उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में कानून व्यवस्था को ताक पर रखने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में जनपद की खेकड़ा थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस और शातिर पशु चोरों के बीच हुई एक रोमांचक मुठभेड़ में दो कुख्यात बदमाशों को गोली लगने के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि खाकी अपराधियों के मंसूबों को नेस्तनाबूद करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई 19 सितंबर 2026 की रात को अंजाम दी गई। रात करीब 10 बजे खेकड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम बसी अंडरपास के निकट पुलिस टीम वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इलाके में लगातार हो रही पशु चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क थी। इसी दौरान अंधेरे का फायदा उठाते हुए एक संदिग्ध मोटरसाइकिल आती हुई दिखाई दी, जिस पर कोई नंबर प्लेट नहीं लगी थी।
पुलिसकर्मियों ने जब वाहन को रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने हड़बड़ाहट में बाइक को तेजी से मोड़कर भागने का प्रयास किया। हालांकि, भागने की कोशिश में उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर फिसल गई और वे सड़क पर गिर पड़े। खुद को घिरता देख अपराधियों ने कानून के शिकंजे से बचने के लिए सीधा रास्ता खूनी संघर्ष का चुना।
पुलिस पर की गई ताबड़तोड़ फायरिंग
मोटरसाइकिल फिसलने के बाद बदमाशों ने अपनी पहचान छिपाने और पुलिस बल पर दबाव बनाने के उद्देश्य से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों का मुख्य मकसद पुलिस टीम को जान से मारना था ताकि वे मौके से फरार हो सकें। गनीमत यह रही कि पुलिसकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए अपनी सूझबूझ और बहादुरी का परिचय दिया। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ और जवाबी कार्रवाई करते हुए बदमाशों पर गोलियां चलाईं।
जवाबी फायरिंग में दो बदमाश पुलिस की गोली लगने से घायल हो गए और जमीन पर गिर पड़े। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए पुलिस बल ने बिना एक पल गंवाए दोनों घायलों को तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है।
पहचान और आपराधिक इतिहास
पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान बेहद शातिर अपराधियों के रूप में हुई है। इनकी शिनाख्त शान मोहम्मद (उम्र करीब 40 वर्ष) और इसरार (उम्र करीब 35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से ग्राम लावड़, थाना इंचौली, जनपद मेरठ के रहने वाले हैं।
सीओ खेकड़ा रोहन चौरसिया ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इन दोनों अपराधियों का आपराधिक इतिहास बहुत लंबा और डरावना है। शुरुआती छानबीन में यह बात सामने आई है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में दो दर्जन (24) से अधिक गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। ये लोग लंबे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में पशु चोरी और अन्य आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से भारी मात्रा में अवैध असलहे और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों के पास से निम्नलिखित चीजें मिली हैं:
- दो अवैध तमंचे (.315 बोर के)
- दो जिंदा कारतूस
- दो खोखा कारतूस
- एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल (जिसका इस्तेमाल वारदातों में होता था)
खेकड़ा कोतवाल आशीष पुंडीर ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान क्षेत्र में कई पशु चोरी की वारदातों में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है। उन्होंने बताया कि अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से एक अन्य साथी फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी पहचान अनवर के रूप में हुई है।
फरार आरोपी की तलाश में जुटी टीमें
मुख्य रूप से इस गैंग के सरगना या सहयोगी माने जा रहे फरार आरोपी अनवर की गिरफ्तारी के लिए स्थानीय पुलिस और एसओजी की टीमों को मैदान में उतार दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही अनवर को भी कानून की गिरफ्त में ले लिया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई से इलाके के पशु पालकों और आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि यह गिरोह लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था।
यह मुठभेड़ एक बार फिर यह संदेश देती है कि अपराध की दुनिया में कदम रखने वालों का अंजाम कानून के दायरे में रहकर तय किया जाएगा और पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।