स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के गायन को कथित तौर पर बीच में रोकने का मामला अब देश की सियासत में भूचाल ला चुका है। राजस्थान के ऐतिहासिक और वीरों की भूमि चित्तौड़गढ़ पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी और सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोला है। अमित शाह ने इसे देश का अपमान बताते हुए सोनिया गांधी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के चक्कर में कांग्रेस पार्टी राष्ट्रगीत का अपमान करने पर उतर आई है। उनके इस तेवर ने राज्य और केंद्र की राजनीति में सरगर्मी बढ़ा दी है, और इस विवाद पर अब कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है।
अमित शाह का तीखा हमला: 'वंदे मातरम का अपमान देश कभी नहीं सहेगा'
जनसभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में 15 अगस्त के दिन जो कुछ भी हुआ, उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने कहा,
"कांग्रेस की बेशर्मी देखिए। पार्टी मुख्यालय में वंदे मातरम गान गाया जा रहा था, और उस दौरान सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को गाना बंद करने के लिए कहा। हम सबने इसे टीवी पर लाइव देखा। सोनिया जी, देश के 140 करोड़ लोग आपको देख रहे थे। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की इस अमर रचना के जरिए जिन शब्दों को गाते हुए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा था, उसे रोकने का दुस्साहस कैसे किया गया?"
अमित शाह ने आगे कहा कि इस तरह के कृत्यों को देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें इस घटना के लिए तुरंत देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
कर्नाटक में सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज
यह विवाद केवल जुबानी जंग तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि अब कानूनी शिकंजा भी कसने लगा है। स्वतंत्रता दिवस पर नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' के गायन के दौरान सोनिया गांधी के हाव-भाव और कथित तौर पर गीत रोकने के इशारे को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने सख्त कदम उठाया है। कर्नाटक के उरवा पुलिस स्टेशन में सोनिया गांधी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद से राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।
चित्तौड़गढ़ में विकास कार्यों की सौगात और अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि
इस सियासी घमासान के बीच अमित शाह अपने दौरे के दौरान विकास और राष्ट्रवाद के एजेंडे पर भी पूरी तरह मुखर नजर आए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर चित्तौड़गढ़ में उनकी 21 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में 1.5 करोड़ रुपये की लागत से बने इस स्मारक को समर्पित किया गया।
अटल जी को याद करते हुए गृह मंत्री ने उन्हें 'अजातशत्रु' बताया। उन्होंने कहा,
"अटल बिहारी वाजपेयी ने पत्रकार के रूप में अपनी कलम से राष्ट्रभक्ति को आगे बढ़ाया, कवि के रूप में शब्दों से देश को जोड़ा और प्रधानमंत्री के रूप में देश की सुरक्षा और सुशासन को नई दिशा दी। सत्ता में रहें या विपक्ष में, उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।"
कांग्रेस के 70 साल बनाम मोदी सरकार के 8 साल
अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा भी जनता के सामने रखा। राजस्थान के 15 जिलों में करीब 5659 करोड़ रुपये की लागत वाले 944 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए उन्होंने कांग्रेस के दशकों पुराने कामकाज पर करारा तंज कसा:
- पेयजल योजना पर आंकड़े: शाह ने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने 'हर घर नल, हर घर जल' योजना शुरू की, तब राजस्थान के केवल 11 लाख घरों तक पानी पहुंचता था। कांग्रेस ने अपने 70 साल के कार्यकाल में जितना काम किया, उससे छह गुना ज्यादा काम पीएम मोदी ने सिर्फ 8 वर्षों में करके दिखाया है और 64 लाख घरों तक पानी पहुंचाया है।
- वीर भूमि का इतिहास: उन्होंने राजस्थान के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि चित्तौड़गढ़ की यह पवित्र भूमि हमेशा से देशभक्तों के लिए वीरता की काशी रही है, जिसने मुगलों को यह संदेश दिया कि इस देश के स्वमान को कोई झुका नहीं सकता।
निष्कर्ष
चित्तौड़गढ़ से अमित शाह द्वारा दिया गया यह अल्टीमेटम और 'वंदे मातरम' के अपमान का मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। एक तरफ जहां बीजेपी इसे राष्ट्रवाद और अस्मिता से जोड़कर आक्रामक तेवर अपना रही है, वहीं दूसरी तरफ इस कानूनी शिकायत ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। देखना यह होगा कि कांग्रेस पार्टी इस सियासी और वैचारिक हमले का क्या जवाब देती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: अमित शाह ने सोनिया गांधी को क्यों घेरा है?
Ans: 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' राष्ट्रगीत के गायन को बीच में रोकने का निर्देश देने के आरोप में अमित शाह ने सोनिया गांधी को घेरा है और माफी की मांग की है।
Q2: क्या इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई हुई है?
Ans: हां, वंदे मातरम के अपमान के कथित विवाद को लेकर कर्नाटक के उरवा पुलिस स्टेशन में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई है।
Q3: अमित शाह ने हाल ही में राजस्थान के किस जिले में विकास कार्यों का शिलान्यास किया?
Ans: अमित शाह ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा में 5659 करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया, साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया।