मध्य प्रदेश के सांस्कृतिक और धार्मिक मानचित्र पर अपनी एक खास पहचान रखने वाले देवास शहर में इस बार का शारदीय नवरात्र उत्सव इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। पर्व के समापन और मूर्ति विसर्जन के पावन अवसर पर इस बार कुछ ऐसा होने जा रहा है जिसकी गूंज लंबे समय तक शहर की फिजाओं में बनी रहेगी। माता टेकरी पर विराजमान अष्टभुजी मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी की पावन पालकी को इस बार प्रशासन की ओर से विधिवत 'गार्ड ऑफ ऑनर' (Guard of Honour) यानी राजकीय सम्मान प्रदान किया जाएगा। देवास के इतिहास में यह अपने आप में एक अभूतपूर्व और अनूठी पहल है, जिसे लेकर आम नागरिकों और श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
नगर निगम सभागार में हुई उच्चस्तरीय बैठक में लगी मुहर
इस ऐतिहासिक निर्णय की रूपरेखा सोमवार को स्थानीय नगर निगम सभागार में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान तैयार की गई। आगामी नवरात्र पर्व की तैयारियों को चाक-चौबंद करने के लिए बुलाई गई इस बैठक में शहर के तमाम दिग्गज जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी एक मंच पर नजर आए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्थानीय विधायक गायत्रीराजे पवार ने इस विशेष प्रस्ताव को पटल पर रखा। इस महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान महापौर दुर्गेश अग्रवाल, कलेक्टर ऋतुराज सिंह, नगर निगम कमिश्नर दलीप कुमार, सभापति रवि जैन के साथ-साथ पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में जब विधायक गायत्रीराजे पवार ने नवरात्र के समापन पर विसर्जन चल समारोह के दौरान दोनों देवियों की पालकी को गार्ड ऑफ ऑनर देने का प्रस्ताव रखा, तो प्रशासनिक अमले और वहां मौजूद अन्य जनप्रतिनिधियों ने तुरंत इस पर अपनी सहमति की मुहर लगा दी। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने इस प्रस्ताव को पूरी गंभीरता से लेते हुए इसके सुचारू क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
उज्जैन की महाकाल सवारी से मिली प्रेरणा
इस नई और भव्य परंपरा की शुरुआत के पीछे की कहानी भी बेहद दिलचस्प है। विधायक गायत्रीराजे पवार ने बैठक के दौरान इस बात का जिक्र किया कि जिस प्रकार उज्जैन में बाबा महाकाल की भव्य सवारी को पुलिस प्रशासन और शासन की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है, उसी तرز पर देवास की आराध्य देवियों को भी यह सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि देवास की पहचान सीधे तौर पर माता टेकरी से जुड़ी हुई है और यहां की लोक आस्था को और अधिक गरिमा प्रदान करना हमारा कर्तव्य है।
देवास की माटी और यहां के कण-कण में मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी का वास है। दोनों देवियों के आशीर्वाद से ही यह शहर निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर है। उनकी पालकी को राजकीय सम्मान मिलना इस शहर के हर एक नागरिक के लिए गर्व का विषय होगा।
सयाजी द्वार पर होगा भव्य स्वागत और सलामी का कार्यक्रम
तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार, नवरात्र के समापन पर निकलने वाले विसर्जन चल समारोह के दौरान जब मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी की पालकी ऐतिहासिक 'सयाजी द्वार' पर पहुंचेगी, तो वहां पुलिस बल द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक और हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालु इस अलौकिक पल के साक्षी बनेंगे। सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन के साथ इस पूरे कार्यक्रम को भव्य रूप देने के लिए पुलिस विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता पर रहेगा विशेष जोर
प्रशासनिक बैठक में केवल धार्मिक अनुष्ठानों और परंपराओं तक ही चर्चा सीमित नहीं रही, बल्कि माता टेकरी पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए हैं कि पार्किंग के नाम पर किसी भी श्रद्धालु या वाहन चालक के साथ अभद्र व्यवहार या अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे माता टेकरी परिसर में पॉलीथिन और सिंगल-यूज प्लास्टिक या डिस्पोजेबल सामग्रियों का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। कचरे को केवल तय किए गए डस्टबिन में ही डालें ताकि पवित्र स्थल की स्वच्छता और दिव्यता बरकरार रह सके।
परिक्रमा मार्ग के मंदिर रहेंगे खुले, श्रद्धालुओं की परेशानी होगी दूर
बैठक का एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु माता टेकरी के परिक्रमा मार्ग पर स्थित विभिन्न प्राचीन मंदिरों के कपाट से जुड़ा हुआ था। अक्सर यह देखने में आता था कि नवरात्र के भारी भीड़भाड़ वाले दिनों में परिक्रमा मार्ग पर स्थित हनुमानजी, कालिका माता, और खो-खो माता समेत अन्य छोटे-बड़े मंदिरों के मुख्य द्वार पर ताले लगा दिए जाते थे। इससे दर्शनार्थियों को भारी असुविधा होती थी और उनमें इसको लेकर रोष भी रहता था।
इस जनसमस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस बार नवरात्र महोत्सव के दौरान परिक्रमा मार्ग के किसी भी मंदिर को बंद नहीं रखा जाएगा। सभी मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुले रहेंगे ताकि वे बिना किसी बाधा के सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस निर्देश का पूरी तरह से पालन कराने का भरोसा दिलाया है।
शहर में उमड़ने लगा आस्था का सैलाब
जैसे-जैसे नवरात्र की तारीख नजदीक आ रही है, देवास का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय रंग में रंगता जा रहा है। इस बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के आपसी तालमेल से शुरू हो रही गार्ड ऑफ ऑनर की नई परंपरा ने आगंतुकों और स्थानीय निवासियों के उत्साह को दोगुना कर दिया है। इतिहास रचने जा रहे इस आयोजन को देखने के लिए न केवल देवास बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। सुरक्षा, परंपरा और जनसुविधा के इस त्रिवेणी संगम के साथ देवास इस बार एक नए स्वर्णिम अध्याय की इबारत लिखने के लिए पूरी तरह तैयार है।