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गुवाहाटी रेलवे का कायापलट: दूसरा सरायघाट ब्रिज और नई लाइनों से बदलेगी तस्वीर

गुवाहाटी रेलवे का कायापलट: दूसरा सरायघाट ब्रिज और नई लाइनों से बदलेगी तस्वीर

पूर्वोत्तर भारत के सबसे अहम रणनीतिक और व्यावसायिक केंद्र गुवाहाटी में रेल यात्रियों के लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने इस क्षेत्र में ट्रेन संचालन को सुगम बनाने, पटरियों पर दबाव कम करने और यात्रियों को वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं देने के लिए करोड़ों रुपये की कई मेगा परियोजनाओं पर काम तेज कर दिया है। इन बदलावों से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों की कनेक्टिविटी को भी अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।

मौजूदा समय में गुवाहाटी रेलवे स्टेशन उत्तर-पूर्व का एक बेहद व्यस्त जंक्शन है। यहां सामान्य दिनों में भी रोजाना 50,000 से अधिक यात्री आवाजाही करते हैं, जबकि पीक सीजन या छुट्टियों के दौरान यह संख्या बढ़कर करीब 65,000 तक पहुंच जाती है। इस अहम स्टेशन से हर दिन 200 से ज्यादा ट्रेनों का संचालन होता है। बढ़ते दबाव और आने वाले समय की मांग को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने बुनियादी ढांचे को नए सिरे से तैयार करने की रूपरेखा तैयार की है।

दूसरी सरायघाट रेल-सह-सड़क पुल परियोजना

इस पूरे मास्टरप्लान में सबसे चर्चित और अहम प्रोजेक्ट आगोथरी-कामाख्या डबल लाइन परियोजना है, जिसके तहत ब्रह्मपुत्र नदी पर दूसरा सरायघाट रेल-सह-सड़क पुल (Saraighat Bridge) बनाया जा रहा है। लगभग 7.20 किलोमीटर लंबे इस पूरे प्रोजेक्ट पर 1,474 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत आएगी।

इस नए पुल की कुल लंबाई 1.3 किलोमीटर होगी। खास बात यह है कि इस पर डबल-लाइन रेलवे ट्रैक के साथ-साथ तीन लेन का सड़क मार्ग भी होगा। इस नए बुनियादी ढांचे के तैयार होने से पुराने सरायघाट पुल पर से यातायात का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। साथ ही, गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच का सफर और अधिक सुगम हो जाएगा, जिससे पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों के साथ ट्रेनों की आवाजाही में भी तेजी आएगी।

कामाख्या-गुवाहाटी तीसरी लाइन और अन्य विस्तार

यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी को रोकने और क्षमता बढ़ाने के लिए कई और प्रोजेक्ट्स पर भी तेजी से काम चल रहा है:

  • कामाख्या-गुवाहाटी तीसरी लाइन: 5.74 किलोमीटर लंबे इस सेक्शन पर 467 करोड़ रुपये की लागत से तीसरी लाइन बिछाई जा रही है। इसे वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे इस व्यस्त रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के हो सकेगी।
  • मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स: न्यू गुवाहाटी में 227 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक कोचिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। इसमें तीन पिट लाइन, चार स्टेब्लिंग लाइन और दो ऑटोमैटिक कोच-वाशिंग प्लांट शामिल होंगे। इससे ट्रेनों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों में उल्लेखनीय सुधार होगा।
  • अजारा-कामाख्या डबल लाइन और एलिवेटेड कॉरिडोर: दीपर बील (Deepor Beel) वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र से गुजरने वाले हिस्से पर एक विशेष एलिवेटेड वायाडक्ट बनाया जा रहा है, ताकि हाथियों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा प्रभावित न हो और ट्रेनें भी बिना रोक-टोक दौड़ सकें। इस 13.25 किलोमीटर लंबे स्ट्रेच का काम जुलाई 2028 तक पूरा होना है।

अमृत भारत योजना के तहत स्टेशनों का आधुनिकीकरण

सिर्फ पटरियां ही नहीं, बल्कि स्टेशनों की रूपरेखा भी पूरी तरह बदली जा रही है। 'अमृत भारत स्टेशन योजना' (ABSS) के तहत गुवाहाटी और कामाख्या रेलवे स्टेशनों को आधुनिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

गुवाहाटी रेलवे स्टेशन को एक ग्रीन-बिल्डिंग के तौर पर विकसित किया जा रहा है, जिसमें सोलर पावर जनरेशन, वेस्ट मैनेजमेंट और वाटर मैनेजमेंट पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए एक आईटी पार्क भी बनाया जा रहा है। भारी भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए स्टेशन का दूसरा एंट्री गेट भी तैयार किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में आसानी होगी। हाल ही में शुरू हुआ पानबाजार रोड ओवर ब्रिज (ROB) भी इस दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रहा है।

लॉजिस्टिक्स और फ्रेट सेक्टर को भी बढ़ावा

यात्री सेवाओं के अलावा माल ढुलाई (Freight) के क्षेत्र में भी रेलवे ने बड़ा विस्तार किया है। गुवाहाटी के पास बैहाटा में गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (GCT) का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा जोगिघोपा स्टेशन यार्ड को मल्टी मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) से जोड़ने वाली रेल लाइन का काम भी पूरा कर लिया गया है। इन सुविधाओं के शुरू होने से पूर्वोत्तर क्षेत्र में सामानों की आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियों को एक नई गति मिलेगी।

इन तमाम परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद गुवाहाटी न केवल पूर्वोत्तर का बल्कि देश के सबसे आधुनिक रेलवे और लॉजिस्टिक्स हब में से एक बन जाएगा। आने वाले कुछ वर्षों में यात्रियों को एक सुरक्षित, तेज और आरामदायक सफर का अनुभव मिलने की पूरी उम्मीद है।

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अनुराधा दुबे

अनुराधा दुबे

Content Writer

अनुराधा दुबे एक समर्पित और अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जो भारत से जुड़ी राजनीतिक, सामाजिक और नीतिगत खबरों को गहराई से समझकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। उन...

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