Breaking
► फेसबुक का बड़ा बदलाव: अब ऐप खोलते ही दिखेगी फुल-स्क्रीन रील्स फीड ► वाराणसी से डिजिटल पिंडदान: मॉरिशस और यूरोप के नागरिकों ने ऑनलाइन किया त्रिपिंडी श्राद्ध ► मालेगांव के सरकारी अस्पताल में गहराया ऑक्सीजन संकट, थमी सांसें ► चार दिनों से बिजली गुल: गुस्से में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सीताद्वार उपकेंद्र पर दिया धरना ► ग्वालियर जू घूमने गया था पति, पत्नी को मिला मौका; CCTV फुटेज देख पैरों तले खिसक गई जमीन ► चंदौली के नमो घाट पर गूंजेगा आसमान का गर्जन, भव्य एयर शो को लेकर प्रशासन सख्त ► बारिश में भीगते हुए मंडी पहुंचे विधायक, किसान की धान से भरी ट्रॉली छुड़ाई ► वाराणसी में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का सड़क पर उग्र प्रदर्शन ► एंटीलिया केस: सचिन वझे की जमानत याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में आज फिर होगी अहम सुनवाई ► रीवा जच्चा-बच्चा मौत मामला: डॉक्टर गुंजन गोस्वामी निलंबित, जांच का दायरा तेज ► फेसबुक का बड़ा बदलाव: अब ऐप खोलते ही दिखेगी फुल-स्क्रीन रील्स फीड ► वाराणसी से डिजिटल पिंडदान: मॉरिशस और यूरोप के नागरिकों ने ऑनलाइन किया त्रिपिंडी श्राद्ध ► मालेगांव के सरकारी अस्पताल में गहराया ऑक्सीजन संकट, थमी सांसें ► चार दिनों से बिजली गुल: गुस्से में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सीताद्वार उपकेंद्र पर दिया धरना ► ग्वालियर जू घूमने गया था पति, पत्नी को मिला मौका; CCTV फुटेज देख पैरों तले खिसक गई जमीन ► चंदौली के नमो घाट पर गूंजेगा आसमान का गर्जन, भव्य एयर शो को लेकर प्रशासन सख्त ► बारिश में भीगते हुए मंडी पहुंचे विधायक, किसान की धान से भरी ट्रॉली छुड़ाई ► वाराणसी में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का सड़क पर उग्र प्रदर्शन ► एंटीलिया केस: सचिन वझे की जमानत याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में आज फिर होगी अहम सुनवाई ► रीवा जच्चा-बच्चा मौत मामला: डॉक्टर गुंजन गोस्वामी निलंबित, जांच का दायरा तेज

एशियन गेम्स में छाए अलीगढ़ के गुलवीर सिंह, रचा नया इतिहास

एशियन गेम्स में छाए अलीगढ़ के गुलवीर सिंह, रचा नया इतिहास

खेल के मैदान से एक बेहद गौरवशाली और प्रेरणादायक खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के छोटे से गांव सिरसा से ताल्लुक रखने वाले अंतरराष्ट्रीय एथलीट गुलवीर सिंह ने एशियन गेम्स में ऐसा ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है, जिसने पूरे देश का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है। गुलवीर ने अपनी मेहनत और जज्बे के दम पर महाद्वीप के इस सबसे बड़े खेल महाकुंभ में तीन पदक अपने नाम किए हैं, और इसी के साथ उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया है।

तीन स्पर्धाएं और तीनों में पदक: गुलवीर का अचूक निशाना

एशियन गेम्स के दौरान गुलवीर सिंह ने जिस निरंतरता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया, वह वाकई बेमिसाल है। उन्होंने अलग-अलग स्पर्धाओं में हिस्सा लिया और अपनी हर एक रेस में देश के लिए मेडल पक्का किया। ट्रैक पर उनकी यह दौड़ महज़ कुछ मीटर की नहीं थी, बल्कि यह अनगिनत संघर्षों, पसीने और अटूट राष्ट्रप्रेम की लंबी दास्तान थी। गुलवीर की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो संसाधनों की कमी कभी भी सपनों के आड़े नहीं आती।

जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के सचिव विवेक चौधरी ने इस बड़ी उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गुलवीर सिंह एशियन गेम्स की तीन अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बन गए हैं। यह रिकॉर्ड इस मायनों में और भी खास हो जाता है क्योंकि इससे पहले इस तरह का कीर्तिमान केवल दिग्गज महिला एथलीट पीटी उषा के नाम दर्ज था।

पीटी उषा के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी की दिशा में कदम

भारतीय खेल इतिहास में जब भी बहु-पदक जीतने वाले एथलीटों की बात आती है, तो महान धावक 'पायोली एक्सप्रेस' पीटी उषा का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। उन्होंने साल 1986 में सियोल में आयोजित एशियन गेम्स के दौरान ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कुल पांच पदक (चार स्वर्ण और एक रजत पदक) अपने नाम किए थे और देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया था।

अब पुरुष वर्ग में गुलवीर सिंह ने उसी राह पर चलते हुए एक ही संस्करण में तीन पदक जीतकर इतिहास के पन्नों में अपनी एक मजबूत जगह बना ली है। पुरुष एथलीटों के लिहाज से यह भारतीय खेल जगत के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहा है, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है।

पदकों का ऐसा सफर, जिसने देश को झूमने पर मजबूर कर दिया

गुलवीर सिंह ने अपनी इस सफलता की पटकथा धीरे-धीरे और बेहद शानदार अंदाज में लिखी। उन्होंने अपनी शुरुआत 10 हजार मीटर की बेहद कठिन और लंबी दौड़ से की। इस स्पर्धा में उन्होंने अपनी ताकत और स्टैमिना का शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया।

इसके बाद उन्होंने अपनी रफ्तार का जादू 1500 मीटर दौड़ में भी दिखाया। सोमवार को आयोजित इस स्पर्धा में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक और रजत पदक देश की झोली में डाल दिया।

सिलसिला यहीं नहीं रुका। इसके ठीक अगले दिन, यानी मंगलवार को गुलवीर ने 5000 मीटर की दौड़ में अपनी पूरी ताकत झोंक दी और कांस्य पदक पर कब्जा जमा लिया। इस तरह उन्होंने कुल तीन पदक (दो रजत और एक कांस्य) अपने नाम करते हुए देश के लिए एक अद्भुत हैट्रिक पूरी की।

सिरसा गांव में दिवाली जैसा माहौल, खुशी से झूमे परिजन

मैदान पर जब गुलवीर रफ्तार भर रहे थे, तो उनके घर और पूरे गांव की सांसें थमी हुई थीं। जैसे ही उनके तीसरे पदक की खबर अतरौली तहसील के गांव सिरसा पहुंची, वहां जश्न का माहौल ऐसा बन गया मानो दिवाली आ गई हो। ढोल-नगाड़ों की थाप पर पूरा गांव झूम उठा।

गुलवीर के किसान पिता पप्पू सिंह और माता लक्ष्मी की आंखों में अपनी बेटे की इस महान सफलता पर खुशी के आंसू छलक आए। माता-पिता ने गांव के लोगों और अपने सगे-सम्बन्धियों को अपने हाथों से मिठाई बांटी। आसपास के लोग गुलवीर के घर पहुंचकर उनके माता-पिता को बधाई दे रहे हैं और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक पल का जश्न मना रहे हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा बने गुलवीर सिंह

गुलवीर सिंह का यहां तक पहुंचना किसी परी कथा से कम नहीं है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले एक किसान के बेटे ने दुनिया के सबसे बड़े मंच पर अपनी धाक जमाकर यह साबित कर दिया है कि सफलता किसी की जागीर नहीं होती। उनकी यह सफलता उन अनगिनत युवाओं के लिए एक मजबूत प्रेरणा है जो छोटे शहरों और गांवों से निकलकर देश के लिए कुछ बड़ा करने का सपना देखते हैं।

उनकी इस ऐतिहासिक जीत से न केवल अलीगढ़ बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश का खेल प्रेमी वर्ग बेहद उत्साहित है। आने वाले समय में गुलवीर से देश की उम्मीदें और अधिक बढ़ गई हैं, और खेल जगत को पूरी उम्मीद है कि वह भविष्य में देश के लिए और भी कई बड़े गौरवशाली पल लेकर आएंगे।

About the Author

रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

Writer

रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

Read More

ज़रूर पढ़ें (You May Also Like)

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →