Breaking
► चतरा में जमीन कब्जा के दौरान खौफनाक मंजर, महिला ने खुद को लगाई आग ► वाराणसी में बारिश के बीच पानी में डूबी झोपड़ी, मदद की आस में नट समुदाय ► दमकल कर्मियों पर गाज: 8 बर्खास्त, 12 निलंबित, हड़ताल 6 सितंबर तक बढ़ी ► लालरी छठ पर रामकुंड में उमड़ी भीड़, महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत ► चंदौली में बनेगा एयरपोर्ट जैसा आधुनिक बस अड्डा, 22 करोड़ की लागत से नए साल में शुरू होगा काम ► पीएम मोदी से मिले सपा सांसद वीरेंद्र सिंह, इन बड़े मुद्दों पर हुई खास चर्चा ► मकान ढहने के नौ दिन बाद भी बेघर परिवार को नहीं मिली मदद ► बीएचयू में पेड़ कटाई पर बवाल: कुलपति कार्यालय पहुंचे छात्र, जमकर हंगामा और धक्का-मुक्की ► वाराणसी में जलभराव का स्थायी इलाज, विवेका नगर से लेकर अमरा तक चलेगा बड़ा अभियान ► AIMIM को बड़ा झटका: असिम वकार ने थामा कांग्रेस का हाथ, बोले- लड़ाई बीजेपी से ► चतरा में जमीन कब्जा के दौरान खौफनाक मंजर, महिला ने खुद को लगाई आग ► वाराणसी में बारिश के बीच पानी में डूबी झोपड़ी, मदद की आस में नट समुदाय ► दमकल कर्मियों पर गाज: 8 बर्खास्त, 12 निलंबित, हड़ताल 6 सितंबर तक बढ़ी ► लालरी छठ पर रामकुंड में उमड़ी भीड़, महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत ► चंदौली में बनेगा एयरपोर्ट जैसा आधुनिक बस अड्डा, 22 करोड़ की लागत से नए साल में शुरू होगा काम ► पीएम मोदी से मिले सपा सांसद वीरेंद्र सिंह, इन बड़े मुद्दों पर हुई खास चर्चा ► मकान ढहने के नौ दिन बाद भी बेघर परिवार को नहीं मिली मदद ► बीएचयू में पेड़ कटाई पर बवाल: कुलपति कार्यालय पहुंचे छात्र, जमकर हंगामा और धक्का-मुक्की ► वाराणसी में जलभराव का स्थायी इलाज, विवेका नगर से लेकर अमरा तक चलेगा बड़ा अभियान ► AIMIM को बड़ा झटका: असिम वकार ने थामा कांग्रेस का हाथ, बोले- लड़ाई बीजेपी से

बीएचयू में पेड़ कटाई पर बवाल: कुलपति कार्यालय पहुंचे छात्र, जमकर हंगामा और धक्का-मुक्की

बीएचयू में पेड़ कटाई पर बवाल: कुलपति कार्यालय पहुंचे छात्र, जमकर हंगामा और धक्का-मुक्की

वाराणसी की ऐतिहासिक शिक्षा नगरी कहे जाने वाले बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब बड़ी संख्या में छात्र और शोधार्थी प्रशासनिक भवन के बाहर जमा हो गए। मामला कैंपस के भीतर कथित तौर पर हो रही पेड़ों की अवैध कटाई से जुड़ा हुआ है। छात्र इस संवेदनशील मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन से सीधा जवाब मांगने पहुंचे थे, लेकिन हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए जब सुरक्षाकर्मियों और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

सितंबर 2026 की इस घटना ने एक बार फिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों को केंद्र में ला दिया है। पिछले कुछ दिनों से बीएचयू के पर्यावरण प्रेमी छात्र और विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधि कैंपस के हरियाली भरे स्वरूप को बचाए रखने के लिए लामबंद हो रहे थे। छात्रों का आरोप है कि बिना किसी स्पष्ट अनुमति और उचित कारण के पुराने और घने पेड़ों को काटा जा रहा है, जिससे परिसर का पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ रहा है।

पेड़ कटाई पर क्यों भड़के बीएचयू के छात्र?

छात्रों का तर्क है कि बीएचयू का कैंपस न सिर्फ अपनी शिक्षा के लिए, बल्कि अपनी समृद्ध वन संपदा और प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी पूरी दुनिया में जाना जाता है। ऐसे में, यदि बिना सोचे-समझे निर्माण कार्यों या अन्य कारणों से पेड़ों की बलि दी जाएगी, तो छात्र इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे।

विरोध प्रदर्शन में शामिल एक छात्र नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "हमने कई बार प्रशासन से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन हर बार हमें टाल दिया गया। आज जब हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने कुलपति कार्यालय के पास पहुंचे, तो प्रशासन ने हमसे संवाद करने के बजाय सुरक्षाकर्मियों को आगे कर दिया। क्या अपनी ही यूनिवर्सिटी में सवाल पूछना अपराध हो गया है?"

कुलपति कार्यालय के बाहर हाई-वोल्टेज ड्रामा

बुधवार शाम को अचानक छात्रों का हुजूम कुलपति कार्यालय की तरफ बढ़ने लगा। हाथों में पर्यावरण संरक्षण के नारे लिखी तख्तियां और ज़ुबान पर प्रशासन विरोधी नारों के साथ छात्रों ने प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार को घेर लिया।

  • सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश जैसे ही छात्रों ने अंदर जाने का प्रयास किया, मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की।
  • धक्का-मुक्की: इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई।
  • नारेबाजी: छात्रों ने 'पेड़ बचाओ, परिसर बचाओ' और 'प्रशासन होश में आओ' के नारे लगाकर पूरे इलाके को गुंजायमान कर दिया।

तनाव को बढ़ता देख मौके पर स्थानीय पुलिस और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंच गए। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी इस मांग पर अड़े रहे कि कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर लिखित रूप में यह आश्वासन दे कि आगे से कैंपस में कोई भी पेड़ नहीं काटा जाएगा।

प्रशासन का रुख और आगे की स्थिति

इस पूरे हंगामे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि कुछ विकास कार्यों और सड़क चौड़ीकरण के प्रस्ताव के तहत कुछ बाधा बन रहे पेड़ों को हटाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन मामला इतना तूल पकड़ लेगा, इसका अंदाजा शायद प्रशासनिक अधिकारियों को नहीं था।

छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि पेड़ों की कटाई पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करेंगे। आने वाले दिनों में यह मुद्दा बीएचयू की राजनीति और प्रशासन के लिए एक बड़ी सिरदर्दी साबित हो सकता है।

फिलहाल, कुलपति कार्यालय के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच चल रहा यह टकराव किस मोड़ पर पहुंचेगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर विकास बनाम पर्यावरण की बहस को हवा दे दी है।:

About the Author

निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

Writer (स्थानीय खबरें)

निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

Read More