मध्य प्रदेश के सागर जिले में हुई दर्दनाक जहरीली शराब त्रासदी की आंच अब राज्य के अन्य जिलों तक भी तेजी से पहुंचने लगी है। ताजा मामला टीकमगढ़ जिले का है, जहां महिलाओं और स्थानीय ग्रामीणों का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। आक्रोशित भीड़ ने एक स्थानीय शराब दुकान पर धावा बोल दिया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। हालात इतने बिगड़ गए कि गुस्साई महिलाओं ने दुकान की बोतलों को सड़क पर लाकर तोड़ दिया और दुकान के अंदर रखे सामान में आग तक लगा दी।
सागर की घटना के बाद सुलग उठा टीकमगढ़
हाल ही में सागर में जहरीली शराब पीने से हुई कई लोगों की मौतों ने पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस भयानक हादसे के बाद से ही आम जनता और खासकर महिलाओं के मन में शराब के कारोबार और इसकी प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ भारी रोष व्याप्त था। टीकमगढ़ में हुआ यह प्रदर्शन उसी सुलगते गुस्से का एक बड़ा परिणाम है। स्थानीय लोगों का साफ तौर पर कहना है कि अवैध और बेलगाम बिक रही शराब उनके घरों को उजाड़ रही है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सड़कों पर उतरीं महिलाएं, चकनाचूर की शराब की बोतलें
घटना के दिन अचानक बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण इकट्ठा होकर संबंधित शराब दुकान के सामने जा पहुंचे। हाथों में गुस्सा और आंखों में अपनों के भविष्य की चिंता लिए इन लोगों ने बिना किसी डर के दुकान के भीतर प्रवेश किया।
- दुकान के भीतर रखी महंगी और सस्ती शराब की बोतलों को बाहर निकाला गया।
- सैकड़ों बोतलों को जमीन पर पटक-पटक कर चकनाचूर कर दिया गया।
- पूरे इलाके में कुछ ही देर के लिए अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।
देखते ही देखते उग्र हुआ प्रदर्शन, दुकान के सामान में लगाई आग
शुरुआत में यह प्रदर्शन केवल नारेबाजी और विरोध तक सीमित था, लेकिन जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, लोगों का गुस्सा अनियंत्रित हो गया। प्रदर्शनकारियों ने आक्रोश में आकर शराब दुकान के फर्नीचर और अन्य सामानों को बाहर निकाला और उसमें आग लगा दी। आग की लपटें उठते देख आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में भी हड़कंप मच गया। इस घटना के कई वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस प्रकार भारी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं उग्र रूप में नजर आ रहे हैं।
प्रशासन और पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
टीकमगढ़ में शराब दुकान पर हुए इस हमले और आगजनी की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के होश उड़ गए। आनन-फानन में भारी पुलिस बल को मौके के लिए रवाना किया गया। पुलिस दल ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए स्थिति को नियंत्रण में लेने का प्रयास किया।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उग्र भीड़ को शांत करने की कोशिश की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और चिंताओं को गंभीरता से सुना जाएगा। काफी मशक्कत के बाद पुलिस की मौजूदगी में हालात पर काबू पाया जा सका।
अवैध शराब के कारोबार पर उठ रहे गंभीर सवाल
इस पूरी घटना ने एक बार फिर से मध्य प्रदेश में आबकारी नीति, अवैध शराब की तस्करी और दुकानों के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि आखिर क्यों ग्रामीण इलाकों में इस तरह के विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे हैं? क्या प्रशासन समय रहते इस तरह के हादसों और जन-आक्रोश को भांपने में नाकाम साबित हो रहा है?
पुलिस कर रही है गहराई से जांच
फिलहाल टीकमगढ़ पुलिस और जिला प्रशासन इस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियोग्राफी और फोटोग्राफ्स के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि इस तोड़फोड़ और आगजनी की घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके साथ ही, प्रदर्शन के पीछे की परिस्थितियों और आयोजकों की पहचान करने का काम भी तेजी से चल रहा है। पुलिस का दावा है कि जांच के बाद नियमों के तहत उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता का गुस्सा अब चरम पर है।