विकास की कीमत कभी-कभी अपनों से ज्यादा अपनों की यादों को चुकानी पड़ती है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार, 27 सितंबर 2026 को कुछ ऐसा ही प्रशासनिक और भावनात्मक उदाहरण पेश किया, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। उज्जैन में आने वाले बड़े धार्मिक आयोजन 'सिंहस्थ-2028' की तैयारियों को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रशासन ने सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य तेज कर दिया है। इसी कड़ी में जब शहर के सौंदर्यीकरण और ट्रैफिक सुगमता के आड़े मुख्यमंत्री का अपना खुद का पैतृक घर आया, तो उन्होंने बिना किसी देरी या विशेष विशेषाधिकार का इस्तेमाल किए, अपने हाथों से गैंती उठा ली और मकान के उस हिस्से को गिराने की शुरुआत कर दी जो सड़क की जद में आ रहा था।
बचपन की यादें और विकास का संकल्प
जिस घर की दीवारों पर बचपन बीता, जिन गलियों में खेले-कूदे और जीवन के शुरुआती संघर्षों को जिया, उसी घर के एक हिस्से को खुद अपने हाथों से तोड़ते वक्त मुख्यमंत्री मोहन यादव के चेहरे पर एक तरफ जहां विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता साफ झलक रही थी, वहीं दूसरी तरफ आंखों में पुरानी यादों का सैलाब भी उमड़ पड़ा। गैंती चलाते वक्त वे कुछ पलों के लिए रुके और भावुक होकर बोले, 'जिस घर में जन्मे, बड़े हुए, खेले-कूदे, आज उसी घर के एक हिस्से को तोड़ना पड़ रहा है, लेकिन जनता की सुविधा और महाकुंभ सिंहस्थ के भव्य आयोजन के आगे व्यक्तिगत मोह से बड़ा हमारा कर्तव्य है।'
यह दृश्य न सिर्फ प्रशासनिक अधिकारियों के लिए बल्कि आम नागरिकों के लिए भी एक बड़ा संदेश था कि नियम और विकास सभी के लिए एक समान हैं, चाहे वह राज्य का मुखिया ही क्यों न हो।
730 मीटर लंबे मार्ग का हो रहा है चौड़ीकरण
उज्जैन को वैश्विक पटल पर एक और भव्य रूप देने के लिए मास्टर प्लान के तहत कई महत्वपूर्ण मार्गों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। वर्तमान में जिस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, उसके तहत कुल 730 मीटर लंबे सड़क मार्ग को चौड़ा किया जाना है। इस मार्ग के दायरे में आने वाले अन्य मकानों और दुकानों के मालिकों को भी प्रशासन पहले ही नोटिस जारी कर चुका है।
शहर के इस व्यस्त इलाके में सड़कों के संकरा होने के कारण अक्सर ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या बनी रहती थी। आगामी सिंहस्थ 2028 के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए यह सड़क चौड़ीकरण परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रशासन की अपील पर जनता का मिला साथ
मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा अपने ही घर पर खुद गैंती चलाए जाने के बाद इस प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय स्तर पर चल रही सुगबुगाहट और विरोध के सुर पूरी तरह शांत हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद अपने पुश्तैनी मकान का हिस्सा स्वेच्छा से कुर्बान कर रहे हैं, तो आम जनता को भी शहर के विकास में अपना सहयोग देना चाहिए।
- परियोजना का नाम: उज्जैन मार्ग चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण
- लंबाई: 730 मीटर
- मुख्य उद्देश्य: सिंहस्थ 2028 के लिए ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाना
- विशेष घटना: मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं अपने पैतृक आवास का अतिक्रमण/हिस्सा हटाना
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
मुख्यमंत्री के इस साहसिक और भावनात्मक कदम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे एक सच्चे जनसेवक की परिभाषा बता रहे हैं। राजनैतिक गलियारों में भी इस बात की सराहना हो रही है कि किस तरह एक राजनेता ने पद के अहंकार को दरकिनार करते हुए आम जनता के हित को सर्वोपरि रखा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से उज्जैन के विकास कार्यों में तेजी आएगी और आने वाले दिनों में सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियां तय समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएंगी। मुख्यमंत्री का यह अंदाज न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता की मिसाल है, बल्कि यह भी साबित करता है कि बड़े बदलाव की शुरुआत हमेशा खुद से करनी पड़ती है।