पूर्वांचल का मिनी कश्मीर कहे जाने वाले चंदौली के प्रसिद्ध राजदरी जलप्रपात (Rajdari Waterfall) से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां पिकनिक मनाने आए एक युवक को उफनते पानी में उतरना भारी पड़ गया। नहाते समय अचानक पानी के तेज बहाव में युवक बहने लगा और मौके पर चीख-पुकार मच गई। गनीमत यह रही कि वहां मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
लेकिन इस घटना ने पुलिस-प्रशासन के उन तमाम दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है, जिनमें सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने की बात कही जाती है।
मौत को छूकर लौटा युवक: कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मौसम सुहावना होने के कारण राजदरी वॉटरफॉल पर सैलानियों की भारी भीड़ जुटी थी। कई लोग सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर झरने के बेहद करीब पहुंच रहे थे। इसी दौरान एक युवक गहरे पानी और तेज बहाव की तरफ चला गया।
पहाड़ों से आ रहे पानी का वेग इतना तेज था कि देखते ही देखते युवक का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज धारा में बहने लगा। युवक को डूबता देख किनारे खड़े सैलानियों में हड़कंप मच गया। लोग चिल्लाने लगे, लेकिन उफनती नदी में उतरने की हिम्मत किसी की नहीं हो रही थी।
ग्रामीणों का अदम्य साहस: देवदूत बनकर आए लोग
जब माहौल में सिर्फ दहशत थी, तब स्थानीय ग्रामीणों और आसपास के दुकानदारों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने बिना वक्त गंवाए रस्सियों और डंडों के सहारे उफनते पानी में उतरकर युवक की तरफ हाथ बढ़ाया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने युवक को कसकर पकड़ा और खींचकर किनारे ले आए। अगर कुछ सेकेंड की भी देरी होती, तो युवक का बचना नामुमकिन था।
प्रतिबंध और पुलिस तैनाती पर उठे गंभीर सवाल
गौरतलब है कि मानसून और तेज बारिश के मौसम में हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने राजदरी जलप्रपात के मुख्य झरने और गहरे पानी वाले इलाकों में नहाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध (Ban) लगा रखा है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाकायदा पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है।
इसके बावजूद सैलानी प्रतिबंधित क्षेत्रों में कैसे दाखिल हो रहे हैं? यह एक बड़ा सवाल है।
- सुरक्षा व्यवस्था में चूक: भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बाद भी युवक खतरे वाले प्वाइंट तक कैसे पहुंच गया?
- सैलानियों की लापरवाही: चेतावनी बोर्ड लगे होने के बाद भी लोग रील्स और फोटो के चक्कर में अपनी जान दांव पर लगा रहे हैं।
- पुख्ता बैरिकेडिंग की कमी: पर्यटकों को रोकने के लिए सिर्फ कागजी आदेश या हल्की फेंसिंग नाकाफी साबित हो रही है।
"राजदरी में हर साल बारिश के समय ऐसे हादसे सामने आते हैं। सैलानियों को समझना होगा कि कुदरत का मजा दूरी से भी लिया जा सकता है, एक पल का रोमांच जिंदगी भर का दर्द दे सकता है।"
पर्यटकों के लिए सख्त चेतावनी
इस घटना के बाद अब प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे। राजदरी और देवदरी जलप्रपात पर बैरिकेडिंग को मजबूत करने के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वाले सैलानियों पर सख्त चालानी कार्रवाई की जरूरत है। वहीं, पिकनिक मनाने आ रहे पर्यटकों को भी अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद समझनी होगी।