मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की फिजा इन दिनों पूरी तरह से संगीत के रंग में रंगी हुई है। अवसर था शहर में आयोजित हुए बहुप्रतीक्षित 'भारतीय हार्मोनिका महोत्सव-2026' का, जहां देश के कोने-कोने से पहुंचे दिग्गज माउथ ऑर्गन वादकों ने अपनी सुरीली धुनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में गूंजी इन स्वर लहरियों ने संगीत प्रेमियों को एक अलग ही दुनिया में पहुंचा दिया।
माउथ ऑर्गन की जादुई धुनों से सजा भोपाल
कार्यक्रम की शुरुआत बेहद खास अंदाज में हुई। सभागार में जब किसी कलाकार ने महात्मा गांधी का प्रिय भजन 'वैष्णव जन तो तेने कहिए जे पीड़ पराई जाणे रे...' की धुन माउथ ऑर्गन पर छेड़ी, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके बाद एक के बाद एक कई सदाबहार गीतों जैसे 'कहता है दिल...' और 'बार-बार देखो हजार बार देखो...' की धुनों ने वहां मौजूद हर शख्स को झूमने पर मजबूर कर दिया। श्रोता इन सुरीली लहरियों में इतनी गहराई से खोए कि वक्त का अहसास ही नहीं रहा।
इस राष्ट्रीय स्तर के महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। यह इस प्रतिष्ठित महोत्सव का 13वां संस्करण था, जिसने भोपाल की सांस्कृतिक जमीन पर एक नया इतिहास रच दिया है।
अनुपम पॉल और 17 वर्षीय सिद्धि सोनी की जादुई प्रस्तुतियां
महोत्सव का मुख्य आकर्षण देश के जाने-माने हार्मोनिका वादक अनुपम पॉल और देश की बेहद प्रतिभाशाली 17 वर्षीय युवा हार्मोनिका वादिका सिद्धि सोनी की प्रस्तुतियां रहीं। महज 17 साल की उम्र में सिद्धि ने जिस परिपक्वता और खूबी के साथ माउथ ऑर्गन पर अपनी कला का प्रदर्शन किया, उसने साबित कर दिया कि भारत का युवा संगीत के क्षेत्र में कितना उज्ज्वल भविष्य लेकर आ रहा है।
उपस्थित श्रोताओं ने दोनों कलाकारों की प्रस्तुति पर खड़े होकर उनका अभिवादन किया। माउथ ऑर्गन, जिसे आम बोलचाल में 'माउथ ऑर्गन' या 'हार्मोनिका' कहा जाता है, को बजाना बेहद कठिन माना जाता है, लेकिन इन कलाकारों ने अपनी उंगलियों और सांसों के तालमेल से इसे बेहद आसान और जादुई बना दिया।
संगीत साधकों का महाकुंभ: सीएम मोहन यादव
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भावुक और ऊर्जावान शब्दों में कहा कि यह आयोजन महज वादकों का सम्मेलन नहीं, बल्कि 'संगीत साधकों का कुंभ' है। उन्होंने कहा,
"आज के इस ऐतिहासिक अवसर पर रोमांचित करने वाले संगीत के इन सभी साधकों का मध्य प्रदेश सरकार की ओर से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं। संगीत के प्रति आपका यह समर्पण और तपस्या सचमुच अद्भुत है। संगीत हमारी भारतीय संस्कृति की सबसे जीवंत और प्राचीन परंपरा है।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देश की कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने में ऐसे आयोजनों की बहुत बड़ी भूमिका होती है। कला जगत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक भारत - श्रेष्ठ भारत' के सपने को जमीनी हकीकत में बदल रहा है। केंद्र सरकार जिस प्रकार देश के कोने-कोने से छुपे हुए महान कला और संगीत साधकों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित कर रही है, उससे पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति का मान बढ़ा है।
संगीत की इस विधा को मिलेंगी नई ऊंचाइयां
कार्यक्रम के समापन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि हार्मोनिका एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित यह 13वां राष्ट्रीय सम्मेलन इस बात का प्रमाण है कि मध्य प्रदेश अब कला और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। देश भर से पधारे कलाकारों का यह समागम संगीत प्रेमियों के लिए किसी पर्व से कम नहीं है।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओजस्वी नेतृत्व में देश भर में कला, संगीत और संस्कृति को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। कलाकारों को उचित सम्मान और बड़ा मंच उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुझे पूरा विश्वास है कि भोपाल में हुआ यह भव्य सम्मेलन देश के उभरते और अनुभवी कलाकारों को एक मजबूत मंच प्रदान करेगा, साथ ही हार्मोनिका जैसी मधुर संगीत विधा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।"
सांस्कृतिक पटल पर भोपाल की नई पहचान
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलता है, बल्कि देश की युवा पीढ़ी भी अपनी पारंपरिक और शास्त्रीय जड़ों से जुड़ती है। भोपाल में संपन्न हुआ यह भारतीय हार्मोनिका महोत्सव-2026 आने वाले कई सालों तक संगीत प्रेमियों के दिलों में अपनी मीठी यादें छोड़ गया है। मध्य प्रदेश की आतिथ्य परंपरा और संगीत के प्रति यहां के लोगों का प्रेम एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने मिसाल बनकर उभरा है।