क्रिकेट के मैदान पर जब कोई खिलाड़ी वापसी करता है और अपने बल्ले से आलोचकों का मुंह बंद करता है, तो वह नजारा वाकई देखने लायक होता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने। श्रीलंका के खिलाफ गाले के ऐतिहासिक मैदान पर खेले जा रहे टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय टीम ने अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है। इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण रहे देवदत्त पडिक्कल, जिन्होंने अपनी शानदार बल्लेबाजी का मुजाहिरा करते हुए एक बेहतरीन शतक जड़ा और टीम इंडिया को ड्राइवर सीट पर ला खड़ा किया।
शुरुआती झटकों के बाद पडिक्कल और राहुल का दमदार जवाब
मुकाबले की शुरुआत में जब भारतीय टीम टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी, तो श्रीलंकाई गेंदबाजों ने परिस्थितियों का फायदा उठाने की पूरी कोशिश की। पारी की शुरुआत करने आए युवा सनसनी यशस्वी जायसवाल और स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल ज्यादा देर क्रीज पर टिक नहीं सके और जल्दी पवेलियन लौट गए। ऐसे में टीम पर शुरुआती दबाव साफ नजर आ रहा था। लेकिन, इसके बाद क्रीज पर आए देवदत्त पडिक्कल और अनुभवी केएल राहुल ने पारी को संभाल ही नहीं, बल्कि श्रीलंकाई गेंदबाजों की धज्जियां भी उड़ा दीं।
केएल राहुल ने एक छोर से जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए 77 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। राहुल का डिफेंस और शॉट चयन इस बात का गवाह था कि वह टेस्ट क्रिकेट की बारीकियों को कितनी अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने पडिक्कल के साथ मिलकर एक मजबूत साझेदारी की, जिसने शुरुआती झटकों के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया।
देवदत्त पडिक्कल का कमबैक: शतक से पक्की की अपनी जगह
लंबे समय से टीम से अंदर-बाहਰ चल रहे देवदत्त पडिक्कल के लिए यह पारी करियर टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। उन्होंने बेहद संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए श्रीलंका के स्पिनर्स और तेज गेंदबाजों का डटकर मुकाबला किया। जब उन्होंने अपना शतक पूरा किया, तो ड्रेसिंग रूम में खड़े कप्तान और कोच के साथ-साथ हर भारतीय प्रशंसक का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
"दबाव की स्थिति में इस तरह की शतकीय पारी खेलना किसी भी युवा खिलाड़ी के मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है। पडिक्कल ने साबित कर दिया है कि वह लंबे समय तक भारतीय टेस्ट टीम का अहम हिस्सा बनने के काबिल हैं।"
ऋषभ पंत का आक्रामक अंदाज
दिन का खेल समाप्त होने से ठीक पहले, जब भारतीय पारी को अंत में तेजी की जरूरत थी, तब क्रीज पर आए अपने 'रफ एंड टफ' अंदाज के लिए मशहूर ऋषभ पंत। पंत ने आते ही श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। दिन का खेल खत्म होने तक पंत 27 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनके इस छोटे से लेकिन धमाकेदार योगदान ने स्कोरबोर्ड को और रफ्तार दी और भारत की स्थिति को पूरी तरह सुरक्षित कर दिया।
गाले की पिच और मैच का हाल
गाले की पिच हमेशा से स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती रही है, और खेल के पहले दिन ही गेंद टर्न होना शुरू हो गई थी। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों द्वारा दिखाया गया यह तकनीकी कौशल बेहद सराहनीय है। श्रीलंका के गेंदबाजों ने पूरी कोशिश की कि वे भारत को कम स्कोर पर समेट सकें, लेकिन पडिक्कल और राहुल की दीवार को भेदना उनके लिए नामुमकिन साबित हुआ।
भारतीय पारी के मुख्य आकर्षण:
- देवदत्त पडिक्कल: शानदार वापसी करते हुए यादगार शतक।
- केएल राहुल: सूझबूझ भरी पारी खेलते हुए 77 रन बनाए।
- ऋषभ पंत: नाबाद 27 रन बनाकर पारी का अंत आक्रामक अंदाज में किया।
- शुरुआती झटके: यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल के जल्दी आउट होने के बाद टीम ने बेहतरीन वापसी की।
आगे क्या होगी रणनीति?
मैच के दूसरे दिन भारतीय टीम की कोशिश होगी कि वह अपने स्कोर को विशालकाय बनाकर श्रीलंका पर पारी की हार का दबाव बनाए। पिच जिस तरह से अब पुरानी हो रही है, गेंदबाजों को और अधिक टर्न और बाउंस मिलने की उम्मीद है। ऐसे में रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा जैसे गेंदबाज श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकते हैं।
फिलहाल, गाले टेस्ट के पहले दिन का पूरा नियंत्रण भारतीय टीम के पास है और क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि टीम इस बढ़त को जीत में तब्दील करने में सफल रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: गाले टेस्ट मैच में किस भारतीय बल्लेबाज ने शतक लगाया?
Ans: देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ गाले टेस्ट की पहली पारी में शानदार शतक जड़ा।
Q2: पहले दिन का खेल समाप्त होने पर ऋषभ पंत कितने स्कोर पर नाबाद थे?
Ans: ऋषभ पंत पहले दिन का खेल समाप्त होने पर 27 रन बनाकर नाबाद खेल रहे थे।
Q3: शुरुआती झटकों के बाद भारत की पारी को किसने संभाला?
Ans: यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल के आउट होने के बाद देवदत्त पडिक्कल और केएल राहुल ने शतकीय साझेदारी कर पारी को संभाला।