सितंबर का महीना खत्म होने को है, लेकिन मौसम का तेवर अभी भी पूरी तरह से आक्रामक बना हुआ है। देश के बड़े हिस्से में मानसून की विदाई से पहले बादलों का एक और दौर तबाही मचाने के लिए तैयार है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बेहद गंभीर और विस्तृत चेतावनी जारी करते हुए अगले 18 घंटों के भीतर देश के 23 राज्यों में मूसलाधार बारिश और भयंकर आंधी-तूफान का रेड व ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।
23 राज्यों में मौसम का तांडव: क्या है IMD का नया अपडेट?
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में एक साथ कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हो गए हैं। बंगाल की खाड़ी से उठने वाली नमी और उत्तर भारत की तरफ बढ़ रही मानसूनी हवाओं के मेल ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। यही वजह है कि कल यानी 26 सितंबर 2026 को देश के उत्तर, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण भारत के कुल 23 राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दे दिए गए हैं। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने या सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि अचानक जलभराव और ट्रैफिक जाम की विकट स्थिति पैदा हो सकती है।
दिल्ली, यूपी और बिहार में कैसा रहेगा कल का मौसम?
राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी परेशान कर रही थी, लेकिन अब मौसम करवट ले रहा है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि कल दिल्ली और आसपास के इलाकों में काले बादल छाए रहेंगे और कई दौर की मूसलाधार बारिश दर्ज की जाएगी। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।
उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में भी झमाझम बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। खेतों में खड़ी फसलों को लेकर किसान चिंतित हैं, क्योंकि तेज हवाओं और बारिश के कारण फसलों के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। बिहार के भी कई उत्तरी और मैदानी जिलों में वज्रपात (आसानी बिजली गिरने) और भारी बारिश का अलर्ट है।
किन-किन राज्यों पर मंडरा रहा है सबसे बड़ा खतरा?
- उत्तर भारत: दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश।
- पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा।
- मध्य और पश्चिमी भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्से।
- दक्षिण भारत: कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके।
80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी क्यों है खतरनाक?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब बारिश के साथ 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती हैं, तो उसे 'तूफानी झोंके' या 'स्क्वाल' कहा जाता है। इतनी तेज रफ्तार हवाएं कमजोर मकानों की छतों, बड़े पेड़ों, और बिजली के खंभों को उखाड़ने की ताकत रखती हैं। यही कारण है कि इस बार का अलर्ट आम दिनों की सामान्य बारिश से कहीं अधिक गंभीर माना जा रहा है।
ड्राइविंग करने वालों के लिए यह समय बेहद सावधानी बरतने का है, क्योंकि सड़कों पर विजिबिलिटी अचानक शून्य के करीब पहुंच सकती है और तेज हवाओं के कारण गाडिय़ों पर से नियंत्रण खोने का डर रहता है।
आम जनता और किसानों के लिए जरूरी निर्देश
आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग की ओर से आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। यदि बहुत जरूरी काम न हो, तो यात्रा करने से बचें। खासकर कमजोर दीवारों, होर्डिंग्स और पेड़ों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें और खेतों में जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था करें ताकि फसलों को सड़ने से बचाया जा सके। बिजली कड़कने के दौरान खुले आसमान के नीचे जाने से बचें और मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल खुले में न करें।
सतर्कता ही बचाव है
मौसम का यह आक्रामक रूप यह साबित करता है कि प्रकृति के चक्र में बदलाव कितने तेजी से हो रहे हैं। आने वाले 18 से 36 घंटे देश के बड़े हिस्से के लिए चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट्स पर लगातार नजर बनाए रखें और किसी भी अफवाह से बचें। सुरक्षित रहें और सतर्क रहें।