ग्वालियर शहर के इतिहास में बुधवार का दिन एक बेहद खास और भावनात्मक क्षण के रूप में दर्ज हो गया। अवसर था जननेता, स्वतंत्रता सेनानी और समाज सेवी स्व. रघुवीर सिंह 'बाबूजी' की भव्य प्रतिमा के अनावरण का। शहर के प्रमुख आकाशवाणी तिराहे पर आयोजित एक गरिमामयी और विशाल समारोह में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान राज्य की कई दिग्गज राजनीतिक हस्तियां और भारी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने अपने प्रिय जननेता को नम आंखों से याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की।
आकाशवाणी तिराहे का बदला नाम, अब कहलाएगा स्व. बाबू रघुवीर सिंह तिराहा
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्वालियर की जनता और स्वतंत्रता संग्राम में बाबूजी के अमूल्य योगदान को हमेशा याद रखने के लिए अब इस आकाशवाणी तिराहे का नाम बदलकर 'स्व. बाबू रघुवीर सिंह तिराहा' किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा महाकाल ने सभी के जीवन का समय निश्चित किया है, लेकिन इंसान अपने कर्मों से अमर होता है। प्रत्येक मनुष्य के कार्यों का सही मूल्यांकन आने वाली पीढ़ियां करती हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. बाबूजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने देश की आजादी के कालखंड में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताए मार्ग पर चलते हुए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया था। वे आजीवन जनता के मौलिक अधिकारों और हक की लड़ाई के लिए सदैव सबसे आगे खड़े रहते थे।
स्वतंत्रता संग्राम से लेकर विधानसभा तक का सफर
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि स्व. बाबूजी ने बेहद कम उम्र में ही देश के स्वतंत्रता समर में सक्रिय रूप से सहभागिता निभाई और अपने साथियों को भी इसके लिए प्रेरित किया। उन्होंने माधवराव सिंधिया के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नगर निगम से लेकर मध्य प्रदेश विधानसभा तक की लंबी राजनीतिक और सामाजिक यात्रा तय की। ग्वालियर क्षेत्र के विकास और जनसेवा में उन्होंने जो मिसाल पेश की, वह आज के जनप्रतिनिधियों के लिए एक पाठ्यपुस्तक की तरह है।
अपने विद्यार्थी जीवन के संस्मरणों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बाबूजी न सिर्फ खुद अनुशासित थे, बल्कि अपने साथियों और बच्चों को भी कुश्ती जैसे शारीरिक खेलों के प्रति प्रेरित करते थे। ग्वालियर की धरती पर स्थापित यह नई प्रतिमा आने वाली हर पीढ़ी को उनके आदर्शों और देशभक्ति की राह पर चलने के लिए निरंतर प्रेरित करती रहेगी।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया हुए भावुक
समारोह के दौरान केंद्रीय दूरसंचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि आज का यह दिन उनके व्यक्तिगत जीवन के लिए अत्यंत संवेदनशील और भावुक क्षण है। स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी ने ग्वालियर से विधायक के रूप में उनके दिवंगत पिता के साथ मिलकर काम किया था।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा, "बाबूजी ने हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनहित को सर्वोपरि रखा। बाल्यकाल से ही मुझे उनका अपार स्नेह और सानिध्य प्राप्त हुआ। मात्र 14 वर्ष की अल्प आयु में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों की सेवा में खुद को समर्पित कर दिया था। कृषि संकाय से शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद उन्होंने अपना पूरा जीवन किसान कल्याण और समाज सेवा के नाम कर दिया। वे दिल के बहुत कोमल थे, लेकिन अपने उसूलों और सिद्धांतों पर हमेशा चट्टान की तरह अडिग रहते थे।" उन्होंने इस प्रतिमा की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों की भी सराहना की।
दिग्गजों ने साझा किए संस्मरण
मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी ने अपने संपूर्ण जीवनकाल में श्रमिकों और मजदूरों के अधिकारों के लिए एक लंबा और कड़ा संघर्ष किया। उनके साथ नगर निगम में पार्षद के रूप में कार्य करना उनके राजनीतिक जीवन के सबसे अमूल्य अनुभवों में से एक है।
स्व. बाबूजी के पुत्र राम सुंदर यादव ने इस मौके पर अपने परिवार की भावनाएं साझा करते हुए कहा कि आज का दिन उनके पूरे परिवार के लिए गर्व और भावनाओं का सैलाब लेकर आया है। उनके पिता ने हमेशा महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलकर किसानों, गरीबों और समाज के हर उपेक्षित वर्ग की आवाज को बुलंद किया। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि उनके परिवार की तीसरी पीढ़ी भी पूरी तरह से जनसेवा के उसी रास्ते पर समर्पित है, जो उनके पिता ने दिखाया था।
कार्यक्रम में इन प्रमुख चेहरों की रही मौजूदगी
इस भव्य प्रतिमा अनावरण समारोह में मध्य प्रदेश सरकार और क्षेत्र के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से:
- नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला
- ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाहा
- राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह
- विधायक प्रीतम सिंह लोधी
- विधायक महेंद्र सिंह यादव
- मप्र राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामनिवास रावत
इन सभी जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ ग्वालियर शहर के गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और हजारों की संख्या में आम लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने स्व. बाबूजी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
निष्कर्ष: एक युग का अंत और प्रेरणा की शुरुआत
ग्वालियर में स्थापित स्व. रघुवीर सिंह 'बाबूजी' की यह प्रतिमा केवल पत्थर या धातु की मूर्ति नहीं है, बल्कि यह उस संघर्ष, ईमानदारी और जनसेवा की संस्कृति का प्रतीक है, जिसे इन महान नेताओं ने अपने खून-पसीने से सींचा था। आज जब नई पीढ़ी राजनीति और समाज सेवा के नए आयाम तलाश रही है, ऐसे में स्व. बाबूजी का जीवन चरित्र सभी के लिए एक मार्गदर्शक का काम करेगा। आकाशवाणी तिराहे से गुजरने वाला हर नागरिक अब जब इस प्रतिमा को देखेगा, तो उसे एक ऐसे निस्वार्थ जननेता की याद आएगी जिसने अपना पूरा जीवन ग्वालियर और देश के नाम कर दिया था।