राजधानी दिल्ली के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में शुमार आईटीओ (ITO) चौराहे पर रविवार रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया। चलती कार में अचानक सीएनजी सिलेंडर फटने से मची अफरा-तफरी के बीच एक अनियंत्रित वाहन ने कर्नाटक सरकार के बोर्ड वाली इनोवा कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में दो विधायक समेत कुल छह लोग घायल हो गए। गनीमत यह रही कि इस भयंकर टक्कर में किसी की जान नहीं गई, लेकिन हादसे की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
कैसे हुआ यह भयानक हादसा?
पुलिस अधिकारियों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार रात करीब 9:30 बजे की है। व्यस्त आईटीओ क्रॉसिंग के पास एक स्विफ्ट कार सड़क पर दौड़ रही थी। कार में 32 वर्षीय आशुतोष पांडे अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों के साथ लक्ष्मी नगर से आईटीओ की तरफ जा रहे थे।
अचानक चलती गाड़ी का सीएनजी सिलेंडर फट गया, जिसके धमाके के बाद ड्राइवर आशुतोष पांडे का नियंत्रण वाहन से पूरी तरह छूट गया। अनियंत्रित स्विफ्ट कार पहले पीडब्ल्यूडी ऑफिस के पास बने डिवाइडर से जा टकराई और फिर सड़क की रेलिंग तोड़ते हुए विपरीत दिशा से आ रही एक इनोवा एसयूवी से आमने-सामने जा भिड़ी।
गाड़ी में सवार थे दो दिग्गज विधायक
जिस इनोवा कार को अनियंत्रित स्विफ्ट ने टक्कर मारी, उस पर 'कर्नाटक सरकार' का बोर्ड लगा हुआ था। इस गाड़ी में दिल्ली के किराड़ी विधानसभा क्षेत्र से विधायक अनिल झा और कर्नाटक से ताल्लुक रखने वाले विधायक अभय पटेल सवार थे।
हादसे के वक्त दोनों विधायक किसी जरूरी काम से सफर कर रहे थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इनोवा कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और सुरक्षा के मद्देनजर गाड़ी के एयरबैग्स तुरंत खुल गए। वहीं, सीएनजी कार में सवार परिवार भी इस चपेट में आ गया।
घायलों को तुरंत एलएनजेपी अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे की भयावहता को देखकर आसपास मौजूद राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े। बिना एक भी पल गंवाए स्थानीय लोगों और मौके पर पहुंची पुलिस ने मोर्चा संभाला। आईपी एस्टेट पुलिस स्टेशन की एक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और सभी घायलों को बिना देरी के लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल पहुंचाया गया।
- अनिल झा: किराड़ी, दिल्ली के विधायक (मामूली चोटें)
- अभय पटेल: कर्नाटक के विधायक (मामूली चोटें)
- आशुतोष पांडे: स्विफ्ट कार चालक (32 वर्ष)
- आशुतोष की पत्नी और उनके दो छोटे बच्चे
डॉक्टरों के मुताबिक, सभी छह घायलों को तुरंत मेडिकल केयर दी गई और फिलहाल उनकी हालत पूरी तरह स्थिर है। किसी को भी गंभीर खतरा नहीं है, जो कि एक बहुत बड़ी राहत की बात है।
यातायात प्रभावित और प्रशासनिक कार्रवाई
हादसे के तुरंत बाद आईटीओ क्रॉसिंग जैसे व्यस्त मार्ग पर कुछ समय के लिए भारी ट्रैफिक जाम लग गया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के सड़क के बीचों-बीच आ जाने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत दमकल विभाग (Fire Brigade) को भी मौके पर बुलाया गया।
पुलिस और ट्रैफिक कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों क्षतिग्रस्त गाड़ियों को सड़क के बीच से हटवाया, जिसके बाद यातायात को सुचारू रूप से शुरू किया जा सका।
पुलिस जांच और सुरक्षा पर बड़े सवाल
आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सीएनजी सिलेंडर में अचानक विस्फोट क्यों हुआ? क्या सिलेंडर में कोई तकनीकी खराबी थी, या उसकी समय पर जांच नहीं कराई गई थी? इसके अलावा, दुर्घटना के वक्त कार की रफ्तार कितनी थी, इसके तकनीकी पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
यह हादसा एक बार फिर सड़कों पर सीएनजी किट वाले वाहनों की सुरक्षा और मेंटेनेंस को लेकर बड़े सवाल खड़े करता है। गनीमत यह रही कि एयरबैग्स समय पर खुल गए और बड़ा जनहानि टल गई, लेकिन व्यस्त राजधानी में इस तरह के हादसे किसी भी दिन किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे सकते हैं।
