माफिया अतीक अहमद का परिवार एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कोई राहत नहीं बल्कि नया विवाद है। अतीक के बड़े बेटे उमर अहमद की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पैरोल पर जेल से बाहर आकर छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने वाले उमर के काफिले पर अब पुलिस का शिकंजा कस गया है।
प्रयागराज और प्रतापगढ़ की पुलिस ने उमर के काफिले में शामिल गाड़ियों और उनके ड्राइवरों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। खासकर, नवाबगंज टोल प्लाजा पर हुई हिंसा और दबंगई का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।टोल प्लाजा पर बैरियर तोड़ा, कर्मचारियों को कुचलने की कोशिश
घटना शनिवार शाम की है जब उमर अहमद का काफिला गुजर रहा था। नवाबगंज टोल प्लाजा के असिस्टेंट मैनेजर जय प्रकाश यादव ने पुलिस को दी गई शिकायत में सनसनीखेज खुलासे किए हैं।
- उमर के काफिले की सभी गाड़ियां टोल बैरियर को तोड़कर बिना टोल टैक्स दिए जबरन निकल गईं।
- जब टोल कर्मचारियों ने गाड़ियों को रोकने की कोशिश की, तो उनके साथ मारपीट की गई।
कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर गाड़ी से कुचलने की कोशिश भी की गई, जिससे उन्होंने बमुश्किल भागकर अपनी जान बचारविवार दोपहर करीब 1:30 बजे प्रयागराज पुलिस ने इस मामले में कुल 28 गाड़ियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली। टोल मैनेजर ने पुलिस को इस घटना से जुड़े पुख्ता सबूत और सीसीटीवी फुटेज भी सौंपे हैं, जिसके आधार पर अब आगे की कार्रवाई की जा रही हैदो घंटे पहले प्रतापगढ़ में भी दर्ज हुआ था केसप्रयागराज की घटना से ठीक दो घंटे पहले प्रतापगढ़ पुलिस ने भी उमर के काफिले में शामिल दो गाड़ियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस अब गाड़ियों के नंबर प्लेट्स के जरिए उनके मालिकों और ड्राइवरों की पहचान करने में जुटी है। कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, ऐसा स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है।
4 साल बाद मिली थी पैरोल
बता दें कि उमर अहमद इस समय लखनऊ की जेल में बंद है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त आदेशों और शर्तों के बाद उसे 4 साल में पहली बार पैरोल मिली थी। वह अपने छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल होने के लिए पुलिस कस्टडी में लखनऊ से प्रयागराज लाया गया था। लेकिन जनाजे से वापसी के दौरान उसके समर्थकों और काफिले द्वारा दिखाई गई दबंगई ने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्नोत्तर 1: उमर अहमद को पैरोल क्यों दी गई थी?
उत्तर: उमर अहमद को उसके छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल होने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शर्तों के साथ पैरोल दी थी। वह पिछले 4 साल से लखनऊ जेल में बंद है।
प्रश्नोत्तर 2: नवाबगंज टोल प्लाजा पर क्या विवाद हुआ था?
उत्तर: शनिवार शाम उमर के काफिले की गाड़ियां बिना टोल दिए बैरियर तोड़कर निकल गईं। आरोप है कि रोकने पर कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई और उन्हें कुचलने का प्रयास भी किया प्रश्नोत्तर 3: पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
उत्तर: प्रयागराज और प्रतापगढ़ पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और टोल मैनेजर की शिकायत के आधार पर कुल 30 से अधिक गाड़ियों और अज्ञात ड्राइवरों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।।
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