क्या हमारे गांवों में महिलाएं अब सुरक्षित नहीं हैं? यह सवाल आज महाराष्ट्र के गोंदिया जिले से उठी एक झकझोर देने वाली खबर के बाद हर किसी के जेहन में उठ रहा है। गोंदिया तहसील के अंतर्गत आने वाले लोधीटोला (चुटिया) गांव की महिलाओं ने स्थानीय विश्रामगृह में एक अहम चर्चा के दौरान पुलिस प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। महिलाओं का आरोप है कि गांव के कुछ मनचले युवकों द्वारा लगातार की जा रही छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार की शिकायतों के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं।
गांव में खौफ का माहौल, आखिर क्यों सहें महिलाएं?
लगभग 2,200 से 2,300 की आबादी वाले इस शांत ग्रामीण इलाके में इन दिनों दहशत का माहौल है। महिलाओं का कहना है कि उन्हें अब सार्वजनिक रास्तों से गुजरने में भी डर लगने लगा है। स्थिति तब और भयावह हो गई जब एक महिला द्वारा विरोध जताए जाने पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिसमें उसका हाथ तक टूट गया। इस गंभीर घटना के बाद से ग्रामीण महिलाओं का सब्र टूट गया और उन्होंने एकजुट होकर न्याय की गुहार लगाई है।
स्थानीय विश्रामगृह में आयोजित बैठक के दौरान पुलिस पाटिल इंदुमती रहांगडाले, अनुराया अटरे, योगिता अटरे, भागरता सुलाखे, ममता सुलाखे, मंजुबाई अटरे, पोर्णिमा सुलाखे, पल्लवी कनसरे, सुनीता रहांगडाले, योगिता रहांगडाले, फुल्लनबाई अटरे, रुपवंता अटरे, और वंदना मरस्कोल्हे सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं। महिलाओं ने एक स्वर में प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों पर तुरंत शिकंजा कसा जाए।
क्या हैं मुख्य आरोप और किन पर है शक?
महिलाओं ने खुलकर कुछ स्थानीय युवकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, लोधीटोला निवासी रितिक संजय ठाकरे, गुंजन संजय ठाकरे और पं विकेश भैय्यालाल गावराने पिछले काफी समय से महिलाओं और युवतियों के साथ अवांछित हरकतें कर रहे हैं।
- अशोभनीय हरकतें: रास्ते से आने-जाने वाली महिलाओं पर फब्तियां कसना, अश्लील टिप्पणियां करना और आपत्तिजनक इशारे करना इनकी आदत बन गई है।
- हिंसा और डराने-धमकाने की प्रवृत्ति: जब भी किसी ने इन हरकतों का विरोध किया या पुलिस में शिकायत करने की हिम्मत जुटाई, तो आरोपियों ने घर में घुसकर मारपीट की।
- हाथ तोड़ने की घटना: हाल ही में एक महिला ने जब इन हरकतों का पुरजोर विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई जिसमें उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया। इस मामले में शहर पुलिस थाने में नामजद शिकायत दर्ज है।
अवैध गतिविधियों का भी सनसनीखेज खुलासा
पीड़ित महिलाओं ने केवल छेड़छाड़ तक ही अपनी बात सीमित नहीं रखी, बल्कि इन युवकों पर इलाके में कई तरह की अवैध गतिविधियों को अंजाम देने का भी आरोप लगाया है। महिलाओं का दावा है कि ये लोग गांव में खुलेआम जुआ खेलने और अवैध उत्खनन (Illegal Mining) जैसे गैर-कानूनी कामों में लिप्त हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि शहर पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज होने और मुख्य आरोपियों के नाम सामने आने के बावजूद अब तक पुलिस ने ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की? मुख्य आरोपी संजय ठाकरे के अभी भी फरार बताए जाने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
लोधीटोला की महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्हें और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। महिलाओं ने उच्चाधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने और गांव में शांति व सुरक्षा का माहौल बहाल करने की अपील की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. गोंदिया के लोधीटोला में क्या घटना घटी है?
Ans. लोधीटोला गांव में कुछ युवकों द्वारा महिलाओं से लगातार छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार और अश्लील इशारे किए जा रहे हैं। विरोध करने पर एक महिला के साथ मारपीट की गई जिससे उसका हाथ टूट गया।
Q2. महिलाओं ने पुलिस प्रशासन से क्या मांग की है?
Ans. महिलाओं ने आरोपियों के खिलाफ शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस से निष्पक्ष जांच कर तुरंत गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
Q3. इस विरोध प्रदर्शन में कौन-कौन शामिल था?
Ans. इस बैठक और विरोध में पुलिस पाटिल इंदुमती रहांगडाले सहित अनुराया अटरे, योगिता अटरे, ममता सुलाखे और वंदना मरस्कोल्हे समेत बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं उपस्थित थीं।