समाज में विवाह के नाम पर हो रहे छल-कपट और धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला महाराष्ट्र के जालना जिले से सामने आया है, जहां बेटे की शादी की उम्मीद संजोए बैठे एक परिवार को ठगी का शिकार बनना पड़ा। मामला सिर्फ पैसों की ठगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार एक बड़े और संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है, जिसने पुलिस प्रशासन के भी कान खड़े कर दिए हैं। वर्तमान वर्ष 2026 में सामने आई इस सनसनीखेज घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया है कि कैसे शातिर लोग भावनाओं और मजबूरियों का फायदा उठाकर अपने जाल में लोगों को फंसाते हैं।
दगड़वाड़ी में सामने आया अजीबोगरीब मामला
घटना जालना जिले के अंतर्गत आने वाले दगड़वाड़ी क्षेत्र की है। यहां एक परिवार अपने बेटे के लिए योग्य जीवनसाथी की तलाश कर रहा था। विवाह योग्य उम्र पार कर रहे बेटे के लिए रिश्ता न मिलने से चिंतित परिवार की मुलाकात कथित तौर पर कुछ ऐसे लोगों से हुई, जिन्होंने मदद का भरोसा तो दिलाया, लेकिन उनका असली मकसद कुछ और ही था। इस गिरोह ने परिवार को एक अनाथाश्रम की लड़की से विवाह कराने का झांसा दिया और सौदा तय कर लिया। लेकिन कहते हैं कि झूठ के पांव नहीं होते और सच सामने आ ही जाता है। इस मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ जब लड़की के घर पहुंचते ही उसकी पोल खुलने लगी।
परिवार की माने तो गुड्डू भाऊ नामक एक व्यक्ति से उनकी बातचीत हुई थी। इसी शख्स ने परिवार को एक लड़की की तस्वीर दिखाई और उसके साथ विवाह संपन्न कराने की एवज में 1 लाख 70 हजार रुपये की भारी-भरकम रकम की मांग रखी। बेटे के हाथ पीले होने की उम्मीद में परिवार इस जाल में उलझता चला गया।
ऐसे बुना गया था ठगी का पूरा जाल
धोखाधड़ी के इस ताने-बाने को बहुत ही शातिर तरीके से बुना गया था। शुरुआती बातचीत के बाद, 17 सितंबर को लड़की को लाने और अन्य व्यवस्थाओं के नाम पर 4 हजार रुपये ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर करवाए गए। इसके अगले ही दिन यानी 18 सितंबर को गुड्डू भाऊ, योगेश बोरसे, यास्मीन और कुछ अन्य संदिग्ध लोग उस लड़की को लेकर सीधे दगड़वाड़ी स्थित पीड़ित परिवार के घर पहुंच गए।
लड़की के सामने आते ही तयशुदा समझौते के तहत परिवार ने बाकी बची रकम यानी 1 लाख 66 हजार रुपये नकद उन लोगों के हाथ में थमा दिए। पैसे मिलते ही तथाकथित बिचौलिए वहां से निकलने की जल्दी में दिखे, जिससे परिवार के मन में थोड़ा संदेह पैदा हुआ। हालांकि, असली सच्चाई तब सामने आई जब परिवार ने लड़की से बातचीत शुरू की।
जब नाबालिग निकली 'दुल्हन', उड़ गए परिवार के होश
घर पहुंचने के बाद जब लड़की से उसका नाम और उम्र पूछी गई, तो उसने जो खुलासा किया उससे परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। लड़की ने न सिर्फ अपना नाम अलग बताया, बल्कि यह भी स्वीकार किया कि उसकी उम्र अभी महज 16 वर्ष है। कानूनन बाल विवाह एक गंभीर अपराध है और ऊपर से इस तरह की संदिग्ध परिस्थितियों में एक नाबालिग लड़की को उनके सुपुर्द किए जाने से परिवार बुरी तरह डर गया।
परिवार ने किसी भी कानूनी पचड़े में फंसने या जोखिम मोल लेने के बजाय अत्यंत समझदारी का परिचय दिया। उन्होंने तुरंत कोई भी देरी न करते हुए उस लड़की को अपने पास रखने के बजाय सीधे भोकरदन पुलिस थाने ले जाने का फैसला किया। परिवार ने थाने पहुंचकर पूरी आपबीती पुलिस अधिकारियों को सुनाई और उस लड़की को सकुशल पुलिस के हवाले कर दिया।
70-80 लड़कियों की तस्वीरें बरामद, बड़ा नेटवर्क बेनकाब
भोकरदन पुलिस थाने में जब यह मामला पहुंचा, तो पुलिस ने इसे सामान्य ठगी मानकर नजरअंदाज नहीं किया। मामले की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत गहन छानबीन शुरू की गई। पुलिस ने जब इस रैकेट से जुड़े संदिग्धों से पूछताछ की और उनके पास मौजूद डिजिटल उपकरणों की जांच की, तो उनके होश उड़ गए।
क्या सामने आया पुलिस की जांच में?
- भारी मात्रा में तस्वीरें: पुलिस को आरोपियों के पास से 70 से 80 अलग-अलग युवतियों के फोटोग्राफ मिले हैं।
- फर्जी रिश्तों का बाजार: इन तस्वीरों का इस्तेमाल संभावित रिश्तों के नाम पर भोले-भाले परिवारों को भ्रमित करने के लिए किया जाता था।
- वसूली का धंधा: लड़की पसंद आने के बाद शादी तय कराने के नाम पर भारी रकम ऐंठी जाती थी।
जांच अधिकारियों का मानना है कि यह कोई इक्का-दुक्का मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित गिरोह (सिंडिकेट) है जो कई जिलों में सक्रिय हो सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये तस्वीरें कहां से लाई गई थीं, इस अवैध नेटवर्क के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं और अब तक इन्होंने कितने और परिवारों को अपना शिकार बनाया है।
सुरक्षा और सतर्कता की सख्त जरूरत
यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि विवाह जैसे पवित्र बंधन को तय करते समय केवल बाहरी बातों या अजनबी बिचौलियों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। आज के समय में इस तरह के कई फर्जी गिरोह सक्रिय हैं जो गरीबों या जरूरतमंद परिवारों की भावनाओं से खेलते हैं।
जालना पुलिस इस पूरे मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही है और नाम सामने आए सभी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस रैकेट में शामिल किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। तब तक आम जनता से भी यह अपील की जाती है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।