असम के मोरीगांव जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जिले के लाहोरीघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहमारी पथार इलाके में ब्रह्मपुत्र नदी के तेज बहाव के बीच एक हस्तनिर्मित नाव पलटने से अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे के बाद से नदी में डूबे दो लोगों की तलाश आज दूसरे दिन भी लगातार जारी है। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें स्थानीय प्रशासन और गोताखोरों के साथ मिलकर लापता लोगों को ढूंढने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चला रही हैं।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना रविवार की शाम को घटी। लाहोरीघाट पुलिस थाने को रात करीब 7 बजे सूचना मिली थी कि मोहमारी पथार के पास ब्रह्मपुत्र नदी में एक नाव दुर्घटना का शिकार हो गई है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस नाव पर कुल 11 लोग सवार थे। ये सभी लोग नदी के पास स्थित एक 'चर' (नदी के बीच बनने वाला रेतीला द्वीप) इलाके से यात्रा कर रहे थे और ब्रह्मपुत्र नदी को पार कर रहे थे।
नदी के बीचों-बीच पहुंचते ही अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज लहरों के बीच पलट गई। नाव पलटने के बाद उस पर सवार सभी लोग पानी में डूबने लगे। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और स्थानीय मछुआरे तुरंत मदद के लिए दौड़े।
7 लोगों की बचाई गई जान, चार की हालत गंभीर
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और मछुआरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाव कार्य शुरू किया। गनीमत यह रही कि समय रहते कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दुर्घटना में कुल 9 लोगों को पानी से सुरक्षित बचा लिया गया, जिनमें से चार की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
गंभीर रूप से घायल चारों लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार, उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इन दो लोगों की तलाश में जुटी है एसडीआरएफ
नाव पर सवार कुल 11 लोगों में से 9 लोगों को तो बचा लिया गया, लेकिन दो लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, लापता लोगों की पहचान निम्नलिखित रूप में की गई है:
- अफिया खातून (उम्र 28 वर्ष, निवासी - बेटाबोरी गांव, मोरीगांव)
- सैदुल इस्लाम (उम्र 58 वर्ष, निवासी - बोलोबारी गांव, मोरीगांव)
घटना की सूचना मिलते ही लाहोरीघाट और भेलोगुरी थाने की पुलिस टीम फौरन मौके पर पहुंच गई थी। इसके साथ ही मोइराबारी से एसडीआरएफ (SDRF) की विशेष टीम को भी तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया था।
दूसरे दिन भी जारी है सघन खोजबीन अभियान
हादसे के अगले दिन यानी आज सोमवार को सुबह होते ही रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है। ब्रह्मपुत्र नदी के विशाल जलक्षेत्र और तेज बहाव को देखते हुए एसडीआरएफ के गोताखोर अत्याधुनिक उपकरणों के साथ पानी के भीतर तलाश कर रहे हैं। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन और मछुआरों की नावें भी नदी के दूर-दूर के हिस्सों में लापता महिला और पुरुष की तलाश में जुटी हुई हैं।
प्रशासन लगातार नदी के किनारों पर नजर बनाए हुए है और स्थिति पर पूरी तरह से मुस्तैद है। इस दुखद घटना के बाद से लापता लोगों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा गांव सदमे में डूबा हुआ है। हर कोई ईश्वर से यही प्रार्थना कर रहा है कि किसी तरह दोनों लापता लोग सुरक्षित मिल जाएं।