आज के दौर में डिजिटल निवेश का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगों के नए और खतरनाक तरीके भी सामने आ रहे हैं। मुनाफे का ऐसा ही एक लालच लोगों को कंगाल बना रहा है। ताजा मामला देश के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्र गुड़गांव से सामने आया है, जहां क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में भारी मुनाफे का सब्जबाग दिखाकर एक व्यक्ति को लाखों रुपये का चूना लगा दिया गया है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस महकमा भी सतर्क हो गया है।
सेक्टर-57 के रहने वाले हैं पीड़ित
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला गुड़गांव के पॉश इलाके सेक्टर-57 से जुड़ा हुआ है। यहां रहने वाले मुकेश मदानी नामक एक व्यक्ति को साइबर अपराधियों ने अपने जाल में फंसाया। ठगों ने उन्हें क्रिप्टोकरेंसी बाजार में निवेश करने की सलाह दी और ऐसा रिटर्न दिखाने का वादा किया, जिससे कुछ ही दिनों में उनकी रकम कई गुना बढ़ जाएगी।
मुकेश मदानी ठगों की चिकनी-चुपड़ी बातों में आ गए और उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई का एक बड़ा हिस्सा धीरे-धीरे उनके बताए गए प्लेटफॉर्म पर निवेश करना शुरू कर दिया। ठगों ने उन्हें इस तरह से डिजिटल डैशबोर्ड पर फर्जी मुनाफा भी दिखाया कि पीड़ित को शुरुआत में उनके झांसे पर पूरा यकीन हो गया।
झांसे में गंवा दिए पांच लाख 90 हजार रुपये
साइबर जालसाजों ने अलग-अलग बहानों और टैक्स या प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पीड़ित से कुल पांच लाख 90 हजार रुपये ऐंठ लिए। जब मुकेश मदानी ने अपनी इनवेस्ट की गई रकम और उसपर दिख रहे तथाकथित मुनाफे को अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करने की कोशिश की, तो ट्रांजैक्शन फेल होने लगा।
उन्होंने जब इस संबंध में तथाकथित कस्टमर केयर या उन ठगों से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने टालमटोल शुरू कर दिया। इसके बाद ठगों के फोन भी बंद आने लगे। तब जाकर पीड़ित को अहसास हुआ कि उनके साथ बहुत बड़ा साइबर फ्रॉड हो चुका है और वे ठगी का शिकार बन चुके हैं।
पुलिस की शरण में पहुंचा मामला
धोखाधड़ी का अहसास होते ही बिना वक्त गंवाए पीड़ित मुकेश मदानी ने तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने साइबर थाना ईस्ट में इस पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन एक्शन लिया है।
साइबर थाना ईस्ट के जांच अधिकारी ने इस संबंध में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब उन बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स की तकनीकी जांच (Technical Investigation) कर रही है, जिनमें ठगी की यह रकम ट्रांसफर की गई थी।
साइबर ठगी से बचने के लिए बेहद जरूरी सावधानियां
यह कोई पहला मामला नहीं है जब क्रिप्टोकरेंसी या ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर किसी आम नागरिक को ठगा गया हो। आए दिन इस तरह के मामले देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आते रहते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों और पुलिस प्रशासन की तरफ से लगातार यह हिदायत दी जाती है कि लोग ऑनलाइन निवेश के मामलों में अत्यधिक सावधानी बरतें।
- अज्ञात कॉल्स या मैसेज से बचें: सोशल मीडिया, टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर मिलने वाले उन निवेश प्रस्तावों से हमेशा दूर रहें, जो रातों-रात अमीर बनाने का दावा करते हैं।
- प्लेटफॉर्म की प्रामाणिकता जांचें: किसी भी ऐप या वेबसाइट में पैसे लगाने से पहले यह जरूर जांच लें कि वह सेबी (SEBI) या आरबीआई (RBI) जैसे वित्तीय नियामकों द्वारा रजिस्टर्ड है या नहीं।
- गारंटीड रिटर्न पर भरोसा न करें: शेयर बाजार या क्रिप्टोकरेंसी जैसे वोलेटाइल मार्केट में कोई भी व्यक्ति या कंपनी भारी मुनाफे की गारंटी नहीं दे सकती। जहां ज्यादा मुनाफा, वहां जोखिम सबसे ज्यादा होता है।
- तुरंत करें शिकायत: यदि आपके साथ कभी भी किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी हो जाती है, तो बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर या 1930 नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
फिलहाल, गुड़गांव पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए आईपी एड्रेस, मोबाइल नंबर और बैंक ट्रांजैक्शन ट्रेल का बारीकी से विश्लेषण कर रही है ताकि इन शातिर साइबर अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके।