दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव 2026 के मतों की गिनती जारी है और शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। इस बार के चुनावी रण में मुख्य मुकाबला हमेशा की तरह कड़ा नजर आ रहा है, लेकिन शुरुआती आंकड़ों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है। मतगणना केंद्रों के बाहर छात्रों और समर्थकों का भारी जमावड़ा लगा हुआ है, जहां हर एक राउंड के परिणाम के साथ नारेबाजी और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।
शुरुआती रुझानों में एबीवीपी का दबदबा कायम
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, डूसू चुनाव के इस रोमांचक मुकाबले में एबीवीपी के उम्मीदवार अध्यक्ष पद समेत कुल तीन महत्वपूर्ण पदों पर आगे चल रहे हैं। छात्र संघ की राजनीति में इस बढ़त को काफी अहम माना जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसरों में पिछले कुछ हफ्तों से चले आ रहे प्रचार अभियानों का असर अब वोटों की गिनती में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच विश्वविद्यालय के तय मतगणना स्थल पर वोटों की छंटनी और गिनती का काम पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रहा है।
चुनाव अधिकारियों की देखरेख में ईवीएम और मतपेटियों के वोटों को अलग-अलग राउंड में गिना जा रहा है। जैसे-जैसे राउंड आगे बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे तस्वीर और भी साफ होती जा रही है। एबीवीपी खेमे में शुरुआती रुझान आने के बाद से ही जश्न का माहौल शुरू हो गया है, हालांकि अंतिम आधिकारिक घोषणा का इंतजार अभी भी बाकी है।
निर्दलीय उम्मीदवार की भी मजबूत मौजूदगी
इस बार के डूसू चुनाव की एक खास बात यह भी देखने को मिल रही है कि मुख्य राजनीतिक दलों के अलावा एक पद पर निर्दलीय उम्मीदवार ने भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। शुरुआती रुझानों में इस निर्दलीय प्रत्याशी की बढ़त ने सभी को हैरान कर दिया है। यह इस बात का संकेत है कि इस बार के चुनाव में छात्रों ने केवल दलगत राजनीति की बजाय व्यक्तिगत छवि और मुद्दों को भी प्राथमिकता दी है।
- अध्यक्ष पद: एबीवीपी के उम्मीदवार शुरुआती चरणों में बढ़त बनाए हुए हैं।
- अन्य केंद्रीय पद: उपाध्यक्ष और सचिव पदों पर भी एबीवीपी के प्रत्याशियों ने शुरुआती बढ़त हासिल की है।
- निर्दलीय प्रभाव: एक पद पर निर्दलीय उम्मीदवार की मजबूत बढ़त ने मुकाबले को त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प बना दिया है।
मतगणना स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने और शांतिपूर्ण तरीके से मतगणना संपन्न कराने के लिए दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। काउंटिंग सेंटर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और केवल अधिकृत लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है। छात्र नेताओं और उनके समर्थकों को परिसर से बाहर निश्चित दूरी पर ही रोका गया है ताकि मतगणना प्रक्रिया में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
कैंपस में डीसीपी स्तर के अधिकारी खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पिछले कुछ सालों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है ताकि परिणाम आने के बाद किसी भी तरह के तनाव से बचा जा सके।
छात्रों के बीच जोश और उत्साह
सितंबर 2026 की इस सुहानी सुबह में डीयू के नॉर्थ और साउथ कैंपस का माहौल पूरी तरह से चुनावी रंग में रंगा हुआ है। ढोल-नगाड़ों की थाप और 'वंदे मातरम्' या अन्य छात्र संघ के नारों के साथ समर्थक अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। हर कोई यह जानने के लिए बेताब है कि इस साल डूसू की कमान किसके हाथों में जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे दोपहर बढ़ेगी और अंतिम राउंड के नतीजे सामने आएंगे, मुकाबला और भी रोमांचक हो सकता है। क्या एबीवीपी अपने इस शुरुआती अंतर को आखिरी तक बनाए रखने में कामयाब होगी या फिर विपक्षी दल और निर्दलीय उम्मीदवार कोई बड़ा उलटफेर करेंगे? इन तमाम सवालों के जवाब कुछ ही घंटों में मिल जाएंगे।
ताजा अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें, हम सबसे पहले आप तक हर राउंड की सटीक और तेज जानकारी पहुंचाते रहेंगे।