Breaking
► IND vs SL: श्रीलंका की मजबूत पकड़, सोनल दिनुषा शतक के करीब, बढ़ी टीम इंडिया की मुश्किलें ► प्यार में धोखा और एक ई-मेल ने खोल दी MPSC पेपर लीक की पोल ► नारली पूर्णिमा पर घर बनाएं महाराष्ट्र का पारंपरिक मीठी भात, जानें आसान रेसिपी ► भिलाई में फ्लाईओवर पर घमासान: 500 कारोबारियों के उड़े होश, सांसद के सामने रखी बड़ी मांग ► नेपाल-तिब्बत सीमा पर कुदरत का कहर: हिमनद टूटने से भीषण बाढ़, 1500 लोग लापता और 165 की मौत ► 160 साल पुरानी कंपनी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जानिए क्या है पूरा मामला ► हिमालयी क्षेत्र में जल प्रलय: नेपाल और चीन में 1,500 से अधिक लोग लापता ► IPL 2027: बेन स्टोक्स की होगी धमाकेदार वापसी! ये 4 टीमें लुटाएंगी बेशुमार पैसा ► एशियन गेम्स से पहले बढ़ी भारत-पाकिस्तान की धड़कनें, जापान में कुदरत का कहर और इंतज़ामों ने बढ़ाई टेंशन ► जयपुर में गे-डेटिंग ऐप से हनीट्रैप और लूटपाट, दो शातिर गिरफ्तार ► IND vs SL: श्रीलंका की मजबूत पकड़, सोनल दिनुषा शतक के करीब, बढ़ी टीम इंडिया की मुश्किलें ► प्यार में धोखा और एक ई-मेल ने खोल दी MPSC पेपर लीक की पोल ► नारली पूर्णिमा पर घर बनाएं महाराष्ट्र का पारंपरिक मीठी भात, जानें आसान रेसिपी ► भिलाई में फ्लाईओवर पर घमासान: 500 कारोबारियों के उड़े होश, सांसद के सामने रखी बड़ी मांग ► नेपाल-तिब्बत सीमा पर कुदरत का कहर: हिमनद टूटने से भीषण बाढ़, 1500 लोग लापता और 165 की मौत ► 160 साल पुरानी कंपनी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जानिए क्या है पूरा मामला ► हिमालयी क्षेत्र में जल प्रलय: नेपाल और चीन में 1,500 से अधिक लोग लापता ► IPL 2027: बेन स्टोक्स की होगी धमाकेदार वापसी! ये 4 टीमें लुटाएंगी बेशुमार पैसा ► एशियन गेम्स से पहले बढ़ी भारत-पाकिस्तान की धड़कनें, जापान में कुदरत का कहर और इंतज़ामों ने बढ़ाई टेंशन ► जयपुर में गे-डेटिंग ऐप से हनीट्रैप और लूटपाट, दो शातिर गिरफ्तार

नारली पूर्णिमा पर घर बनाएं महाराष्ट्र का पारंपरिक मीठी भात, जानें आसान रेसिपी

नारली पूर्णिमा पर घर बनाएं महाराष्ट्र का पारंपरिक मीठी भात, जानें आसान रेसिपी

महाराष्ट्र में त्योहारों का रंग हमेशा से ही अनूठा और खास रहा है। बात जब सावन के महीने और समुद्र से जुड़े पर्वों की हो, तो नारली पूर्णिमा का नाम सबसे पहले आता है। इस दिन को कोली समाज और पूरे महाराष्ट्र में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस खास अवसर पर समंदर के देवता वरुण देव को नारियल अर्पित करने की परंपरा है, और इसी परंपरा के नाम पर इस त्योहार का नाम 'नारली पूर्णिमा' पड़ा है।

त्योहारों की रौनक तब तक अधूरी लगती है जब तक घर में कोई विशेष पारंपरिक पकवान न बने। नारली पूर्णिमा के खास मौके पर महाराष्ट्र के लगभग हर घर में 'नारली भात' (Narali Bhat) जरूर बनाया जाता है। यह चावल, ताजे नारियल और गुड़ से तैयार होने वाली एक बेहद स्वादिष्ट और सुगंधित मीठी डिश है। अगर आप भी इस बार कुछ पारंपरिक और अलग मीठा बनाने की सोच रहे हैं, तो नारली भात एक बेहतरीन विकल्प है। आइए जानते हैं इसकी आसान और पारंपरिक रेसिपी।

नारली भात बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

किसी भी पारंपरिक रेसिपी का असली स्वाद तभी आता है जब उसमें सही मात्रा में सामग्रियां डाली जाएं। नारली भात बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा बाजार से लाने की जरूरत नहीं है, ये सभी चीजें आसानी से घर की रसोई में मिल जाती हैं:

  • चावल: 1 कप (बासमती या लंबे दाने वाले चावल)
  • नारियल: 1 कप (ताजा कद्दूकस किया हुआ)
  • गुड़: 3/4 कप (कद्दूकस किया हुआ या बारीक कटा हुआ)
  • शुद्ध घी: 3-4 बड़े चम्मच
  • सूखे मेवे: काजू और किशमिश (अपनी पसंद के अनुसार)
  • खड़े मसाले: 2-3 लौंग, 1 छोटा टुकड़ा दालचीनी, 2-3 हरी इलायची
  • सुगंध और रंग के लिए: थोड़ा सा केसर के धागे (दूध में भिगोए हुए)
  • पानी: आवश्यकतानुसार

नारली भात बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधी

स्टेप 1: चावल को तैयार करना

किसी भी मीठे भात या पुलाव की जान उसके खिले-खिले दाने होते हैं। इसके लिए सबसे पहले चावल को अच्छी तरह से दो-तीन पानी से धो लें। धोने के बाद चावल को करीब 20 से 25 मिनट के लिए पानी में भिगोकर रख दें। तय समय के बाद चावल का सारा पानी छानकर अलग कर लें और चावल को एक प्लेट में फैला दें ताकि उसका अतिरिक्त पानी सूख जाए।

स्टेप 2: चावल को छौंकना और पकाना

अब एक भारी तले की कढ़ाई या पैन लें और उसमें एक बड़ा चम्मच शुद्ध घी गर्म करें। घी गर्म होने पर उसमें लौंग, दालचीनी और इलायची डालें। मसालों की अच्छी खुशबू आने लगे तब इसमें भिगोए हुए चावल डाल दें। चावल को घी के साथ हल्के हाथ से 1-2 मिनट के लिए भून लें। अब इसमें आवश्यकतानुसार पानी, केसर वाला दूध और चुटकी भर नमक मिलाएं। आंच को तेज रखें जब तक कि पानी में उबाल न आ जाए, फिर ढक्कन लगाकर धीमी आंच पर चावल को पूरी तरह पकने तक पकाएं। ध्यान रहे चावल ज्यादा गलने नहीं चाहिए, दाने खिले-खिले होने चाहिए।

स्टेप 3: नारियल और गुड़ का मिश्रण तैयार करना

जब तक चावल पक रहे हैं, एक दूसरी कढ़ाई में थोड़ा सा घी गर्म करें। इसमें काजू और किशमिश डालकर सुनहरा होने तक भून लें और निकाल कर अलग रख लें। अब उसी कढ़ाई में बचा हुआ घी डालें और उसमें ताजा कद्दूकस किया हुआ नारियल और गुड़ मिलाएं। धीमी आंच पर इसे लगातार चलाते हुए पकाएं। कुछ ही देर में गुड़ पिघलने लगेगा और नारियल के साथ मिलकर एक गाढ़ा, खुशबूदार मिश्रण तैयार हो जाएगा। इसे तब तक पकाएं जब तक गुड़ पूरी तरह से घुल न जाए।

स्टेप 4: दोनों को मिलाना

अब समय है इस रेसिपी के सबसे अहम चरण का। जब पके हुए चावल और नारियल-गुड़ का मिश्रण दोनों तैयार हो जाएं, तो पके हुए चावल को नारियल-गुड़ के मिश्रण में डालें। हल्के हाथों से करछी की मदद से इसे ऊपर-नीचे करते हुए मिलाएं, ताकि चावल का एक-एक दाना मीठे और नारियल की चाशनी में लिपट जाए, लेकिन इस बात का खास ख्याल रखें कि चावल के दाने टूटने न पाएं।

स्टेप 5: दम देना और सजाना

सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाने के बाद, कढ़ाई को धीमी आंच पर ढककर 3 से 5 मिनट के लिए रख दें, ताकि सारे फ्लेवर चावल के अंदर तक समा जाएं। आखिर में ऊपर से भुने हुए काजू, किशमिश और थोड़ा सा ताजा कद्दूकस किया हुआ नारियल डालकर इसे गार्निश करें। लीजिए, आपका गरमा-गरम और पारंपरिक महाराष्ट्रियन नारली भात बनकर तैयार है!

नारली भात खाते समय इन बातों का रखें ध्यान

यह पारंपरिक मीठी डिश ऐसी है जिसे आप गरमा-गरम भी परोस सकते हैं और ठंडी होने के बाद भी यह उतनी ही स्वादिष्ट लगती है। महाराष्ट्र में लोग इसे विशेष अवसरों पर भोजन की थाली में मुख्य मिष्ठान के रूप में परोसते हैं। इलायची और केसर कीभीनी-भीनी खुशबू इस डिश के स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है।

तो इस नारली पूर्णिमा पर बाजार की मिलावटी मिठाइयों से दूर रहें और अपने परिवार के साथ घर पर ही इस पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक रेसिपी का आनंद लें। यह न केवल आपके त्योहार के जश्न को बढ़ाएगी, बल्कि आपकी कुकिंग स्किल्स की भी तारीफ करवा देगी।

About the Author

रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

Writer (Local – स्थानीय खबरें)

रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

Read More