हरियाणा के सोनीपत जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रहस्यमयी मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार सुबह रोहट नहर के पास एक संदिग्ध अवस्था में खड़ी बलेनो कार के भीतर से 35 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान सोनू के रूप में हुई है, जो पिछले दो दिनों से लापता चल रहा था। इस घटना के सामने आने के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शुरुआती तौर पर शरीर पर मिले चोट के निशानों को देखकर हत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस हर पहलू से इस पूरे मामले की गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है।
ससुराल जाने के लिए निकला था युवक, फिर क्या हुआ?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव जौली का रहने वाला सोनू 23 सितंबर की शाम को अपनी बलेनो कार लेकर घर से निकला था। उसका गंतव्य नरेला का गांव कुरैनी था, जहां उसकी ससुराल है। परिजनों ने बताया कि सोनू अपनी ससुराल में अपने साले की बीमार पत्नी का हालचाल जानने के लिए जा रहा था। सबकुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया।
मृतक के परिजनों के मुताबिक, 24 सितंबर की सुबह करीब सात बजे सोनू की पत्नी पीनू ने उसे फोन कर उसकी लोकेशन के बारे में पूछा था। उस वक्त सोनू ने जवाब दिया था कि वह अब घर के लिए वापस निकल रहा है। इसके बाद जब सुबह 11 बजे तक वह घर नहीं पहुंचा, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। पत्नी ने दोबारा उसके नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल फोन पूरी तरह से बंद आ रहा था। इसके बाद परिवार के लोगों ने उसकी अपने स्तर पर तलाश शुरू कर दी।
अजीबोगरीब हालात में ऑन हुआ मोबाइल, फिर शुरू हुई तलाश
परिजनों ने बताया कि बुधवार शाम करीब पांच बजे सोनू का मोबाइल अचानक चालू हुआ, जिससे परिवार में एक उम्मीद की किरण जगी। हालांकि, इसके बाद अगले पांच से छह घंटे तक लगातार प्रयास करने के बावजूद उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया, क्योंकि फोन उठाने वाला कोई नहीं था या फिर वह फिर से स्विच ऑफ हो गया। स्थिति को भांपते हुए शुक्रवार की सुबह सोनू के ससुर मैहरद्दिन ने नरेला थाना पुलिस में उसके लापता होने की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस में शिकायत दर्ज होने के साथ ही परिजन भी अपनी ओर से उसकी खोजबीन में जुटे हुए थे। इसी दौरान एक ऐसा मोड़ आया जिसने पूरे घटनाक्रम को बदलकर रख दिया। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे जब सोनीपत से दिल्ली की ओर जा रहा एक परिवार का दामाद धीरज रोहट नहर के रास्ते गुजर रहा था, तो उसने वहां लावारिस हालत में खड़ी सोनू की बलेनो कार देखी। कार को पहचाने जाने पर उसने तुरंत इसकी सूचना परिजनों को दी।
कार के अंदर मिला शव, शरीर पर मिले गहरे जख्म
सूचना मिलते ही परिजन बदहवास हालत में तुरंत मौके पर पहुंचे और इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में सदर थाना पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीम भी मौके पर पहुंच गई। जब पुलिस ने कार के अंदर का नजारा देखा तो उनके भी होश उड़ गए। कार की पिछली या ड्राइवर सीट के आसपास सोनू का मृत शरीर संदिग्ध हालत में पड़ा था।
परिजनों का आरोप है कि सोनू की सामान्य मौत नहीं हुई है, बल्कि उसकी निर्मम हत्या की गई है। उनके अनुसार, सोनू के सिर और कमर पर गंभीर चोट के निशान साफ तौर पर दिखाई दे रहे थे। इसके अलावा उसकी नाक से खून बह रहा था और कमर की खाल भी उतरी हुई थी। सबसे अजीब बात यह थी कि उसने अपनी बनियान उल्टी पहनी हुई थी। इन सभी शारीरिक लक्षणों और परिस्थितियों को देखते हुए परिवार का दावा है कि इसके पीछे किसी गहरी साजिश और हत्या का हाथ है।
परिवार का इकलौता सहारा था सोनू
घटना के बाद से मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों ने बताया कि सोनू का किसी के साथ भी किसी प्रकार का कोई विवाद या पुरानी रंजिश नहीं थी। वह बहुत सीधा इंसान था। सोनू का विवाह वर्ष 2011 में पीनू के साथ हुआ था और दंपति के दो छोटे-छोटे बच्चे भी हैं। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उसके कंधों पर ही थी। घर का गुजर-बसर चलाने के लिए वह अपनी बलेनो कार को बतौर टैक्सी चलाया करता था। अब उसके इस तरह चले जाने से पूरे परिवार का भविष्य अंधकार में डूब गया है।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और जांच के पहलू
इस हाई-प्रोफाइल और सनसनीखेज मामले पर बोलते हुए सदर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह ने बताया कि सोनू के लापता होने की गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले ही नरेला थाना क्षेत्र में दर्ज की जा चुकी थी। अब रोहट नहर के पास उसकी कार से शव मिलने के बाद मामले की गंभीरता और अधिक बढ़ गई है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत नागरिक अस्पताल भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से तमाम महत्वपूर्ण साक्ष्य और फिंगरप्रिंट्स जुटाए हैं। इसके अलावा, रोहट नहर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह कार वहां तक कैसे और कब पहुंची थी। उसके साथ कार में कोई और था या नहीं, इस बात की भी तकनीकी जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
फिलहाल पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि शरीर पर मिले चोट के निशान और हत्या के आरोपों की पुष्टि केवल पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। विसरा रिपोर्ट और डॉक्टर के पैनल द्वारा किए जाने वाले पोस्टमार्टम से यह साफ हो पाएगा कि सोनू की मौत दम घुटने से हुई, किसी जहरीले पदार्थ से या फिर उसपर किसी भारी हथियार से हमला किया गया था। पुलिस हर संभावित एंगल से मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है ताकि जल्द से जल्द सच सामने आ सके।