Breaking
► वाराणसी में सजी फिल्मी महफिल, 'हनुमान अंश' की टीम ने की बृजेश सिंह से मुलाकात ► वाराणसी के सारनाथ में दिल दहला देने वाली घटना, रेलवे ट्रैक पर मिला 32 वर्षीय युवक का शव ► मानसून का दूसरा दौर: दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में कल से फिर होगी भारी बारिश ► हाफिज सईद पर एनआईए का बड़ा खुलासा, पाकिस्तान में बैठकर चला रहा आतंकी नेटवर्क ► रवि किशन को 'घूम-घूम' गाने से थी ब्लॉकबस्टर की उम्मीद, सेट पर की थी ये बड़ी डिमांड ► सोने की चमक पर मंडराया संकट! अगले हफ्ते बदल सकता है बाजार का खेल, जानें एक्सपर्ट्स की राय ► जयपुर के लग्जरी रिसॉर्ट में रेड, थाईलैंड की 7 युवतियों समेत 11 गिरफ्तार ► Women's Asia Cup 2026: फाइनल से पहले श्रीलंकाई कप्तान की खुली चुनौती, टीम इंडिया की बढ़ी मुश्किलें ► कोरिया में दर्दनाक हादसा: स्कूल बस की चपेट में आने से मासूम छात्रा की मौत, परिवार में कोहराम ► एटीएम धोखाधड़ी का भंडाफोड़: कोलकाता से तीन शातिर गिरफ्तार, 62 कार्ड और 8 मशीनें बरामद ► वाराणसी में सजी फिल्मी महफिल, 'हनुमान अंश' की टीम ने की बृजेश सिंह से मुलाकात ► वाराणसी के सारनाथ में दिल दहला देने वाली घटना, रेलवे ट्रैक पर मिला 32 वर्षीय युवक का शव ► मानसून का दूसरा दौर: दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में कल से फिर होगी भारी बारिश ► हाफिज सईद पर एनआईए का बड़ा खुलासा, पाकिस्तान में बैठकर चला रहा आतंकी नेटवर्क ► रवि किशन को 'घूम-घूम' गाने से थी ब्लॉकबस्टर की उम्मीद, सेट पर की थी ये बड़ी डिमांड ► सोने की चमक पर मंडराया संकट! अगले हफ्ते बदल सकता है बाजार का खेल, जानें एक्सपर्ट्स की राय ► जयपुर के लग्जरी रिसॉर्ट में रेड, थाईलैंड की 7 युवतियों समेत 11 गिरफ्तार ► Women's Asia Cup 2026: फाइनल से पहले श्रीलंकाई कप्तान की खुली चुनौती, टीम इंडिया की बढ़ी मुश्किलें ► कोरिया में दर्दनाक हादसा: स्कूल बस की चपेट में आने से मासूम छात्रा की मौत, परिवार में कोहराम ► एटीएम धोखाधड़ी का भंडाफोड़: कोलकाता से तीन शातिर गिरफ्तार, 62 कार्ड और 8 मशीनें बरामद

मानसून का दूसरा दौर: दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में कल से फिर होगी भारी बारिश

मानसून का दूसरा दौर: दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में कल से फिर होगी भारी बारिश

देश के कई हिस्सों से एक बार फिर मानसून के तेवर आक्रामक होने लगे हैं। मौसम विभाग के ताजा अनुमानों के मुताबिक, मानसून अपनी विदाई से पहले उत्तर भारत के कई प्रमुख राज्यों में जोरदार वापसी करने की तैयारी में है। खासकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के आसमान पर कल से बादलों का डेरा फिर से गहराने वाला है। सिर्फ मैदानी इलाके ही नहीं, बल्कि देश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में भी मौसम का मिजाज अगले कुछ घंटों में पूरी तरह बदलने जा रहा है।

अगले 24 से 48 घंटे इन राज्यों के लिए बेहद संवेदनशील

मौसम प्रणाली के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो अगले 48 घंटे मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिणी राजस्थान के निवासियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। इन क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) की प्रबल संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इन इलाकों में लगातार हो रही गतिविधियों के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है, जिसे लेकर स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।

निचले इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है, क्योंकि अचानक तेज बौछारें फसलों और दैनिक गतिविधियों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी से उठा नया 'लो प्रेशर'

आखिर मौसम में अचानक इस बड़े बदलाव के पीछे की वजह क्या है? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठा एक नया और सक्रिय लो प्रेशर (Low Pressure Area) इस समय दक्षिणी छत्तीसगढ़ के ऊपर पहुंच चुका है। इसके प्रभाव से मानसूनी ट्रफ या रेखा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसक गई है।

वर्तमान में यह मानसूनी रेखा जैसलमेर, राजगढ़, बेतूल और दक्षिणी छत्तीसगढ़ पर बने लो प्रेशर सिस्टम से होते हुए सीधे पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। मौसमी प्रणालियों के इस मेल ने एक मजबूत चक्रवातीय तंत्र तैयार कर लिया है, जो देश के एक बड़े हिस्से में नमी और बादलों की भारी खेप लेकर आ रहा है।

उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में कल से राहत और बारिश

जहां एक तरफ पश्चिमी और मध्य भारत में भारी बारिश का दौर रहेगा, वहीं पहाड़ी राज्यों से लेकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में कल से हल्की से मध्यम बारिश (Light to Moderate Showers) का सिलसिला दोबारा शुरू होने जा रहा है।

  • दिल्ली और एनसीआर: कल से आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और छिटपुट से लेकर मध्यम बौछारें गर्मी व उमस से राहत दिलाएंगी।
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: तराई बेल्ट और पहाड़ी जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
  • पंजाब और हरियाणा: खेतों और फसलों के लिए यह बारिश एक बार फिर से नमी लेकर आएगी।

पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी ट्रफ का डबल अटैक

सितंबर के मध्य में मौसम का यह मिजाज केवल एक मौसमी तंत्र तक सीमित नहीं है। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 16 सितंबर को एक मध्यम दर्जे का नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी उत्तर भारत के मौसम को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा।

इसके साथ ही, अगले दो दिनों तक गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी बारिश देने के बाद, दक्षिणी छत्तीसगढ़ पर बना लो प्रेशर सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा। इसके कमजोर पड़ते ही मानसूनी ट्रफ फिर से उत्तर भारत की ओर उत्तर की तरफ शिफ्ट होनी शुरू हो जाएगी।

16 और 17 सितंबर को लगातार बारिश का अनुमान

इन सभी मौसमी प्रणालियों के आपसी मेल और भौगोलिक प्रभावों के कारण, उत्तर भारत के बड़े हिस्से में 16 से 17 सितंबर या उससे भी आगे तक लगातार बारिश का दौर जारी रहने की पूरी संभावना है। यह सितंबर महीने के आखिरी हफ्तों में मानसून के एक्टिव फेज का एक और दौर होगा, जिससे उमस भरी गर्मी से जूझ रहे आम जनमानस को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र की चेतावनियों पर नजर बनाए रखें और यात्रा करते समय संभावित जलभराव वाले रास्तों से बचने का प्रयास करें।

About the Author

निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

Writer (स्थानीय खबरें)

निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →