उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। ठगी और टप्पेबाजी के नए-नए तरीकों से आम जनता को बेवकूफ बनाने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से लोगों को अपनी जाल में फंसाता था और असली नोटों की गड्डी के नाम पर कागज के बंडल थमाकर फरार हो जाता था। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से भारी मात्रा में फर्जी नोटों की गड्डियां और नकदी बरामद की गई है।
कैसे काम करता था यह शातिर टप्पेबाज गिरोह?
अपराध का यह तरीका किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। यह गिरोह बहुत ही सोची-समझी रणनीति के तहत काम करता था। गिरोह के सदस्य भीड़-भाड़ वाले इलाकों, बाजारों, बैंकों के आसपास या फिर सुनसान रास्तों पर ऐसे लोगों को तलाशते थे जो थोड़े सीधे-साधे या जल्दी अमीर बनने के लालच में आ सकते थे।
इनका मुख्य पैंतरा यह होता था कि वे पीड़ित को यह विश्वास दिलाते थे कि उनके पास कहीं से बड़ी मात्रा में असली नकदी (विशेषकर 500-500 रुपये के नोट) आई है, जिसे वे बहुत कम कीमत में बदलना चाहते हैं। भरोसे को जीतने के लिए वे ऊपर की तरफ असली 500 रुपये का एक नोट लगा देते थे और उसके नीचे बिल्कुल उसी साइज के कागज के टुकड़े या गड्डियां रखकर उसे रबर बैंड से बांध देते थे। जब तक पीड़ित को इस शातिर धोखे का अहसास होता, तब तक आरोपी अपनी ठगी की रकम समेटकर रफूचक्कर हो जाते थे।
पुलिस की विशेष टीम ने बिछाया जाल
बदायूं जिले में पिछले कुछ दिनों से इस प्रकार की टप्पेबाजी और धोखाधड़ी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आम नागरिकों की गाढ़ी कमाई लूटने वाले इस गिरोह की वजह से लोगों में दहशत का माहौल था। मामलों की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। इस टीम को निर्देश दिए गए कि वे जल्द से जल्द इस गिरोह का सुराग लगाएं और आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाएं।
स्थानीय मुखबिर तंत्र और सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस ने अपराधियों की गतिविधियों को ट्रैक करना शुरू किया। आखिरकार, सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने एक गुप्त अभियान चलाकर इस गिरोह के पांचों सदस्यों को धर दबोचा। गिरफ्तारी के दौरान इनके पास से जो सामान बरामद हुआ, उसने पुलिस अधिकारियों को भी चौंका दिया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण और बरामदगी
पुलिस की पूछताछ में कई चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। पकड़े गए आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं, जो गिरोह के मुख्य चेहरों के रूप में काम करती थीं। महिलाओं की मौजूदगी के कारण किसी को भी उन पर शक नहीं होता था और वे आसानी से लोगों का विश्वास जीत लेते थे।
मुख्य बरामदगी:
- ऊपर असली नोट और नीचे कागज की गड्डियों से बने कई बंडल।
- अवैध रूप से वसूली गई नकदी।
- घटनाओं में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज।
- आपराधिक कृत्यों में प्रयुक्त वाहन।
महिलाओं की संलिप्तता से पुलिस भी हैरान
इस टप्पेबाजी गिरोह की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इसमें महिलाओं को आगे रखा जाता था। आमतौर पर लोग महिलाओं पर जल्दी संदेह नहीं करते। गिरोह की ये महिला सदस्य भोले-भाले लोगों के पास जाकर मदद मांगने या कोई कीमती सामान कम दाम में देने का झांसा देती थीं। जब पीड़ित व्यक्ति उनके झांसे में आ जाता था, तो बाकी सदस्य योजना के मुताबिक मौके पर पहुंचकर ठगी को अंजाम देते थे।
प्रशासन और पुलिस की कड़ी चेतावनी
इस सफल खुलासे के बाद बदायूं पुलिस ने आम जनता के लिए एक चेतावनी और एडवाइजरी जारी की है। पुलिस प्रशासन ने अपील की है कि लोग किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में न आएं। खासकर:
- सड़क चलते किसी भी व्यक्ति द्वारा सस्ते में सोना, चांदी या नोट बदलने के प्रस्ताव पर बिल्कुल भरोसा न करें।
- यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति इस प्रकार की हरकत करता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना दें।
- बैंकिंग या वित्तीय लेन-देन हमेशा सुरक्षित स्थानों और अधिकृत संस्थानों के माध्यम से ही करें।
आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने बदायूं के अलावा उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। साथ ही, इनके आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है ताकि इनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। न्यायालय में पेश करने के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
बदायूं पुलिस की इस त्वरित और मुस्तैद कार्रवाई की इलाके में काफी सराहना हो रही है। इस खुलासे से निश्चित रूप से उन आपराधिक तत्वों को कड़ा संदेश गया है जो भोले-भाले नागरिकों को अपना शिकार बनाते हैं।