महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में अपराध पर नकेल कसते हुए स्थानीय अपराध शाखा (LCB) ने एक शातिर मोटरसाइकिल चोर गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनकी निशानदेही पर विभिन्न राज्यों से चुराई गई कुल 18 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। जब्त किए गए इन दोपहिया वाहनों की कुल कीमत करीब 8 लाख 1 हजार रुपये आंकी गई है। इस खुलासे से न केवल गोंदिया बल्कि पड़ोसी जिलों और राज्यों में सक्रिय वाहन चोरों की नींद उड़ गई है।
कैसे शुरू हुई इस शातिर गिरोह की कहानी?
हाल के दिनों में गोंदिया जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में वाहन चोरी की घटनाओं में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। खासकर तिरोड़ा और आमगांव थाना इलाकों से लगातार दोपहिया वाहन गायब होने की शिकायतें पुलिस थानों तक पहुंच रही थीं। मामलों की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन हरकत में आया।
घटना की शुरुआत तब हुई जब 26 सितंबर को तिरोड़ा के ट्रेजरी ऑफिस के पीछे से सचिन पटले नामक व्यक्ति की मोटरसाइकिल अज्ञात चोर उड़ा ले गए। इस मामले में तुरंत तिरोड़ा थाने में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसके ठीक पहले, आमगांव थाना क्षेत्र से भी 17 और 25 सितंबर को एक होंडा शाइन और एक एक्टिवा स्कूटर चोरी होने की घटनाएं सामने आई थीं। इन बढ़ती वारदातों ने पुलिस की रातों की नींद उड़ा दी थी और खुलासे के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की गई।पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बनी खास टीम
मामले की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे ने स्थानीय अपराध शाखा को तत्काल प्रभाव से इस गुत्थी को सुलझाने के कड़े निर्देश दिए। एसपी के मार्गदर्शन में एलसीबी के पुलिस निरीक्षक रेवचंद सिंगनजुडे के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। यह टीम लगातार पेट्रोलिंग करने के साथ-साथ तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र को मजबूत करने में जुटी हुई थी।
गत 30 सितंबर को जब पुलिस टीम इलाके में गश्त कर रही थी, तभी उन्हें एक पुख्ता खुफिया जानकारी मिली। मुखबिर से मिले इनपुट और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस का शक अंगूर बगीचा, गोंदिया निवासी राहुल उर्फ चंगा लिल्हारे पर गया। पुलिस को पता चला कि राहुल इस वाहन चोरी के नेटवर्क में शामिल हो सकता है।
जाल बिछाकर मुख्य संदिग्ध को दबोचा
खुफिया जानकारी पुख्ता होने के बाद पुलिस ने बिना एक पल गंवाए जाल बिछाया और संदिग्ध राहुल उर्फ चंगा लिल्हारे (उम्र 26 वर्ष) को अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने जो खुलासे किए उसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
राहुल ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह अकेला नहीं है, बल्कि उसने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बना रखा है। इस गिरोह ने गोंदिया जिले के अलावा नागपुर शहर, मध्य प्रदेश के किरणापुर और छत्तीसगढ़ के विभिन्न इलाकों से दर्जनों वाहन चुराए हैं। राहुल की निशानदेही पर पुलिस ने उसके बाकी तीन साथियों—जय उर्फ बॉबी राजेश पाटिल (उम्र 27 वर्ष), सूरजसिंह ग्यानीराम सावंत (उम्र 35 वर्ष) और अमित अशोक लिल्हारे (उम्र 27 वर्ष)—को भी धर दबोचा।
चारों राज्यों से जुड़े थे चोरी के तार
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उनके ठिकानों पर छापेमारी शुरू की और एक के बाद एक कई दोपहिया वाहन बरामद किए। शुरुआती जांच में सामने आया कि इन शातिर चोरों ने अपने हाथ कई जगहों पर साफ किए थे। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:
- गोंदिया जिले से कुल 7 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।
- नागपुर शहर के विभिन्न इलाकों से 7 गाड़ियां जब्त हुईं।
- मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से 3 वाहन बरामद किए गए।
छत्तीसगढ़ से भी चोरी की गई मोटरसाइकिलें हाथ लगीं।इस तरह कुल 18 दोपहिया वाहनों को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया। बरामद किए गए वाहनों में होंडा शाइन, होंडा एक्टिवा, होंडा लिवो, हीरो स्प्लेंडर, स्प्लेंडर प्रो, एचएफ डिलक्स, सीडी डिलक्स और सुपर स्प्लेंडर जैसे लोकप्रिय मॉडल शामिल हैं। बाजार में इन सभी वाहनों की कुल अनुमानित कीमत 8 लाख 1 हजार रुपये बताई जा रही है।
आम जनता के लिए पुलिस की सलाह
इस बड़ी सफलता के बाद गोंदिया पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को पार्क करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लोग अक्सर जल्दबाजी में अपनी गाड़ियों को बिना ठीक से लॉक किए या असुरक्षित स्थानों पर छोड़ देते हैं, जिसका फायदा ये शातिर चोर उठाते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये आरोपी चोरी किए गए इन वाहनों को आगे किसे और कहां बेचते थे। इस रैकेट में कुछ अन्य लोगों के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है, जिस पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।