एशियन गेम्स 2026 के महामुकाबले में भारतीय एथलीटों का शानदार सफर लगातार जारी है। आज शनिवार, 26 सितंबर 2026 को खेल के मैदान से भारत के लिए एक के बाद एक कई गौरवशाली खबरें सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में देश की स्टार स्क्वैश खिलाड़ी जोशना चिनप्पा और युवा पैडलर वेलवन सेंथिलकुमार की अनुभवी जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स इवेंट में देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया है। इस सफलता ने पूरे देश के खेल प्रेमियों में एक नया उत्साह भर दिया है। हालांकि, यह मुकाबला इतना रोमांचक और कांटे की टक्कर का था कि अंतिम पलों तक सांसें थमी हुई थीं।
जोशना और वेलवन की जुझारू जोड़ी का शानदार सफर
ऐतिहासिक एइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 के इस मिक्स्ड डबल्स सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी का सामना हांगकांग के मजबूत खिलाड़ियों ली का यी और तांग मिंग होंग से हुआ। मुकाबला इतना कड़ा था कि दोनों टीमों ने जीत के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। तीन गेम तक चले इस रोमांचक संघर्ष में अंततः भारतीय जोड़ी को बेहद करीबी अंतर से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उनके जुझारू रवैये ने सबका दिल जीत लिया।
मैच का पहला गेम बेहद लंबा खिंचा और दोनों ओर से बेहतरीन रैलियां देखने को मिलीं। हांगकांग की जोड़ी ने भारी मशक्कत के बाद पहले गेम में 11-10 से बढ़त हासिल की। लेकिन भारतीय खिलाड़ी इतनी आसानी से हार मानने वाले नहीं थे। दूसरे गेम में जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार ने जोरदार वापसी करते हुए कोर्ट पर अपनी आक्रामकता दिखाई और विरोधी टीम को संभलने का मौका तक नहीं दिया। इस गेम को भारत ने एकतरफा अंदाज में 11-2 से अपने नाम कर लिया, जिससे मैच निर्णायक तीसरे गेम में पहुंच गया।
अंतिम पलों के रोमांच ने बढ़ाई धड़कनें
तीसरे और आखिरी गेम में मुकाबला और भी ज्यादा रोमांचक हो गया। शुरुआत में हांगकांग के खिलाड़ियों ने 5-2 की बढ़त बनाकर भारतीय जोड़ी पर दबाव बनाने की कोशिश की। इसके बावजूद जोशना और वेलवन ने मानसिक दृढ़ता का परिचय दिया और स्कोर 6-6 से बराबर कर लिया। इसके बाद खेल ने एक नया मोड़ लिया और भारतीय जोड़ी ने शानदार खेल दिखाते हुए 10-7 की महत्वपूर्ण बढ़त बना ली।
अब भारत को फाइनल का टिकट कटाने के लिए केवल एक अंक (Match Point) की आवश्यकता थी। पूरा स्टेडियम और स्क्रीन के सामने बैठे करोड़ों भारतीय सांसें रोककर इस पल को देख रहे थे। हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। ली का यी और तांग मिंग होंग ने दबाव के क्षणों में अद्भुत वापसी की और लगातार चार अंक हासिल कर लिए। अंततः हांगकांग ने यह गेम 11-10 से जीतकर फाइनल में प्रवेश किया, जबकि भारतीय जोड़ी को कांस्य पदक (Bronze Medal) से संतोष करना पड़ा। बावजूद इसके, इस जोड़ी ने एशियन गेम्स के इतिहास में भारत के लिए स्क्वैश में एक और गौरवशाली अध्याय जोड़ दिया है।
शूटिंग रेंज में भी गूंजा भारत का नाम
स्क्वैश के अलावा शूटिंग रेंज से भी भारत के लिए एक बेहतरीन खबर सामने आई है। महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में भारतीय निशानेबाजों ने पोडियम पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। भारत की प्रतिभाशाली तिकड़ी—तिलोत्तमा सेन, विदर्शा विनोद और आशी चौकसे ने अपने अचूक निशानों के दम पर देश के लिए सिल्वर मेडल (Silver Medal) जीत लिया है।
इन तीनों महिला खिलाड़ियों ने कुल 1763 अंकों का शानदार स्कोर बनाया और अपनी सटीकता से पूरी दुनिया को प्रभावित किया। खास बात यह रही कि तिलोत्तमा सेन और विदर्शा विनोद ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर व्यक्तिगत फाइनल्स के लिए भी सफलतापूर्वक क्वालिफाई कर लिया है। इस इवेंट में चीन ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित करते हुए 1773 अंकों के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि कजाकिस्तान की टीम ने 1754 अंक जुटाकर ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया।
पदक तालिका में भारत की मजबूत स्थिति
एशियन गेम्स 2026 के इन शुरुआती और अहम दिनों में भारतीय दल का प्रदर्शन बेहद उत्साहजनक रहा है। विभिन्न खेलों में अब तक मिले पदकों को जोड़ लिया जाए, तो केवल शूटिंग में ही भारत के नाम 11 पदक हो चुके हैं। खिलाड़ियों की यह निरंतरता यह साबित करती है कि भारतीय खेल संस्कृति अब एक नए मुकाम पर पहुंच चुकी है, जहां हमारे एथलीट महाद्वीप के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
आगे की राह और उम्मीदें
जैसे-जैसे एशियन गेम्स आगे बढ़ रहे हैं, देशवासियों की उम्मीदें और भी परवान चढ़ती जा रही हैं। जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार का यह ब्रॉन्ज मेडल आने वाले अन्य मुकाबलों में दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। सोशल मीडिया से लेकर खेल प्रेमियों के बीच इन खिलाड़ियों की जमकर सराहना हो रही है। हर कोई यही उम्मीद कर रहा है कि आने वाले दिनों में भारतीय खिलाड़ी तिरंगे की शान को और ऊंचा करेंगे और अधिक से अधिक स्वर्ण पदक देश की झोली में डालेंगे।