कोलंबो के ऐतिहासिक सिंहली स्पोर्ट्स क्लब स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। मुकाबले के पांचवें दिन का चायकाल समाप्त हो चुका है और इस समय श्रीलंका की टीम ने मैच में पूरी तरह से शिकंजा कस लिया है। श्रीलंकाई बल्लेबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर मेहमान टीम ने भारतीय गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए हैं। मैच के इस मोड़ पर अब श्रीलंका की हार की संभावनाएं बेहद कम नजर आ रही हैं, जबकि टीम इंडिया पर हार का खतरा मंडराने लगा हैश्रीलंका ने बनाई 170 रनों की विशाल बढ़तचायकाल तक श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी में 8 विकेट के नुकसान पर 383 रन बना लिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कुल 170 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली है। एक समय ऐसा लग रहा था कि यह मुकाबला आसानी से भारत की झोली में चला जाएगा, खासकर तब जब श्रीलंकाई टीम पहली पारी में फॉलो-ऑन टालने में भी असफल रही थी। लेकिन क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल यूं ही नहीं कहा जाता है। श्रीलंका के बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में गजब का संयम और दृढ़ संकल्प दिखाया है।
पारी की शुरुआत से ही श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसाया। पिच का मिजाज पांचवें दिन भी बल्लेबाजों के लिए काफी हद तक अनुकूल रहा, जिसका पूरा फायदा मेजबान टीम ने उठाया। भारतीय कप्तान और गेंदबाजों ने पूरी कोशिश की कि श्रीलंका को जल्द से जल्द समेटा जाए, लेकिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों के इरादे कुछ और ही थे।
सोनल दिनुषा बने संकटमोचक, शतक से महज कुछ कदम दूर
इस संघर्षपूर्ण पारी के असली नायक सोनल दिनुषा बनकर उभरे हैं। पहली पारी में भी शानदार शतक जड़कर अपनी टीम को मुश्किल से निकालने वाले दिनुषा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह दबाव में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करना जानते हैं। चायकाल के समय सोनल दिनुषा 195 गेंदों का सामना करते हुए 6 शानदार चौकों की मदद से 98 रनों के निजी स्कोर पर नाबाद खेल रहे हैं। वह अपने करियर के एक और ऐतिहासिक शतक से केवल दो रन दूर हैं।
उनकी यह पारी तकनीकी रूप से बेहद परिपक्व रही है। उन्होंने भारतीय स्पिनर्स और तेज गेंदबाजों दोनों का बहुत ही सूझबूझ के साथ सामना किया है। क्रीज़ पर उनका टिके रहना भारतीय खेमे में चिंता का सबसे बड़ा कारण बन गया है।लाहिरु कुमारा के साथ मिलकर की अहम साझेदारी
- एक छोर पर जहां सोनल दिनुषा तेजी से अपने शतक की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरे छोर पर उनका साथ देने आए तेज गेंदबाज लाहिरु कुमारा ने गजब का रक्षात्मक खेल दिखाया है। कुमारा ने 56 गेंदों का सामना करते हुए मात्र 2 रन बनाए हैं, लेकिन उनका क्रीज़ पर टिके रहना टीम के लिए सोने पर सुहागा साबित हुआ है। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच नौवें विकेट के लिए अब तक 28 रनों की बहुमूल्य साझेदारी हो चुकी हैमैच की स्थिति: श्रीलंका दूसरी पारी में 8 विकेट पर 383 रन।
- कुल बढ़त 170 रन।
- मुख्य बल्लेबाज: सोनल दिनुषा (98* रन), लाहिरु कुमारा (2* रन)।
- साझेदारी: 9वें विकेट के लिए 28 रन।
भारतीय गेंदबाजों के सामने अब बची है आखिरी उम्मीद
भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के लिए यह सत्र काफी निराशाजनक रहा है। पिच से मिलने वाली टर्न और सीम मूवमेंट का फायदा उठाने में भारतीय गेंदबाज उस तरह से कामयाब नहीं हो पाए जैसी उम्मीद की जा रही थी। हालांकि, नई गेंद के साथ कुछ शुरुआती झटके जरूर मिले थे, लेकिन निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भारतीय योजनाओं पर पानी फेर दिया।
अब टीम इंडिया के पास मैच बचाने के लिए बहुत कम समय और विकल्प बचे हैं। चायकाल के बाद के आखिरी सेशन में भारतीय गेंदबाजों को तुरंत बाकी बचे दो विकेट चटकाने होंगे, ताकि लक्ष्य को एक ऐसे दायरे में रोका जा सके जिसे मैच के अंतिम पलों में आसानी से हासिल किया जा सके। यदि सोनल दिनुषा अपना शतक पूरा करने के बाद कुछ और देर क्रीज़ पर टिक जाते हैं, तो भारत के लिए यह मैच जीतना तो दूर, बचाना भी असंभव हो जाएगा।
कोलंबो टेस्ट का यह रोमांचक अंतिम सत्र क्रिकेट प्रेमियों को एक यादगार मुकाबला दे रहा है। देखना यह होगा कि क्या भारतीय गेंदबाजी आक्रमण कोई चमत्कार कर पाता है या फिर श्रीलंका इस मैच में अजेय बढ़त बनाने में कामयाब रहता है
