महिला क्रिकेट जगत में इस समय रोमांच का पारा अपने चरम पर है। एशियन गेम्स महिला क्रिकेट टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 178 रनों का एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम ने शुरुआत में शुरुआती झटकों से उबरते हुए निर्धारित ओवरों में एक मजबूत स्कोर खड़ा किया। इस मैच में पाकिस्तान की ओर से बल्लेबाजों ने शानदार जज्बा दिखाया, खासकर आयशा जफर और शावल जुल्फिकार की पारियों ने टीम को एक सुरक्षित स्थिति में पहुंचाने का काम किया।
पहली गेंद पर झटका, फिर संभली पाकिस्तानी पारी
कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क के मैदान पर खेले जा रहे इस रोमांचक मुकाबले में श्रीलंका महिला टीम की कप्तान और अनुभवी खिलाड़ी चमारी अट्टापट्टू ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का रणनीतिक फैसला लिया। पिच और परिस्थितियों को देखते हुए उनका यह फैसला शुरुआती पलों में सही भी साबित हुआ। मैच की बिल्कुल पहली ही गेंद पर श्रीलंका की गेंदबाज सुगंधिका कुमारी ने पाकिस्तान की ओपनर गुल फिरोजा को बोल्ड कर दिया। इस झटके से पाकिस्तानी खेमे में हड़कंप मच गया, क्योंकि टीम अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी और उसका पहला विकेट गिर चुका था।
हालांकि, इस शुरुआती झटके से घबराने के बजाय पाकिस्तान की अन्य बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। शावल जुल्फिकार ने क्रीज पर कदम रखते ही सूझबूझ दिखाई और सैरा जुबिन के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। इन दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती दबाव को पूरी तरह से सोख लिया और पावरप्ले के बाकी ओवरों में श्रीलंका के गेंदबाजों को कोई और सफलता हासिल नहीं करने दी। पारी के छठे ओवर में सैरा जुबिन 17 रन बनाकर आउट हुईं, लेकिन तब तक टीम का स्कोर सम्मानजनक स्थिति की ओर बढ़ने लगा था।
आयशा जफर और शावल जुल्फिकार का तूफानी अर्धशतक
शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद क्रीज पर आईं आयशा जफर ने खेल का रुख ही बदल डाला। उन्होंने शावल जुल्फिकार के साथ मिलकर श्रीलंका के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई इस बड़ी साझेदारी ने मैच का नक्शा बदलकर रख दिया।
आयशा जफर ने मैदान के चारों तरफ बेहतरीन स्ट्रोक्स खेले और श्रीलंकाई गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने महज 40 गेंदों का सामना करते हुए 9 शानदार चौकों और 2 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 71 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। उनकी इस आक्रामक पारी ने टीम के स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाया।
दूसरी ओर, शावल जुल्फिकार ने भी अपनी कप्तान और टीम की उम्मीदों पर पूरा भरोसा जताते हुए बेहतरीन अर्धशतक जड़ा। शावल ने अपनी पारी में 3 चौके और 2 छक्के लगाते हुए 54 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई इस शतकीय और मैच-विनिंग साझेदारी की बदौलत ही पाकिस्तान की टीम डेढ़ सौ रन के आंकड़े को पार करने में सफल रही।
निचले क्रम की बल्लेबाजों ने दिया अंतिम फिनिश
जब आयशा जफर और शावल जुल्फिकार के रूप में पाकिस्तान के सेट बल्लेबाज आउट हुए, तो पारी को अंतिम ओवरों में गति देने की जिम्मेदारी कप्तान फातिमा सना और युवा बल्लेबाज इमान फातिमा के कंधों पर आ गई। कप्तान फातिमा सना ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझते हुए तेजी से रन बटोरे और 20 रनों की नाबाद पारी खेली। वहीं, इमान फातिमा ने भी अंत तक टिककर 5 रन का योगदान दिया।
इन दोनों बल्लेबाजों के उपयोगी योगदान की बदौलत पाकिस्तान महिला टीम निर्धारित ओवरों में 3 विकेट के नुकसान पर 177 रन का मजबूत स्कोर बनाने में कामयाब रही और श्रीलंका के सामने 178 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा।
श्रीलंकाई गेंदबाजी का हाल और कड़े आंकड़े
श्रीलंका की कप्तान चमारी अट्टापट्टू ने इस मुकाबले में अपनी रणनीति का भरपूर इस्तेमाल किया और पारी के दौरान कुल 7 अलग-अलग गेंदबाजों को आजमाया। हालांकि, पिच पर उनकी रणनीति ज्यादा कारगर साबित नहीं हुई क्योंकि पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने क्रीज पर पैर जमाने के बाद उनके गेंदबाजों को दबाव में ले लिया।
श्रीलंकाई गेंदबाजी आक्रमण में सुगंधिका कुमारी, कप्तान चमारी अट्टापट्टू और काव्या कविंदी ही सफल रहीं, जिन्हें 1-1 विकेट मिला। इसके अलावा बाकी अन्य गेंदबाज विकेट के लिए तरसती नजर आईं। काव्या कविंदी इस मैच में श्रीलंका की सबसे किफायती गेंदबाज रहीं, जिन्होंने अपने 2 ओवर के स्पेल में मात्र 13 रन खर्च करते हुए 1 महत्वपूर्ण सफलता अपने नाम की।
बीते इतिहास से सीख और आगे की राह
आपको बता दें कि इस टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल मुकाबलों में पाकिस्तान की टीम ने थाईलैंड को एकतरफा अंदाज में मात दी थी, वहीं श्रीलंका क्रिकेट टीम ने मलेशिया को हराकर सेमीफाइनल का टिकट कटाया था। दोनों टीमों के बीच का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। एशियन गेम्स के पिछले संस्करण के सेमीफाइनल में भी ये दोनों टीमें आमने-सामने थीं, जहां पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा था। उस संस्करण में पाकिस्तान की टीम कांस्य पदक के मुकाबले में बांग्लादेश से भी हार गई थी, जिसके चलते वे मेडल की दौड़ से बाहर हो गए थे।
दूसरी ओर, पिछले संस्करण में भारतीय महिला टीम ने फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को करारी शिकस्त देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। इस बार भारतीय टीम अपने खिताब को डिफेंड करने के इरादे से मैदान पर उतरी है, जहां उसका मुकाबला दूसरे सेमीफाइनल में बांग्लादेश से होना है।
फिलहाल, श्रीलंका की टीम के सामने फाइनल का टिकट पक्का करने के लिए 178 रनों का कड़ा लक्ष्य है। पाकिस्तानी गेंदबाजों के पास भी एक मजबूत स्कोर है और वे इस मैच को जीतकर पिछले साल की हार का बदला लेने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। मुकाबला बेहद रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है और यह देखना दिलचस्प होगा कि श्रीलंकाई बल्लेबाजी इस बड़े लक्ष्य को हासिल कर पाती है या नहीं।