उत्तराखंड की शांत वादियों के लिए जाने जाने वाले देहरादून में एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय रिश्तों को तार-तार कर दिया है। यहां अवैध संबंधों के रास्ते का रोड़ा बन रहे एक पति को उसकी ही पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का महज 12 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। आइए जानते हैं इस खौफनाक वारदात की पूरी और अंदरूनी कहानी।
जंगल में मिला था श्रमिक का शव
घटना की शुरुआत तब हुई जब प्रेमनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मांडुवाला इलाके में स्थित डॉल्फिन कॉलेज के पास के जंगल से एक व्यक्ति का क्षत-विक्षत और खून से सना शव बरामद हुआ। स्थानीय लोगों की सूचना पर जब पुलिस कंट्रोल रूम हरकत में आया, तो प्रेमनगर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। घटनास्थल का नजारा बेहद भयावह था। मृतक की गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों पर धारदार हथियार से किए गए गहरे वार के निशान साफ नजर आ रहे थे।
पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया। घटनास्थल की बारीक वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई ताकि हत्या से जुड़ा कोई भी अहम सुराग हाथ से न छूटे। शुरुआती जांच में मृतक की शिनाख्त मदन मुखिया पुत्र बालेश्वर मुखिया के रूप में हुई। मदन मूल रूप से बिहार के सहरसा जिले के जामगा गांव का रहने वाला था और वर्तमान में देहरादून के झाझरा स्थित मांडुवाला में रहकर दिहाड़ी मजदूरी करता था।
मकान मालिक की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
घटना की गंभीरता को भांपते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तुरंत मामले की कमान अपने हाथ में ली। एसएसपी देहरादून परमेन्द्र डोबाल के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस टीमों का गठन किया गया। मृतक के शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया। वहीं, मृतक के मकान मालिक सुरेंद्र सिंह की आधिकारिक शिकायत पर प्रेमनगर थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया और पुलिस ने युद्ध स्तर पर तफ्तीश शुरू कर दी।
इस तरह पुलिस के जाल में फंसे आरोपी
हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक और मानवीय सूचना तंत्र (मुखबिर) दोनों का भरपूर इस्तेमाल किया। पुलिस टीमों ने आसपास के इलाकों में रहने वाले तमाम श्रमिकों का वेरिफिकेशन शुरू किया। इसके साथ ही, घटनास्थल के आसपास आने-जाने वाले सभी रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण खुफिया इनपुट मिला कि इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने में शामिल एक संदिग्ध युवक मांडुवाला से सुंदरवाला जाने वाले मार्ग के पास मंडरा रहा है। बिना वक्त गंवाए पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की और ललन शर्मा नामक युवक को दबोच लिया। जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की, तो उसने जो सच उगला, उसे सुनकर पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए।
प्रेम प्रसंग बना खूनी खेल की वजह
गिरफ्तार किए गए आरोपी ललन शर्मा ने पुलिस को बताया कि वह भी मूल रूप से बिहार का ही रहने वाला है और मांडुवाला क्षेत्र में एक स्थानीय टेलर के यहां किराए पर रहकर मजदूरी का काम करता है। पूछताछ में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि पिछले दो-तीन वर्षों से ललन का मृतक मदन मुखिया की पत्नी मीना के साथ अवैध प्रेम-प्रसंग चल रहा था।
ललन और मीना के बीच की यह नजदीकियां छिपी नहीं रह सकीं। कुछ समय पहले मृतक मदन मुखिया को अपनी पत्नी और ललन के इस अवैध रिश्ते की भनक लग गई थी। इसके बाद से घर में कलह शुरू हो गई थी। मदन लगातार अपनी पत्नी मीना को इस रिश्ते से दूर रहने की चेतावनी दे रहा था और उसे प्रताड़ित भी करता था। जब मदन उनके प्यार के रास्ते का सबसे बड़ा कांटा बन गया, तो दोनों प्रेमियों ने उसे इस दुनिया से हमेशा के लिए हटाने की खूनी साजिश रच डाली।
शराब पिलाकर जंगल में उतारा मौत के घाट
साजिश के तहत घटना वाले दिन ललन ने मृतक की पत्नी मीना से संपर्क साधा। योजना के मुताबिक, मीना ने अपने पति मदन को किसी बहाने से मांडुवाला के सुनसान जंगल की तरफ चलने के लिए राजी कर लिया। पति को कुछ भी शक नहीं हुआ और वह अपनी पत्नी के साथ जंगल में चला गया।
जंगल के भीतर पहुंचने के बाद सुनसान माहौल का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने मदन को जमकर शराब पिलाई। जब मदन नशे में पूरी तरह धुत हो गया और अपना बचाव करने की स्थिति में नहीं रहा, तब उसके ही अपनों ने उसकी सांसें हमेशा के लिए रोक दीं। ललन शर्मा ने पास ही छिपाकर रखे गए धारदार चाकू से मदन की गर्दन पर ताबड़तोड़ कई वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
साक्ष्य छिपाने की कोशिशें हुई नाकाम
हत्या को अंजाम देने के बाद भी दोनों के दिल में जरा सा भी खौफ नहीं था। क्रूरता की हदें पार करते हुए ललन और मीना ने मिलकर मदन के शव को जंगल से घसीटते हुए नीचे एक गहरी खाई में फेंक दिया, ताकि किसी को आसानी से लाश दिखाई न दे। इसके बाद, वारदात में इस्तेमाल किया गया वह खूनी चाकू पास की ही झाड़ियों में छिपा दिया गया ताकि सबूत मिटाए जा सकें।
हालांकि, शातिर से शातिर अपराधी भी कानून के लंबे हाथों से बच नहीं पाता। पुलिस ने आरोपी ललन की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल वह धारदार चाकू और अन्य अहम साक्ष्य बरामद कर लिए। कड़ियां जोड़ने के बाद पुलिस ने साजिश में बराबर की हिस्सेदार और मृतक की बेवफा पत्नी मीना को भी गिरफ्तार कर लिया।
सुरक्षा और पुलिस मुस्तैदी पर एक नजर
मात्र 12 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करना दून पुलिस की एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि किस तरह अनैतिक संबंध इंसान को किस अंधकारमय रास्ते पर ले जाते हैं, जहां वह अपने ही जीवनसाथी का कातिल बन बैठता है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है ताकि इन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।