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चंदौली में पुलिस महकमे में हड़कंप, लापरवाही पर एसपी आकाश पटेल ने की बड़ी कार्रवाई

चंदौली में पुलिस महकमे में हड़कंप, लापरवाही पर एसपी आकाश पटेल ने की बड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक बड़ी और सख्त खबर सामने आ रही है, जहां पुलिस महकमे में सुस्ती और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। जिले के तेज-तर्रार पुलिस अधीक्षक (SP) आकाश पटेल ने हाल ही में सकलडीहा सर्किल के थानों का औचक और गहन निरीक्षण किया। इस दौरान लंबित विवेचनाओं (Pending Investigations) की समीक्षा की गई, जिसमें पुलिस कर्मियों की बड़ी लापरवाही सामने आई।

समीक्षा बैठक के दौरान एसपी ने साफ कर दिया कि जनता को समय पर न्याय दिलाना पुलिस की पहली प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तय समयसीमा के भीतर मामलों का निस्तारण न करने पर एक उपनिरीक्षक को जहां तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, वहीं तीन अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद से पूरे जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

दानापुर थाने के मामले में डेढ़ साल की देरी पड़ी भारी

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई 13 अगस्त को सकलडीहा सर्किल में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान की गई। एसपी आकाश पटेल ने जब थानोंवार पेंडिंग फाइलों को खंगालना शुरू किया, तो धानापुर थाने का एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी को चौंका दिया।

धानापुर थाने में दर्ज एक मुकदमे की विवेचना करीब डेढ़ साल (18 महीने) से अटकी हुई थी। तमाम निर्देश के बावजूद इस मामले में कोई भी अपेक्षित प्रगति देखने को नहीं मिली। इस गंभीर लापरवाही को एसपी ने बेहद गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से विवेचक उप निरीक्षक सकलैन अहमद को निलंबित कर दिया। एक साल से अधिक समय तक फाइल दबाए बैठने और पीड़ित को न्याय न मिलने के इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे, जिस पर एसपी ने त्वरित एक्शन लिया।

धीना और बलुआ थानों के विवेचकों पर भी लटकी तलवार

सिर्फ धानापुर ही नहीं, बल्कि सकलडीहा सर्किल के अन्य थानों का हाल भी कुछ खास अच्छा नहीं पाया गया। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि:

  • धीना थाना क्षेत्र: निर्धारित नियमों के मुताबिक 60 से 90 दिन के भीतर विवेचना पूरी हो जानी चाहिए थी, लेकिन यहाँ तय सीमा पार होने के बाद भी मामले ठंडे बस्ते में पड़े रहे।
  • बलुआ थाना क्षेत्र: इन मामलों में भी समय सीमा का उल्लंघन किया गया और साक्ष्य संकलन में भारी देरी पाई गई।

इन दोनों थानों के मामलों में तय समय (60/90 दिन) बीत जाने के बाद भी कोई संतोषजनक प्रगति न मिलने पर एसपी ने तीन अन्य विवेचकों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद इन पर भी कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई तय मानी जा रही है।

एसपी आकाश पटेल की दो टूक: 'लापरवाही बर्दाश्त नहीं'

बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सभी थानों के विवेचकों और प्रभारियों को कड़ी हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि:

"विवेचनाओं में अनावश्यक देरी और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीड़ित को समयबद्ध न्याय मिलना चाहिए और इसके लिए साक्ष्यों का संकलन, सही परीक्षण और विधिक प्रक्रिया का तेजी से पालन किया जाए।"

उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि वे पेंडिंग मामलों को चुनौती के रूप में लें और प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण करें। यदि भविष्य में किसी भी विवेचना में unjustified delay पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सीधे कठोर एक्शन लिया जाएगा।

आम जनता और पीड़ितों के लिए क्या हैं मायने?

पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से आम जनता में एक सकारात्मक संदेश गया है। अक्सर यह शिकायत आम होती है कि थानों में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस महीनों और सालों तक फाइलों को आगे नहीं बढ़ाती, जिससे पीड़ितों को दर-दर भटकना पड़ता है। एसपी चंदौली के इस कदम से पुलिस कर्मियों में अब डर और जवाबदेही की भावना पैदा होगी, जिससे मामलों के जल्द सुलझने की उम्मीद बढ़ गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: चंदौली में एसपी आकाश पटेल ने किस सर्किल में कार्रवाई की है?

Ans: एसपी ने सकलडीहा सर्किल के अंतर्गत आने वाले थानों की समीक्षा के दौरान यह कार्रवाई की है।

Q2: किस पुलिसकर्मी को निलंबित किया गया है और क्यों?

Ans: धानापुर थाने के मुकदमे की विवेचना में करीब डेढ़ साल तक कोई प्रगति न दिखाने के कारण उप निरीक्षक सकलैन अहमद को निलंबित किया गया है।

Q3: कितने दिनों के भीतर विवेचना पूरी करने का नियम है?

Ans: आमतौर पर गंभीर मामलों में 60 से 90 दिन के भीतर विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने का नियम है, जिसकी अनदेखी करने पर यह कार्रवाई हुई है।

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काव्या त्रिपाठी

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Senior Editor

काव्या त्रिपाठी बिजनेस और टेक्नोलॉजी की जटिल दुनिया को सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। वे आर्थिक बदलाव, स्टार्टअप इकोसिस्...

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