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स्पेशल कैंपेन 6.0: सीसीएल मुख्यालय और सभी क्षेत्रों में स्वच्छता की गूंज

स्पेशल कैंपेन 6.0: सीसीएल मुख्यालय और सभी क्षेत्रों में स्वच्छता की गूंज

कार्यालयों में केवल फाइलों का आना-जाना ही काम नहीं होता, बल्कि कार्य संस्कृति में शुचिता और पर्यावरण के प्रति जवाबदेही भी उतनी ही मायने रखती है। इसी सोच को जमीनी स्तर पर उतारते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों में शुमार सेंट्रल कोलफिल्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने एक बार फिर से अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। वर्तमान समय में देश भर में चल रहे विशेष अभियानों की कड़ी में, सीसीएल मुख्यालय सहित इसके तमाम कोयला क्षेत्रों में 'स्पेशल कैंपेन 6.0' का धमाकेदार आगाज हो चुका है। इस अभियान के तहत सबसे पहले कर्मचारियों और अधिकारियों को सामूहिक रूप से स्वच्छता की शपथ दिलाई गई, ताकि कार्यस्थल पर एक स्वच्छ, सुंदर और सकारात्मक माहौल तैयार किया जा सके।

शपथ ग्रहण समारोह: संकल्प से सिद्धि की ओर

सोमवार को सीसीएल मुख्यालय के सभागार में एक सादे लेकिन बेहद प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में कर्मचारियों ने पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ स्वच्छता की शपथ ली। इस दौरान सभी ने यह संकल्प लिया कि वे न केवल अपने कार्यालय कक्ष को साफ रखेंगे, बल्कि अपने आस-पास के परिवेश को भी कचरा मुक्त बनाने में अपना पूरा योगदान देंगे।

शपथ लेते हुए अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता केवल एक पखवाड़े या कुछ दिनों का दिखावा नहीं होना चाहिए, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बननी चाहिए। जब तक हम अपने दफ्तर और घर को स्वच्छ नहीं रखेंगे, तब तक एक स्वस्थ समाज की कल्पना करना बेमानी है।

मुख्यालय से लेकर दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचा संदेश

यह अभियान केवल रांची स्थित सीसीएल मुख्यालय तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके प्रभाव को धरातल पर उतारने के लिए कंपनी के सभी परिचालन क्षेत्रों (Operational Areas) में भी व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। चाहे वह भूमिगत खदानें हों या ओपन कास्ट माइंस, हर जगह के प्रशासनिक भवनों और आवासीय परिसरों में स्वच्छता के इस संदेश को पहुंचाया गया।

विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधकों और परियोजना अधिकारियों ने अपने-अपने परिसरों में कर्मचारियों को शपथ दिलाई। इस दौरान कई जगहों पर श्रमदान का भी आयोजन किया गया, जहां अधिकारियों और श्रमिकों ने मिलकर दफ्तरों के आस-पास पड़ी पुरानी और बेकार सामग्रियों, रद्दी कागजों और प्लास्टिक कचरे को हटाया।

'स्पेशल कैंपेन 6.0' की रूपरेखा और उद्देश्य

आखिर यह 'स्पेशल कैंपेन 6.0' है क्या और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है? इसे समझना बेहद जरूरी है। सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का मुख्य फोकस कार्यालयों में लंबित मामलों (Pending Matters) को तेजी से निपटाने के साथ-साथ रिकॉर्ड मैनेजमेंट और परिसर की साफ-सफाई पर होता है।

  • रिकॉर्ड रूम का आधुनिकीकरण: सालों पुरानी फाइलों को करीने से व्यवस्थित करना और जो अब उपयोगी नहीं हैं, उन्हें नियमों के तहत नष्ट करना।
  • कबाड़ का उचित निस्तारण (Scrap Disposal): कार्यालयों में पड़े कबाड़, खराब पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान और बेकार फर्नीचर को नीलाम कर जगह खाली करना।
  • कार्यस्थल पर ergonomics सुधारना: कर्मचारियों के बैठने की जगह को अधिक हवादार, रोशन और साफ-सुथरा बनाना ताकि काम करने में सकारात्मक ऊर्जा मिले।
  • जन-जागृत करना: कर्मचारियों के परिवारों और आसपास की बस्तियों में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना।

कर्मचारियों में दिखा गजब का उत्साह

इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें सीसीएल के कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पारंपरिक तौर पर सरकारी या सार्वजनिक उपक्रमों के अभियानों को लेकर आम तौर पर लोगों में उदासीनता देखी जाती है, लेकिन इस बार का नजारा बिल्कुल अलग था। युवाओं से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक ने खुद आगे आकर झाड़ू थामा और अपने कमरों की सफाई में योगदान दिया।

एक युवा कर्मचारी ने बातचीत के दौरान बताया, "जब हमारे वरिष्ठ अधिकारी खुद हमारे साथ खड़े होकर सफाई अभियान में हाथ बंटाते हैं, तो एक अलग ही प्रेरणा मिलती है। स्वच्छता का यह संदेश हमें केवल दफ्तर तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे अपने समाज और मोहल्ले में भी फैलाना चाहिए।"

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में कदम

कोयला खनन से जुड़ी कंपनियों के सामने पर्यावरण को संतुलित रखना एक बड़ी चुनौती होती है। सीसीएल लगातार इस दिशा में काम कर रहा है कि खनन गतिविधियों के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा भी की जाए। 'स्पेशल कैंपेन 6.0' इसी सोच का एक विस्तार है। जब कार्यालय परिसर और आवासीय कॉलोनियां स्वच्छ होंगी, तो वहां रहने वाले लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।

आने वाले हफ्तों में इस अभियान के तहत कई अन्य गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी, जिनमें निबंध प्रतियोगिताएं, चित्रकला प्रतियोगिताएं और सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ अनुभाग (Cleanest Section) को पुरस्कृत करने जैसी योजनाएं शामिल हैं। इससे कर्मचारियों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी पैदा होगी।

निष्कर्ष: बदलाव की बयार

सीसीएल मुख्यालय और सभी क्षेत्रों में 'स्पेशल कैंपेन 6.0' के तहत दिलाई गई स्वच्छता की शपथ महज औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह एक बड़े बदलाव की शुरुआत है। यदि हर कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को समझ ले और अपने कार्यस्थल को अपने घर की तरह साफ रखे, तो वह दिन दूर नहीं जब हमारे सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थान स्वच्छता के मामले में मिसाल बन जाएंगे। इस अभियान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सामूहिक इच्छाशक्ति से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

Writer (स्थानीय खबरें)

निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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