक्षय खुद इस बात को कई बार मान चुके हैं कि उनकी जिंदगी में कई ऐसी घटनाएं घटी हैं जिनके बारे में उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था, और ट्विंकल से शादी उनमें से सबसे खास थी।
ससुर से सीखी जिंदगी और करियर की सबसे बड़ी सीख
राजेश खन्ना के साथ अक्षय कुमार का रिश्ता सिर्फ कागजी या पारिवारिक नहीं था, बल्कि दोनों के बीच एक गहरा पेशेवर संवाद भी था। राजेश खन्ना के निधन से पहले और उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए अक्षय ने कई मंचों पर साझा किया है कि काका अपने करियर के उतार-चढ़ाव और गलतियों के बारे में उनसे खुलकर बात करते थे।
अक्षय का मानना है कि उन्होंने अपने ससुर से बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने एक बार कहा था कि राजेश जी से उन्होंने यह सीखा है कि असल जिंदगी और करियर में 'क्या बिल्कुल नहीं करना चाहिए'। यह एक बहुत बड़ी सीख थी, जिसने अक्षय को उनके करियर के लंबे सफर में हमेशा सही फैसले लेने में मदद की। एक सीनियर कलाकार का अपने दामाद को इस तरह अपने अनुभवों से समृद्ध करना बॉलीवुड के इतिहास में एक अनूठी मिसाल है।
हालिया प्रोजेक्ट्स और सिनेमाई सफर
राजेश खन्ना के दफ्तर के बाहर खड़े होने वाले उस नौजवान से लेकर आज के दौर के मेधावी सुपरस्टार बनने तक का अक्षय कुमार का यह सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। आज भी उनकी ऊर्जा और फिल्मों के प्रति समर्पण में कोई कमी नहीं आई है।
उनके हालिया करियर की बात करें तो, अक्षय कुमार लगातार नए प्रयोग कर रहे हैं और अलग-अलग जॉनर की फिल्मों में नजर आ रहे हैं। हाल ही में सिनेमाघरों में रिलीज हुई उनकी फिल्म 'हैवान' काफी चर्चा में है, जिसमें वे अभिनेता सैफ अली खान के साथ स्क्रीन साझा कर रहे हैं। 11 सितंबर को रिलीज हुई इस फिल्म में दोनों कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं और अक्षय का इसमें एक अलग ही अंदाज देखने को मिल रहा है, जिसे उनके फैंस काफी पसंद कर रहे हैं।
अक्षय कुमार की यह कहानी हमें सिखाती है कि अगर आपके भीतर लगन है और मेहनत करने का जज्बा है, तो वक्त बदलते देर नहीं लगती। जो शख्स कभी किसी के ऑफिस के बाहर सिर्फ एक मौके की उम्मीद में खड़ा रहता था, उसने अपनी मेहनत के दम पर न सिर्फ उसी परिवार में अपनी जगह बनाई बल्कि खुद हिंदी सिनेमा का एक ऐसा स्तंभ बन गया जिसके बिना आज बॉलीवुड का इतिहास अधूरा माना जाता है।