Breaking
► तमिलनाडु उपचुनाव में हार के बाद स्टालिन का बड़ा हमला, विजय की पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप ► तमिलनाडु उपचुनाव में विजय की पार्टी का जलवा, महिलाओं पर दिए बयानों का ऐसे दिया करारा जवाब ► बाराबंकी में सरयू नदी का तांडव: हेतमापुर पर मंडराया बड़ा खतरा, प्रशासन अलर्ट ► कांग्रेस ने देश का माहौल बिगाड़ा: समाजवादी चिंतक राजनाथ शर्मा का बड़ा बयान, सीएम योगी पर कही यह बात ► लखनऊ में कैबिनेट बैठक: CM योगी ने गिनाई उपलब्धियां, डबल इंजन सरकार पर बड़ा बयान ► Amazon Great Indian Festival Sale 2026: iPhone 17 Pro पर अब तक की सबसे बड़ी छूट ► गर्भाशय निकालने की सर्जरी के बाद क्या बदल जाता है ब्लड शुगर? जानिए एक्सपर्ट की राय ► बेगूसराय के यशोदा हॉस्पिटल में महिला की मौत पर हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप ► योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में दौड़ेंगी 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसें ► वाराणसी में मिठाइयों पर बढ़ी निगरानी, 15 अक्टूबर से ‘यूज बाय डेट’ भी जरूरी ► तमिलनाडु उपचुनाव में हार के बाद स्टालिन का बड़ा हमला, विजय की पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप ► तमिलनाडु उपचुनाव में विजय की पार्टी का जलवा, महिलाओं पर दिए बयानों का ऐसे दिया करारा जवाब ► बाराबंकी में सरयू नदी का तांडव: हेतमापुर पर मंडराया बड़ा खतरा, प्रशासन अलर्ट ► कांग्रेस ने देश का माहौल बिगाड़ा: समाजवादी चिंतक राजनाथ शर्मा का बड़ा बयान, सीएम योगी पर कही यह बात ► लखनऊ में कैबिनेट बैठक: CM योगी ने गिनाई उपलब्धियां, डबल इंजन सरकार पर बड़ा बयान ► Amazon Great Indian Festival Sale 2026: iPhone 17 Pro पर अब तक की सबसे बड़ी छूट ► गर्भाशय निकालने की सर्जरी के बाद क्या बदल जाता है ब्लड शुगर? जानिए एक्सपर्ट की राय ► बेगूसराय के यशोदा हॉस्पिटल में महिला की मौत पर हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप ► योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में दौड़ेंगी 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसें ► वाराणसी में मिठाइयों पर बढ़ी निगरानी, 15 अक्टूबर से ‘यूज बाय डेट’ भी जरूरी

यूपी के इन जिलों में अगले 24 घंटे भारी बारिश का रेड अलर्ट, मौसम विभाग की नई चेतावनी

यूपी के इन जिलों में अगले 24 घंटे भारी बारिश का रेड अलर्ट, मौसम विभाग की नई चेतावनी

उत्तर प्रदेश के मौसम का मिजाज एक बार फिर से पूरी तरह बदल चुका है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने एक गहन अवदाब (Deep Depression) के प्रभाव से मानसून ने राज्य में दोबारा रफ्तार पकड़ ली है। पिछले दो दिनों से राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों के साथ-साथ पूर्वी और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों को लेकर बेहद महत्वपूर्ण और सतर्क रहने वाली चेतावनी जारी की है, जिसके तहत पूर्वांचल के कई इलाकों में बारिश की तीव्रता और अधिक बढ़ने की पूरी संभावना जताई गई है।

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बना मुख्य वजह

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, हाल ही में बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी तंत्र ने बादलों का रुख उत्तर प्रदेश की तरफ मोड़ दिया है। इस मौसमी हलचल के कारण नमी से भरपूर हवाएं लगातार राज्य के ऊपरी वायुमंडल में प्रवेश कर रही हैं, जिससे बादलों के घने होने और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा हो गई हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को अचानक राहत मिली है और तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई है।

मौसम केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, इस नए सिस्टम का असर केवल कुछ ही इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका दायरा धीरे-धीरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों तक भी फैल सकता है। हालांकि, सबसे ज्यादा प्रभाव पूर्वी उत्तर प्रदेश यानी पूर्वांचल के जिलों में देखने को मिलेगा, जहां मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई जा रही है।

किन-किन जिलों पर रहेगा खास असर?

  • राजधानी लखनऊ और आसपास: लखनऊ में पिछले 48 घंटों से रुक-रुक कर हो रही बौछारों ने मौसम सुहाना कर दिया है। अगले 24 घंटों के दौरान यहां आसमान में घने बादल छाए रहने और कई दौर की तेज बारिश होने की संभावना है।
  • पूर्वांचल के जिले: वाराणसी, गोरखपुर, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, और आजमगढ़ समेत कई अन्य जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। इन इलाकों के लिए स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
  • दक्षिणी उत्तर प्रदेश: बांदा, चित्रकूट, झांसी, और ललितपुर जैसे इलाकों में भी इस मानसूनी सक्रियता का सीधा असर दिखाई देगा, जिससे खेतों में नमी बढ़ेगी और फसलों को नया जीवन मिलेगा।

प्रशासन और आम जनजीवन के लिए एहतियाती कदम

अचानक तेज बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने भी कमर कस ली है। जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां के जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। खासकर निचले इलाकों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम और स्थानीय निकायों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

किसानों के लिए यह बारिश मिली-जुली खबर लेकर आई है। जहां एक ओर धान और अन्य खरीफ फसलों को इस पानी से जबरदस्त फायदा पहुंच रहा है, वहीं जिन इलाकों में फसलें कटाई के करीब हैं, वहां किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है ताकि उनकी कटी हुई फसलें भीगने से बच सकें।

यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें

यदि आप अगले एक-दो दिन में उत्तर प्रदेश के भीतर सड़क मार्ग या रेल मार्ग से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले मौसम का ताजा अपडेट अवश्य जांच लें। भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम या जलभराव जैसी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि यह मानसूनी सक्रियता अभी कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को सितंबर के महीने में भी सावन जैसा अहसास होता रहेगा। लगातार बदलते इस मौसम पर हमारी पैनी नजर बनी हुई है, जैसे ही कोई नया अपडेट आएगा, हम सबसे पहले आप तक पहुंचाएंगे।

About the Author

नसीम अहमद

नसीम अहमद

Writer

नसीम अहमद जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं। उन...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →