राजधानी दिल्ली के निहाल विहार इलाके से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ बहुराष्ट्रीय कंपनी एडोब (Adobe) में काम करने वाले 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय गुप्ता की कथित तौर पर उनकी पत्नी के मायके वालों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक के परिवार ने इस पूरी घटना को एक 'सुनियोजित साजिश' (Calculated Conspiracy) करार दिया है और आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उनके बेटे के फेफड़े कुचल दिए थे, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सामान्य बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन आ गए खूनी इरादे लेकर
यह खौफनाक वारदात शुक्रवार को लक्ष्मी पार्क, निहाल विहार स्थित विनय गुप्ता के घर पर हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मामला पति-पत्नी के बीच उपजे एक मामूली पारिवारिक विवाद (Matrimonial Dispute) से जुड़ा था। मृतक के पिता प्रेमचंद ने नम आंखों से उस डरावने मंजर को याद करते हुए बताया कि उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि घर आने वाले लोग किस खौफनाक मकसद के साथ आए हैं।
प्रेमचंद ने बताया, "यह सिर्फ एक घरेलू और बहुत छोटा सा मामला था। मुझे लगा कि रिश्तेदार आए हैं, बैठकर बात सुलझा ली जाएगी। मैं उन्हें ऊपर कमरे में ले गया और पानी पूछ रहा था। तभी मेरा बेटा विनय वहां आ गया। उसके आते ही उन लोगों ने उस पर हमला कर दिया। सब कुछ मेरी आंखों के सामने हुआ। बीच-ब बचाव करने पर उन्होंने मुझे भी धक्का दिया, जिससे मेरे अंगूठे में फ्रैक्चर हो गया। उनकी शादी साढ़े तीन साल पहले हुई थी और उनके दो छोटे बच्चे हैं।"
'बाल नोंचे, गला दबाया और सीने पर चढ़कर कुचल दिए फेफड़े'
विनय की मां रेनू ने इस पूरे हमले का रोंगटे खड़े कर देने वाला आंखों देखा हाल बयां किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमले से ठीक पहले उनकी बहू बिना बताए सुबह-सुबह अपने दोनों बच्चों को छोड़कर अपने भाइयों को बुलाने चली गई थी।
रेनू ने रोते हुए कहा, "जब मेरे पति ने आकर बताया कि रिश्तेदार आए हैं, तो मैंने उन्हें पानी ऑफर किया। लेकिन उन्होंने कहा कि हमें तुम्हारा पानी नहीं चाहिए और सीधे मेरे बेटे पर टूट पड़े। मेरे पति लगातार कह रहे थे कि हाथ मत उठाओ, शांति से बात करते हैं। लेकिन पत्नी के भाई और अन्य लोग नहीं माने। एक ने मेरे बेटे के बाल पकड़ लिए और उसे खींचने लगा। जब मैंने बचाने की कोशिश की तो मुझे धक्का देकर दूर फेंक दिया गया।"
उन्होंने आगे बताया, "उस भारी-भरकम युवक ने पूरी ताकत से मेरे बेटे का गला घोंटा और उसे फर्श पर पटक दिया। पड़ोस की एक महिला ने खिड़की से देखा कि दोनों भाई मेरे बेटे के सीने पर चढ़कर कूद रहे थे और उसके फेफड़े कुचल रहे थे। मैंने बचाने के लिए डंडा उठाया, तो उनके साथ आए एक चाचा ने वह भी छीन लिया। वे मेरे बेटे को अधमरा छोड़कर फरार हो गए।"
सीसीटीवी कैमरों का बंद होना और पहले से रची गई साजिश का शक
परिवार ने इस पूरी घटना को लेकर एक और गंभीर सवाल उठाया है। विनय की मां का दावा है कि जिस समय यह हमला हुआ, ठीक उसी वक्त घर के सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए थे। परिवार का मानना है कि यह कोई अचानक हुई झड़प नहीं थी, बल्कि पूर्वनियोजित हत्या थी ताकि सबूतों को मिटाया जा सके या कैमरों में कैद होने से बचा जा सके।
मृतक के भाई प्रदीप ने दुख जताते हुए कहा, "जब मैं मौके पर पहुंचा तो मेरा भाई बेहद गंभीर हालत में था। अगर उसे आधे घंटे पहले अस्पताल पहुंचा दिया जाता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। जिस तरह से उसे पीटा गया, वह किसी सामान्य गुस्से का नतीजा नहीं हो सकता। कोई शातिर और दुर्भावनापूर्ण व्यक्ति ही ऐसा कर सकता है। लड़की के पिता, उसके दोनों भाई, उसकी बहन और खुद लड़की—इस पूरी साजिश में सब शामिल थे। विनय बहुत सीधा था, उसने कभी किसी से ऊंची आवाज में बात नहीं की थी।"
पुलिस की कार्रवाई और चार लोग हिरासत में
इस सनसनीखेज मामले में दिल्ली पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह विनय और उसकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद पत्नी ने अपने परिवार को फोन कर बुलाया था। निहाल विहार स्थित घर पर पहुंचने के बाद परिजनों ने विनय पर हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर अंदरूनी चोटें आईं और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) और 3(5) (समान इरादे से किया गया अपराध) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में संलिप्तता के आरोप में चार लोगों की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और मासूम बच्चों का भविष्य
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विनय गुप्ता की शादी करीब साढ़े तीन साल पहले बुध विहार की रहने वाली एक युवती से हुई थी। उनकी पत्नी एक गृहिणी हैं और हाल ही में उनके घर चार महीने के जुड़वां बच्चों (एक बेटा और एक बेटी) का जन्म हुआ था। हंसता-खेलता परिवार इस एक घटना के बाद पूरी तरह से बिखर चुका है। पुलिस अब हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले से ठीक पहले क्या स्थितियां बनी थीं और इसमें और कौन-कौन शामिल था।
