देवभूमि के नाम से मशहूर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शहर के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मांडूवाला इलाके में एक सनसनीखेज वारदात ने हर किसी को सन्न कर दिया है। यहां एक 38 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर की निर्ममता से चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई और उसके शव को सुनसान जंगल में ठिकाने लगा दिया गया। इस वीभत्स हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस अब हर संभावित पहलू की गहराई से जांच कर रही है, जिसमें प्रेम प्रसंग का एंगल सबसे ऊपर माना जा रहा है।
मांडूवाला के जंगल में मिला खून से लथपथ शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार की शाम को स्थानीय लोगों और पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रेमनगर स्थित प्रसिद्ध डालफिन कॉलेज के पास वाले जंगल में, दरेड़ नदी के किनारे एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसपी सिटी शेखर सुयाल, प्रेमनगर थानाध्यक्ष गिरीश नेगी और एसएसआइ संजय रावत तुरंत अपनी पुलिस बल और फारेंसिक टीम के साथ मौके पर दौड़े।
पुलिस ने जब मौके पर पहुंचकर मुआयना किया, तो नजारा रूह कंपा देने वाला था। मृतक के गले पर धारदार हथियार (चाकू) से गहरे वार के निशान थे, जिससे साफ जाहिर होता था कि हत्या बेहद शातिर तरीके से और सुनियोजित ढंग से की गई है। शव को खाई नुमा ढलान से बाहर निकालने के लिए फारेंसिक तथा फील्ड यूनिट की विशेष मदद ली गई, ताकि मौके से कोई भी अहम वैज्ञानिक साक्ष्य (Scientific Evidence) छूट न जाए।
मृतक की हुई शिनाख्त, बिहार के सहरसा का रहने वाला था परिवार
जांच-पड़ताल के बाद मृतक की पहचान मदन (38 वर्ष) पुत्र अज्ञात, मूल निवासी ग्राम बौन, जिला सहरसा (बिहार) के रूप में हुई। वर्तमान में मृतक अपनी आजीविका चलाने के लिए देहरादून के मांडूवाला क्षेत्र में ही किराए के मकान पर रह रहा था। मदन पेशे से एक साधारण मजदूर था और अपनी मेहनत-मजदूरी से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था।
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मदन पिछले पांच-छह महीनों से ही मांडूवाला इलाके में किराए पर कमरा लेकर अपनी पत्नी और दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ रह रहा था। शुक्रवार की दोपहर को वह अचानक बिना किसी को कुछ बताए घर से बाहर निकला था। जब वह काफी रात तक भी अपने आशियाने पर वापस नहीं लौटा, तो उसकी पत्नी और परिवार के लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी।
परिजनों की बेचैनी और पुलिस की ताबड़तोड़ तलाश
पति के अचानक लापता होने से घबराई पत्नी ने तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और अपने पति की गुमशुदगी की आशंका जताई। पुलिस अपनी तरफ से लगातार मदन की तलाश में जुटी हुई थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि तलाश का यह सफर एक खौफनाक लाश के मिलने पर खत्म होगा। शनिवार को जब उसका शव जंगल से बरामद हुआ, तो परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए मृतक के शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए राजकीय अस्पताल के मोर्चरी में भिजवा दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक समय और अन्य चोटों के बारे में पुख्ता जानकारी मिल सकेगी।
प्रेम प्रसंग और रंजिश के बीच उलझी गुत्थी
इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए देहरादून पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक साधारण मजदूर की आखिर किससे इतनी बड़ी दुश्मनी हो सकती है कि उसे मौत के घाट उतार दिया जाए। इस मामले में पुलिस के हाथ कई महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं।
- आपसी रंजिश का एंगल: पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि क्या किसी पुरानी या तात्कालिक रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया।
- प्रेम प्रसंग की आशंका: थानाध्यक्ष गिरीश नेगी के अनुसार, इस पूरे मामले में प्रेम प्रसंग का एंगल सबसे मजबूत नजर आ रहा है। पुलिस का मानना है कि हत्यारा कोई ऐसा शख्स हो सकता है जो मृतक के परिवार या उसके करीबियों के बारे में अच्छी तरह जानता था।
- संपत्ति विवाद से इंकार: शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक मदन की कोई बहुत बड़ी पुस्तैनी संपत्ति या जमीन-जायदाद का विवाद नहीं था, जिसके चलते किसी रसूखदार द्वारा उसकी हत्या कराई जाए। इसलिए पैसों या संपत्ति का विवाद यहां बेमानी नजर आता है।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खोलेगा राज
हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस तकनीकी साक्ष्यों (Technical Surveillance) का पूरा सहारा ले रही है। मृतक मदन के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शुक्रवार को घर से निकलने के बाद उसकी किस-किस से फोन पर बात हुई थी या वह किससे मिलने गया था।
इसके साथ ही, पुलिस ने मृतक के पैतृक गांव सहरसा (बिहार) में भी उसके रिश्तेदारों और करीबियों से फोन पर संपर्क साधना शुरू कर दिया है, ताकि वहां के पारिवारिक या अन्य रिश्तों के इतिहास को भी खंगाला जा सके। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि सीडीआर की रिपोर्ट हाथ आते ही इस अंधे कत्ल से पर्दा उठ जाएगा और हत्यारा जल्द ही पुलिस की सलाखों के पीछे होगा।
देहरादून में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं
बीते कुछ दिनों से शांत माने जाने वाले पर्यटन शहर देहरादून और उसके आसपास के इलाकों में आपराधिक वारदातों का ग्राफ चिंताजनक रूप से बढ़ा है। हाल ही में सहस्त्रधारा क्षेत्र में एक कार के खाई में गिरने और लालतप्पड़ में बस-कार की जोरदार भिड़ंत जैसी दुर्घटनाओं ने जहां प्रशासन को व्यस्त रखा था, वहीं अब इस जघन्य हत्याकांड ने कानून-व्यवस्था की सुचिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बहरहाल, स्थानीय नागरिक और पीड़ित परिवार अब सिर्फ एक ही मांग कर रहे हैं—न्याय और गुनहगारों के लिए कड़ी से कड़ी सजा।