माफिया अतीक अहमद के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। झांसी में हुए भीषण सड़क हादसे में अतीक के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद और उसके दोस्त सोनू की दर्दनाक मौत के बाद प्रयागराज का माहौल बेहद तनावपूर्ण और गमगीन है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ी सुगबुगाहट यह सामने आ रही है कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही फरार चल रही 50 हजार की इनामी शाइस्ता परवीन ने क्या अपने कलेजे के टुकड़े का आखिरी दीदार कर लिया है?
प्रयागराज के चकिया और हटवा गांव की गलियों में यह चर्चा बेहद तेज है कि अतीक और अशरफ के कत्ल के वक्त दूर रहने वाली मां शाइस्ता, अपने सबसे छोटे बेटे के जनाजे की खबर पाकर खुद को रोक नहीं पाईं। हालांकि, पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियां इस बात की पुष्टि नहीं कर रही हैं, लेकिन इलाके में जारी 'अदृश्य सन्नाटा' और समर्थकों की खामोशी इसी तरफ इशारा कर रही है।
23 गंभीर चोटें और फटे लिवर-लंग्स: पोस्टमार्टम में खौफनाक खुलासा
गुरुवार रात झांसी मेडिकल कॉलेज में तीन डॉक्टरों के स्पेशल पैनल (डॉ. रजनीश, डॉ. पंकज मुस्तरिया और डॉ. जिया जफर) ने अबान के शव का पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे का प्रभाव इतना जबरदस्त था कि अबान के शरीर पर 23 गंभीर चोटें पाई गईं। डॉक्टरों के अनुसार:
- अत्यधिक प्रभाव के कारण अबान का लिवर और फेफड़े (लंग्स) बुरी तरह फट गए थे।
- पसलियों के टूटने और अंदरूनी रक्तस्राव (Internal Bleeding) की वजह से मौके पर ही उसकी जान चली गई।
- कार में सवार साथी रफीक उर्फ सोनू के सिर की हड्डी टूट गई और उसके दोनों हाथ भी फ्रैक्चर हो गए थे।
हाईकोर्ट से राहत: दोनों बड़े भाई होंगे जनाजे में शामिल
छोटे भाई के आखिरी सफर में शामिल होने के लिए जेल में बंद बड़े भाइयों—मोहम्मद उमर और अली अहमद की पैरोल अर्जी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया है। न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद सामंत की पीठ ने बुआ परवीन कुरैशी की याचिका पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
शुक्रवार को कोर्ट ने दोनों भाइयों को पुलिस कस्टडी में आठ अगस्त की रात आठ बजे तक के लिए जनाजे में शामिल होने की सशर्त अनुमति दी है। उनके चकिया पहुंचते ही अबान का जनाजा उठाया जाएगा और कसारी-मसारी कब्रिस्तान में पिता अतीक अहमद व चाचा अशरफ की कब्रों के पास ही सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
STF और खुफिया एजेंसियां अलर्ट, चकिया में भारी पुलिस बल
हादसे के बाद से ही पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शाइस्ता परवीन, आयशा नूरी और जैनब फातिमा जैसी फरार महिला आरोपियों के आखिरी दीदार के लिए पहुंचने की आशंका को देखते हुए खुफिया एजेंसियां, एसटीएफ और प्रयागराज पुलिस की कई टीमें सादे लिबास में तैनात की गई हैं। हटवा गांव, चकिया और कसारी-मसारी कब्रिस्तान के आसपास हर आने-जाने वाले पर पैनी नजर रखी जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. अतीक के बेटे अबान अहमद की मौत कैसे हुई?
झांसी में हुई एक भीषण कार दुर्घटना में अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 23 गंभीर चोटों और अंदरूनी अंगों के फटने की पुष्टि हुई है।
2. क्या अतीक के जेल में बंद बेटों को जनाजे में शामिल होने की अनुमति मिली?
हां, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोहम्मद उमर और अली अहमद को अपने छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल होने के लिए पुलिस कस्टडी में पैरोल मंजूर की है।
3. क्या शाइस्ता परवीन बेटे अबान के जनाजे में पहुंची है?
प्रयागराज में शाइस्ता के गुप्त रूप से पहुंचने की सुगबुगाहट और अफवाहें तेज हैं, लेकिन पुलिस व एसटीएफ की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इलाके में भारी पुलिस और खुफिया बल तैनात है।