मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक बेहद खौफनाक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात ने रिश्तों के ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है। एक युवा पोती ने अपने ही सगे दादा को मौत के घाट उतार दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस खूनी खेल को अंजाम देने के लिए युवती ने आधी रात का वक्त चुना और बुलेट बाइक पर सवार होकर अपने दादा के घर पहुंची थी।
खून से सनी आधी रात की वह खौफनाक दास्तान
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह घटना इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में हुई। आरोपी पोती ने बेहद शातिर तरीके से इस पूरी वारदात की योजना बनाई थी। घटना की रात, जब पूरा इलाका गहरी नींद में डूबा हुआ था, तब यह युवती बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने दादा के घर पर अचानक आ धमकी। घर के अंदर घुसते ही उसने किसी से कोई बातचीत नहीं की और सीधे अपने बुजुर्ग दादा को निशाना बनाया।
हाथ में क्रिकेट बैट थामे इस युवती ने अपने ही दादा पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। बुजुर्ग व्यक्ति जब तक कुछ समझ पाते या मदद के लिए चिल्ला पाते, तब तक उनके शरीर पर कई गंभीर घाت लग चुके थे। क्रिकेट बैट से किए गए लगातार प्रहारों के कारण बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े और उनका अत्यधिक खून बह गया।
'सात साल पुराना बदला लिया' - पुलिस के सामने कबूला जुर्म
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पोती मौके से भागी नहीं, बल्कि वहीं मौजूद रही। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंच गई। पुलिस बल ने जब आरोपी युवती को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की, तो उसके मुंह से निकले शब्दों ने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।
पुलिस पूछताछ के दौरान युवती ने बिना किसी पछतावे के बेहद ठंडे दिमाग से कबूल किया कि उसने यह हत्या किसी तात्कालिक विवाद में नहीं, बल्कि पूरे सात साल पुराने एक रंजिश और गुस्से के कारण की है। उसका दावा था कि बीते वर्षों में उसके परिवार और खासकर उसके दादा के व्यवहार की वजह से उसे भारी मानसिक प्रताड़ना और अपमान का सामना करना पड़ा था, जिसका बदला लेने के लिए वह लंबे समय से सही मौके की तलाश में थी।
आपसी पारिवारिक विवाद और गहराता आक्रोश
इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। आसपास के लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि घर की ही एक युवा बेटी इस हद तक जा सकती है कि वह अपनों की जान ले ले। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि परिवार के भीतर पिछले कई सालों से संपत्ति, आपसी कलह या पारिवारिक मनमुटाव को लेकर अनबन चल रही थी।
- वारदात का तरीका: आधी रात का समय चुना गया ताकि विरोध करने वाला कोई अन्य सदस्य तुरंत बीच-बचाव न कर सके।
- हथियार के रूप में क्रिकेट बैट का इस्तेमाल किया गया ताकि आवाज ज्यादा दूर तक न जाए और हमला प्रभावी हो।
- घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद कबूलनामा किया कि यह सात साल पुरानी रंजिश का परिणाम था।
पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई
एरोड्रम थाना पुलिस ने इस मामले में हत्या की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। मृत बुजुर्ग के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस खौफनाक साजिश में पोती के साथ कोई और भी शामिल था या उसने अकेले ही इस पूरी घटना को अंजाम दिया।
फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया है और वहां से उंगलियों के निशान तथा अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी युवती से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस सात साल पुराने विवाद की असल तह तक पहुंचा जा सके और मामले में सभी कानूनी पहलुओं को मजबूत किया जा सके।
यह घटना एक बार फिर समाज में तेजी से घटते मानवीय मूल्यों और परिवारों के भीतर बढ़ती दूरियों व बदले की भावना पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जहां एक ओर घर के बुजुर्गों को सुरक्षित और सम्मानित माहौल मिलना चाहिए, वहीं इस तरह की घटनाएं मानवीय संवेदनाओं के पतन को उजागर करती हैं।