Breaking
► भोपाल में पहली बार होगी आर्मी डे परेड, 60 टन के टैंक दौड़ेंगे, 50 हजार लोग बनेंगे गवाह ► सुकमा में आईईडी डिफ्यूज करते वक्त बड़ा धमाका, सीआरपीएफ के 4 जवान घायल ► चंदौली में दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार बाइक ने राहगीर को मारी जोरदार टक्कर ► राजेश मसाले पर बड़ा एक्शन: असुरक्षित घोषित होने के बाद यूपी में बिक्री पर रोक ► रेलवे का मेगा एक्शन: डीडीयू मंडल में ट्रैक्शन पावर मजबूत, बदली गई तारों की लंबाई ► चन्दौली पुलिस की अनूठी पहल: विश्व दृष्टि दिवस पर एसपी आकाश पटेल ने दृष्टिबाधित बच्चों के साथ बिताए खास पल ► निशा बांगरे का राजनीति से मोहभंग, SDM पद वापसी की गुहार ► विधानसभास्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का रोमांचक समापन, 120 टीमों ने दिखाया दम ► राजस्थान में एसआईआर के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा सियासी संग्राम, सड़कों पर उतरा विपक्ष ► किसानों के लिए बड़ी राहत: फसल नुकसान पर सर्वे तेज, रबी में मिलेंगे मुफ्त बीज और मिनीकिट ► भोपाल में पहली बार होगी आर्मी डे परेड, 60 टन के टैंक दौड़ेंगे, 50 हजार लोग बनेंगे गवाह ► सुकमा में आईईडी डिफ्यूज करते वक्त बड़ा धमाका, सीआरपीएफ के 4 जवान घायल ► चंदौली में दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार बाइक ने राहगीर को मारी जोरदार टक्कर ► राजेश मसाले पर बड़ा एक्शन: असुरक्षित घोषित होने के बाद यूपी में बिक्री पर रोक ► रेलवे का मेगा एक्शन: डीडीयू मंडल में ट्रैक्शन पावर मजबूत, बदली गई तारों की लंबाई ► चन्दौली पुलिस की अनूठी पहल: विश्व दृष्टि दिवस पर एसपी आकाश पटेल ने दृष्टिबाधित बच्चों के साथ बिताए खास पल ► निशा बांगरे का राजनीति से मोहभंग, SDM पद वापसी की गुहार ► विधानसभास्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का रोमांचक समापन, 120 टीमों ने दिखाया दम ► राजस्थान में एसआईआर के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा सियासी संग्राम, सड़कों पर उतरा विपक्ष ► किसानों के लिए बड़ी राहत: फसल नुकसान पर सर्वे तेज, रबी में मिलेंगे मुफ्त बीज और मिनीकिट

कोर्ट के आदेश को भी ठेंगा! चंदौली के सकलडीहा में बेदखली के बावजूद नहीं हटा अवैध कब्जा, डूब रही किसानों की फसल

कोर्ट के आदेश को भी ठेंगा! चंदौली के सकलडीहा में बेदखली के बावजूद नहीं हटा अवैध कब्जा, डूब रही किसानों की फसल

चंदौली (सकलडीहा): जब कानून का चाबुक चले और अदालती आदेश भी कागजों में सिमट कर रह जाए, तो नुकसान का खामियाजा गरीब किसान को ही भुगतना पड़ता है। कुछ ऐसा ही मामला सकलडीहा तहसील क्षेत्र के माधोपुर गांव से सामने आया है। यहां तहसीलदार न्यायिक न्यायालय द्वारा स्पष्ट बेदखली आदेश जारी किए जाने के बाद भी अवैध कब्जा नहीं हटाया जा सका है। आलम यह है कि पानी का निकास बंद होने से किसानों के खेतों में पानी भर गया है और उनकी लहलाती धान की फसल गलकर तबाह होने की कगार पर है।

आखिर क्या है पूरा मामला?

माधोपुर गांव के पीड़ित किसानों का आरोप है कि गांव की ही शबरा (पत्नी इद्रीश) ने आराजी संख्या 452 पर अवैध रूप से पक्का कब्जा कर रखा है। यह जमीन सालों से गांव की मुख्य जल निकासी का रास्ता हुआ करती थी। इस पर अतिक्रमण होने की वजह से बरसात और आसपास के पानी का निकास पूरी तरह से ठप हो चुका है।

खेत बने ताल-तलैया, गन्ने और धान की फसल पर संकट

रास्ता बंद होने के कारण बारिश का सारा पानी किसानों के खेतों में जाकर जमा हो रहा है। खेतों में कई-कई फीट पानी भरा रहने से धान और अन्य फसलों के गलने की आशंका से किसान दिन-रात चिंतित हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में पानी नहीं निकाला गया, तो पूरी लागत और मेहनत बर्बाद हो जाएगी।

"हमने तहसील से लेकर जिले के उच्च अधिकारियों तक कई बार शिकायती पत्र दिया। लेकिन आदेश होने के बावजूद कोई झांकने तक नहीं आया। अगर फसल ही नहीं बचेगी, तो हम अपने परिवार का पेट कैसे पालेंगे?" - पीड़ित किसान, माधोपुर

पूर्व प्रधान ने उठाए तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल

मामले में तूल पकड़ने पर माधोपुर गांव के पूर्व प्रधान महेंद्र प्रताप तिवारी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि तहसीलदार न्यायिक न्यायालय से बेदखली का स्पष्ट आदेश आ चुका है। कोर्ट के फैसले का सख्ती से पालन कराना और अवैध अतिक्रमण को बुलडोजर या प्रशासनिक बल से हटवाना पूरी तरह से स्थानीय तहसील प्रशासन की जिम्मेदारी है।

किसानों की प्रमुख मांगें:

  • कोर्ट के आदेश पर तुरंत अमल: तहसीलदार न्यायिक कोर्ट के बेदखली आदेश का तत्काल पालन कराया जाए।
  • अतिक्रमण पर चले बुलडोजर: आराजी संख्या 452 से अवैध निर्माण हटाकर जल निकासी का पुराना मार्ग बहाल हो।
  • फसलों के नुकसान का आकलन: जलजमाव से प्रभावित फसलों का मुआयना कर किसानों को राहत दी जाए।

अधिकारियों की खामोशी से ग्रामीणों में पनप रहा आक्रोश

अदालती आदेश के बाद भी ढुलमुल रवैया अपनाना यह साफ दर्शाता है कि कहीं न कहीं प्रशासनिक लापरवाही किसानों पर भारी पड़ रही है। फिलहाल, तबाही के मुहाने पर खड़े माधोपुर गांव के किसान बेबस नजर आ रहे हैं और उनकी टकटकी केवल इस बात पर टिकी है कि तहसील प्रशासन कब नींद से जागेगा और इस बेदखली आदेश को जमीन पर उतारेगा।

About the Author

एडमिनिस्ट्रेशन

एडमिनिस्ट्रेशन

Administration

एडमिनिस्ट्रेशन टीम पर्दे के पीछे रहकर पूरे न्यूज़ प्लेटफॉर्म को सुचारू रूप से चलाने का काम करती है। तकनीकी प्रबंधन, कंटेंट पब्लिशिंग और सिस्टम की न...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →