सितंबर 2026 की एक खूबसूरत सुबह और राधा रानी के जन्मोत्सव का पावन पर्व। इस खास मौके पर राजनीति की दुनिया से एक बेहद अलग और आध्यात्मिक तस्वीर सामने आई है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को हाल ही में कोलकाता में राधा अष्टमी के भव्य आयोजन के दौरान पूरी तरह भक्ति में डूबे हुए देखा गया। उनका यह अंदाज अब सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया है और लोग इस वीडियो को खूब पसंद कर रहे हैं।
राधा अष्टमी पर कोलकाता में सजा भव्य दरबार
सनातन संस्कृति में राधा अष्टमी का पर्व बेहद खास महत्व रखता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व पर देश भर के मंदिरों में विशेष अनुष्ठान और उत्सव आयोजित किए जाते हैं। कोलकाता में भी इस बार राधा रानी के जन्मोत्सव को लेकर भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला। राजधानी के एक प्रमुख आयोजन स्थल पर सजे दरबार में जब भक्ति गीतों की गूंज उठी, तो वहां मौजूद हर शख्स इस आध्यात्मिक माहौल में रम गया।
इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी पहुंचे थे। पारंपरिक परिधान में नजर आ रहे मुख्यमंत्री ने न केवल राधा रानी के दरबार में माथा टेका, बल्कि वहां मौजूद आम श्रद्धालुओं के साथ बैठकर पूरी तल्लीनता से कीर्तन का आनंद भी लिया।
कीर्तन की धुन पर खुद को रोक नहीं पाए मुख्यमंत्री
जब मंच पर हरे रामा हरे कृष्णा और राधा नाम के भजन गूंज रहे थे, तब माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो चुका था। वहां मौजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी खुद को रोक नहीं पाए। वे अपनी कुर्सी से उठे और भक्तों की भीड़ के बीच जाकर कीर्तन की धुन पर थिरकने लगे।
उनके इस सहज और सरल रूप को देखकर वहां मौजूद लोग हैरान भी थे और खुश भी। राजनैतिक गलियारों की सख्त और औपचारिक छवि से अलग, मुख्यमंत्री का यह रूप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वे किस तरह पूरी तल्लीनता के साथ ताली बजाते हुए भजन का आनंद ले रहे हैं।
सोशल मीडिया पर छाया वीडियो, यूजर्स दे रहे हैं प्रतिक्रियाएं
आज के डिजिटल दौर में किसी भी वीआईपी का इस तरह सार्वजनिक मंच पर आम जनता के साथ भक्ति में लीन होना तुरंत कैमरे में कैद हो जाता है। शुभेंदु अधिकारी का यह वीडियो सामने आने के बाद से ही एक्स (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ट्रेंड कर रहा है।
- जनता का रिएक्शन: सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो पर जमकर प्यार बरसा रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि राजनीति से परे हटकर ऐसी तस्वीरें मन को शांति देती हैं।
- सांस्कृतिक जुड़ाव: बंगाल की धरती हमेशा से भक्ति और साहित्य का केंद्र रही है। ऐसे में एक शीर्ष नेता का इस रूप में सामने आना सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव को दर्शाता है।
- वायरल ट्रेंड: वीडियो के कुछ ही घंटों में हजारों व्यूज और लाइक्स मिल चुके हैं।
राजकीय व्यस्तता के बीच आध्यात्मिक पल
पश्चिम बंगाल की राजनीति में मौजूदा समय में काफी हलचल और व्यस्तता का माहौल रहता है। नीतिगत फैसलों, प्रशासनिक बैठकों और चुनावी सरगर्मी के बीच राजनेताओं के लिए निजी समय निकालना बेहद मुश्किल होता है। ऐसे में इस तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शिरकत करना राजनेताओं के मानसिक संतुलन और उनकी व्यक्तिगत आस्था का एक खूबसूरत पहलू बनकर सामने आता है।
शुभेंदु अधिकारी का यह अंदाज न सिर्फ उनके समर्थकों के लिए एक सुखद आश्चर्य था, बल्कि यह साबित करता है कि कितनी भी बड़ी जिम्मेदारी हो, आस्था और संस्कृति से जुड़ाव इंसान को हमेशा जमीन से जोड़े रखता है।
राधा रानी की कृपा और भक्तों का उल्लास
कोलकाता के इस आयोजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं का कहना था कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने इस उत्सव के आनंद को कई गुना बढ़ा दिया। उन्होंने न केवल कार्यक्रम में शिरकत की, बल्कि आम जनता के साथ बिना किसी वीआईपी दिखावे के घुलमिलकर समय बिताया।
राधा अष्टमी का यह पर्व बंगाल की राजधानी में अनगिनत यादें छोड़ गया, और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का यह भक्तिमय स्वरूप आने वाले दिनों तक सोशल मीडिया और चर्चाओं के बाजारों में छाया रहने वाला है।