बिहार के बेगूसराय जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। यहां बाढ़ के पानी के बीच एक छोटी सी गलती पूरे परिवार के लिए जीवनभर का ऐसा नासूर बन गई, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। साइकिल धोने के दौरान हुए एक मामूली हादसे में चाचा और भतीजे दोनों की गहरे पानी में डूबकर मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
कैसे हुआ यह हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना बेगूसराय जिले के एक ग्रामीण इलाके की है, जहां इन दिनों बाढ़ का पानी तबाही मचाए हुए है। चारों तरफ जलभराव के हालात बने हुए हैं। हर रोज की तरह जिंदगी अपनी रफ्तार से चल रही थी, लेकिन किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में यह सामान्य दिन एक भीषण त्रासदी में बदल जाएगा।
मृतकों की पहचान एक युवा चाचा और उसके भतीजे के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों से मिली शुरुआती जानकारियों के मुताबिक, दोनों किसी काम के सिलसिले में घर से बाहर निकले थे और वापसी के दौरान उनकी साइकिल पर कीचड़ लग गया था। बाढ़ के पानी के पास पहुंचकर उन्होंने सोचा कि क्यों न साइकिल को साफ कर लिया जाए। उन्हें क्या पता था कि यह सफाई उनके लिए आखिरी फैसला साबित होगी।
गहरे पानी का अंदाजा नहीं लगा पाए
बाढ़ के पानी ने सड़क और गड्ढों के बीच के अंतर को पूरी तरह मिटा दिया था। पानी का भराव इतना ज्यादा था कि जमीन की असली गहराई का अंदाजा लगाना नामुमकिन सा हो गया था। जब चाचा और भतीजे पानी के करीब जाकर साइकिल धो रहे थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया।
- साइकिल धोने के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ा।
- पैर फिसलने से दोनों गहरे पानी से भरे गड्ढे में जा गिरे।
- बाढ़ के तेज बहाव और अत्यधिक गहराई के कारण दोनों खुद को संभाल नहीं सके।
- आसपास के लोग जब तक कुछ समझ पाते और मदद के लिए दौड़ते, बहुत देर हो चुकी थी।
गांव में मचा कोहराम, पसरा मातम
घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। देखते ही देखते घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक ही घर के दो चिराग एक साथ बुझ जाने से मां, पत्नी और अन्य परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि दोनों बहुत ही मिलनसार स्वभाव के थे और इस अचानक हुए हादसे ने सबको अंदर से झकझोर कर रख दिया है।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंच गया। गोताखोरों की मदद से काफी मशक्कत के बाद दोनों के शवों को पानी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रशासन की अपील: बाढ़ के पानी से रहें दूर
इस हृदयविदारक घटना के बाद जिला प्रशासन ने एक बार फिर आम जनता से कड़ी सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोग अतिरिक्त सतर्कता बरतें। पानी की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है, इसलिए बच्चों और युवाओं को विशेष रूप से पानी के स्रोतों, गड्ढों और नदियों के पास जाने से बचना चाहिए। एक छोटी सी लापरवाही या मस्ती जानलेवा साबित हो सकती है।
बेगूसराय की यह घटना हर उस परिवार के लिए एक चेतावनी और सबक है जो बाढ़ के पानी को हल्के में लेते हैं। जरूरत इस बात की है कि ऐसे समय में पूरी सतर्कता बरती जाए ताकि किसी और घर का चिराग इस तरह से न बुझे।