छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक बेहद मर्मस्पर्शी और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। जिले में एक तेज रफ्तार स्कूल बस ने सड़क पार कर रही मासूम छात्रा को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय घटी जब बच्ची रोजाना की तरह अपने स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी या स्कूल से वापस लौट रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्कूल बस की रफ्तार काफी तेज थी और चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। लापरवाही से चलाई जा रही इस बस ने सीधे मासूम छात्रा को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बच्ची संभल नहीं पाई और बस के पहिए के नीचे आ गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे और बच्ची को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
गुस्साए स्थानीय लोगों का फूटा आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में भारी गुस्सा देखने को मिला। लोगों का आरोप है कि इस रूट पर स्कूल बसें अक्सर लापरवाही और तेज गति से चलाई जाती हैं, जिससे आए दिन सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे बने रहते हैं। प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की कथित उदासीनता के चलते अभिभावकों में भारी रोष व्याप्त है।
- घटनास्थल पर भारी भीड़: हादसे की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।
- यातायात प्रभावित: गुस्से में आए लोगों ने कुछ देर के लिए सड़क मार्ग को जाम करने का प्रयास किया।
- पुलिस की त्वरित कार्रवाई: स्थिति को बिगड़ता देख स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और जांच
घटना की जानकारी मिलते ही कोरिया जिले के संबंधित थाने की पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना के लिए जिम्मेदार स्कूल बस को अपने कब्जे में ले लिया है। हालांकि, बस चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृत छात्रा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया है। मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और बस के कागजातों के साथ-साथ चालक के लाइसेंस की भी जांच की जा रही है। पुलिस का यह भी कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों की सुरक्षा पर टफे सवाल
इस दुखद घटना ने एक बार फिर स्कूल बसों के संचालन और यातायात नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या स्कूल प्रबंधन बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर नहीं हैं? क्या चालकों के बैकग्राउंड और फिटनेस की जांच नियमित रूप से की जाती है? ऐसे कई सवाल इस समय कोरिया के आम नागरिकों और अभिभावकों के जेहन में उठ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए और जिला प्रशासन को सभी शैक्षणिक संस्थानों व स्कूल बसों के संचालकों के खिलाफ सख्त गाइडलाइन जारी करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अनहोनी को रोका जा सके। फिलहाल, इस हृदयविदारक घटना से पूरा कोरिया जिला स्तब्ध है और हर आंख नम है।