क्या आपने भी आज घर से निकलने से पहले आसमान का मिजाज देखा है? अगर नहीं, तो संभल जाइए क्योंकि मानसून एक बार फिर अपने सबसे आक्रामक अवतार में लौटने को तैयार है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा भविष्यवाणियों ने देश के एक-बड़े हिस्से के लिए चेतावनी की घंटी बजा दी है। उत्तर भारत से लेकर पूर्व और मध्य भारत तक मानसून का प्रचंड रूप देखने को मिलने वाला है। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले कुछ घंटों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलेगा, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
20 राज्यों में झमाझम बरसेंगे बदरा, इन जगहों पर खास सतर्कता जरूरी
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, देश के करीब 20 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी और मैदानी राज्यों को लेकर मौसम वैज्ञानिकों ने गहरी चिंता जताई है। इन दोनों ही राज्यों के कई जिलों में बादलों का डेरा रहेगा और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।
राजधानी दिल्ली और उससे लगे एनसीआर इलाकों की बात करें, तो यहाँ आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। बीच-बीच में धूप और छांव के बीच कुछ चुनिंदा जगहों पर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं, जिससे उमस भरी गर्मी से हल्की राहत मिल सकती है।
इन राज्यों में जारी हुआ 'रेड अलर्ट'
IMD ने अपनी चेतावनी में कुछ राज्यों के लिए सबसे गंभीर यानी 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इन इलाकों में प्रशासन और आम जनता को पूरी तरह सतर्क रहने की सलाह दी गई है:
- उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश: लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर आ सकती हैं, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) का खतरा बढ़ गया है।
- अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय: पूर्वोत्तर के इन राज्यों में भारी बारिश जनजीवन अस्त-व्यस्त कर सकती है।
- गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा: तटीय इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज समुद्री हवाओं का प्रकोप देखने को मिलेगा।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी झमाझम बारिश का दौर जारी रहने की पूरी उम्मीद है।
65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं
बारिश के साथ-साथ बादलों की गरज, बिजली चमकने और तूफानी हवाओं का डबल अटैक देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं चलेंगी, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। वहीं, समुद्र तटीय इलाकों और खुले समुद्र में स्थिति ज्यादा खतरनाक होने वाली है।
"मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटों के पास हवा की गति 45 से 55 किमी/घंटा रह सकती है, जो झोंकों में 65 किमी/घंटा तक पहुँच सकती है। यही स्थिति बंगाल की खाड़ी के पास भी बनी हुई है।"
आखिर क्यों अचानक बदला मौसम? जानिए इसके पीछे की वजह
मौसम में इस अचानक आए बदलाव के पीछे कई मौसमी सिस्टम एक साथ एक्टिव हो गए हैं। IMD के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी झारखंड और उसके आसपास एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation) भी मौजूद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन दोनों सिस्टम के प्रभाव से अगले 48 घंटों में उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और नया कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। इसके अलावा, मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) भी अपनी सामान्य स्थिति से गुजरते हुए फिरोजपुर, रोहतक, उरई, सीधी से होते हुए सीधे बंगाल की खाड़ी तक पहुंच रहा है। इन मिले-जुले कारणों से बादलों का यह भारी जमावड़ा देश के बड़े हिस्से में बारिश को और अधिक तीव्र कर रहा है।
मछुआरों के लिए सख्त चेतावनी: समंदर में जाने पर रोक
खराब मौसम और समंदर में उठने वाली ऊंची लहरों को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तर आंध्र प्रदेश और बांग्लादेश के तटों के पास समुद्र में स्थिति बेहद अशांत रहने की आशंका है। प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि कोई भी मछुआरा या नाव लेकर समंदर के भीतर न जाए, क्योंकि तेज हवाएं और चक्रवाती परिस्थितियां जानलेवा साबित हो सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: क्या दिल्ली-एनसीआर में भी भारी बारिश होगी?
उत्तर: नहीं, दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल भारी बारिश का अनुमान नहीं है। यहाँ आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछेक स्थानों पर हल्की बौछारें ही देखने को मिल सकती हैं।
Q2: IMD ने किन राज्यों के लिए सबसे ज्यादा चेतावनी जारी की है?
उत्तर: मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है।
Q3: क्या मछुआरों के लिए समुद्र में जाने पर पाबंदी है?
उत्तर: हाँ, बंगाल की खाड़ी और पश्चिमी तटों के पास 45 से 65 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।