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पंचशील का दावा मजबूत: स्नातक चुनाव के लिए डिवाइन सोसायटी में उमड़ी भीड़

पंचशील का दावा मजबूत: स्नातक चुनाव के लिए डिवाइन सोसायटी में उमड़ी भीड़

राजनीतिक सरगर्मी के बीच आगामी एमएलसी स्नातक चुनाव (MLC Graduates Constituency Election) को लेकर माहौल अब पूरी तरह गर्माने लगा है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से स्नातक कोटे की सीटों पर कब्जा जमाने के लिए उम्मीदवारों ने अपनी ताकत झोंकनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में हाल ही में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है जिसने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरणों को नया आयाम दे दिया है।

डिवाइन सोसायटी सेक्टर 10 में उमड़ी मतदाताओं की भीड़

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर 10 स्थित डिवाइन सोसायटी (Devine Society) में उस वक्त एक चुनावी उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जब वहां के स्थानीय लोगों और बुद्धिजीवियों ने एमएलसी स्नातक चुनाव के लिए विशेष अभियान चलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में पढ़े-लिखे युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के दौरान सोसायटी के निवासियों ने स्नातक मतदाताओं के रूप में अपना पंजीकरण कराने के लिए फॉर्म भरे और उन्हें अधिकृत प्रत्याशी श्री पंचशील को सौंपा। इस मौके पर उपस्थित लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे इस बार चुनाव में एक ऐसे उम्मीदवार को चुनना चाहते हैं जो उनकी समस्याओं को सीधे शासन-प्रशासन के स्तर पर मजबूती से उठा सके।

दिग्गज संगठनों का मिल रहा है खुला समर्थन

श्री पंचशील की उम्मीदवारी को केवल आम जनता का ही नहीं, बल्कि कई प्रतिष्ठित संगठनों का भी खुला समर्थन मिल रहा है। इस अभियान को सफल बनाने में वेटरंस एसोसिएशन (Veterans Association) और अखिल भारतीय गुर्जर महासभा (Akhil Bharatiya Gurjar Mahasabha) के पदाधिकारियों ने भी अहम भूमिका निभाई है। इन संगठनों के दिग्गजों का मैदान में उतरना यह साफ संकेत देता है कि इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है।

"राजनीति में बदलाव की शुरुआत हमेशा समाज के सबसे प्रबुद्ध वर्ग यानी स्नातकों से होती है। जिस तरह से डिवाइन सोसायटी के लोगों ने मुझ पर भरोसा जताया है, वह मेरे लिए सिर्फ समर्थन नहीं बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है।" - श्री पंचशील

प्रत्याशी ने जताया आभार, हरसंभव मदद का दिया आश्वासन

समिति के सदस्यों द्वारा बड़ी संख्या में भरे हुए फॉर्म सौंपे जाने के बाद श्री पंचशील ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वे हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं।

पंचशील ने आश्वासन दिया कि, "सोसायटी और इस क्षेत्र के विकास में आने वाली हर बाधा को दूर किया जाएगा। स्नातक मतदाताओं की जो भी समस्याएं हैं, चाहे वे शिक्षा, रोजगार या प्रशासनिक स्तर पर हों, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल कराया जाएगा। आप लोगों का यह उत्साह मेरी सबसे बड़ी ताकत है।"

क्यों खास होता है एमएलसी स्नातक चुनाव?

विधान परिषद यानी एमएलसी (MLC) के चुनाव आम चुनावों से काफी अलग होते हैं। इसमें देश और राज्य के पढ़े-लिखे युवा, यानी स्नातक डिग्री धारक मतदाता ही अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। यही वजह है कि इन चुनावों में स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ बौद्धिक वर्ग की सोच और उम्मीदें सबसे ऊपर होती हैं।

  • मतदाता योग्यता: केवल वे नागरिक वोट डाल सकते हैं जिन्होंने स्नातक की डिग्री कम से कम तीन साल पहले पूरी कर ली हो और मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया हो।
  • बौद्धिक प्रभाव: इन चुनावों के नतीजे अक्सर राज्य के राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा संदेश देते हैं कि शिक्षित वर्ग का झुकाव किस तरफ है।
  • स्थानीय मुद्दे: इसमें सड़क, पानी, और बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ पढ़े-लिखे वर्ग के लिए रोजगार के अवसर मुख्य मुद्दा होते हैं।

आगे की रणनीति और अगला कदम

बदलता हुआ यह राजनीतिक परिदृश्य यह बताता है कि अब उम्मीदवार सिर्फ रैलियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सोसायटियों और अपार्टमेंट्स के अंदर जाकर सीधा जनसंपर्क साध रहे हैं। डिवाइन सोसायटी बिसरख (Baidpura) क्षेत्र के अंतर्गत आती है, और यहां के समीकरण आगामी चुनावों में निर्णायक साबित हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी प्रकार का जनसमर्थन अन्य सोसायटियों से भी मिलता रहा, तो यह मुकाबला बेहद कड़ा और दिलचस्प हो जाएगा।

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रोशनी गुप्ता

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रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

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