गोंदिया जिला परिषद के प्रशासनिक गलियारों से एक बेहद राहत भरी खबर सामने आ रही है। यहां के अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाने वाले समाजकल्याण विभाग को आखिरकार चार लंबे वर्षों के बाद एक पूर्णकालीन अधिकारी मिल गया है। इस पद पर शासन द्वारा भारती हरिभाऊ वरुडकर की आधिकारिक नियुक्ति कर दी गई है, जिससे प्रशासनिक अमले में भी नई ऊर्जा का संचार हुआ है। वर्ष 2022 से यह पद लगातार खाली चल रहा था, जिसके चलते जिले के सामाजिक विकास से जुड़े कई अहम कामकाज प्रभावित हो रहे थे। अब नियमित अधिकारी के मिलने से लंबित योजनाओं और प्रशासनिक पहियों को एक नई गति मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
शासन स्तर पर जारी हुआ आधिकारिक आदेश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र शासन के सामाजिक न्याय व विशेष सहायता विभाग ने इस संबंध में बीते 22 सितंबर को औपचारिक आदेश जारी कर दिया था। इस प्रशासनिक फेरबदल और पदस्थापन प्रक्रिया के तहत राज्यभर में वर्ग-1 और वर्ग-2 के कुल 40 अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां की गई हैं। इसी व्यापक प्रशासनिक आदेश के अंतर्गत भारती हरिभाऊ वरुडकर को गोंदिया जिला परिषद में समाजकल्याण अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन के इस कदम को प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
चार साल से चल रही थी प्रभारी व्यवस्था
किसी भी संवेदनशील और कल्याणकारी विभाग के लिए एक पूर्णकालीन मुखिया का होना कितना जरूरी होता है, इसकी बानगी गोंदिया जिला परिषद पिछले चार सालों से देख रही थी। वर्ष 2022 से यह पद रिक्त होने के कारण विभाग का पूरा कामकाज वैकल्पिक रूप से प्रभारी व्यवस्था के सहारे ही चलाया जा रहा था। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि जब विभाग का संचालन प्रभारी अधिकारियों के हाथों में होता है, तो दीर्घकालिक नीतियों और बड़े फैसलों को लागू करने में कई तरह की व्यावहारिक अड़चनें आती हैं।
पूर्णकालीन अधिकारी के अभाव में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और समाज के अन्य वंचित तबकों के लिए चलाई जा रही तमाम महत्वपूर्ण योजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। छात्रों की छात्रवृत्ति से जुड़े मामले हों या फिर विकास कार्यों के प्रस्ताव, हर जगह सुस्ती साफ तौर पर महसूस की जा रही थी। अब इस चार साल पुरानी रिक्तता के पूरी तरह समाप्त होने से विभागीय फाइलों के निस्तारण में तेजी आने की प्रबल संभावना है।
कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आएगी तेजी
भारती हरिभाऊ वरुडकर के कार्यभार संभालने के बाद जिले के जरूरतमंद और कमजोर वर्गों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को एक नई धार मिलने की उम्मीद है। सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रबुद्ध नागरिकों और कार्यकर्ताओं का भी यही मानना है कि एक नियमित और पूर्णकालीन अधिकारी के आने से विभागीय कामकाज में पारदर्शिता और नियमितता दोनों बढ़ेंगी।
प्रमुख रूप से इन मोर्चों पर रहेगा फोकस:
- छात्रवृत्ति वितरण: विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति और शैक्षणिक सहायता के मामलों का त्वरित निस्तारण।
- लंबित प्रकरण: पिछले चार सालों के दौरान अटकी पड़ी फाइलों और योजनाओं की समीक्षा कर उनका समाधान।
- वंचित वर्गों का विकास: अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए आई ग्रांट का समय पर सही उपयोग।
- प्रशासनिक कसावट: विभाग के भीतर काम करने वाले अमले में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना।
आम जनता और लाभार्थियों में जगी नई उम्मीद
जब भी किसी जिले में इस तरह के प्रमुख पदों पर लंबे समय तक सन्नाटा रहता है, तो सबसे ज्यादा परेशानी आम जनता और उन लाभार्थियों को उठानी पड़ती है जो सीधे तौर पर शासन की योजनाओं पर निर्भर होते हैं। गोंदिया में चार साल के लंबे अंतराल के बाद हुई इस नियुक्ति से स्थानीय स्तर पर एक सकारात्मक संदेश गया है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे लोगों की शिकायतों का समाधान जल्द और आसानी से हो सकेगा।
बहरहाल, वर्तमान प्रशासनिक परिदृश्य को देखते हुए यह नियुक्ति गोंदिया जिला परिषद के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई समाजकल्याण अधिकारी भारती हरिभाऊ वरुडकर अपने इस नए कार्यकाल में किस प्रकार लंबित योजनाओं को पटरी पर लाती हैं और जनता की उम्मीदों पर कितना खरी उतरती हैं।